नई दिल्ली: भारत सरकार द्वारा हाल ही में घोषित वस्तु एवं सेवा कर (GST) सुधारों से भारतीय अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन आने की उम्मीद है। ये सुधार, जो 22 सितंबर, 2025 से प्रभावी होंगे, विभिन्न क्षेत्रों में GST दरों में कटौती करेंगे, जिससे उपभोक्ताओं और व्यवसायों दोनों को लाभ मिलेगा।
मुख्य GST सुधार और उनका प्रभाव
- दैनिक उपयोग की वस्तुएं और कृषि: दैनिक उपयोग की वस्तुओं, सिलाई मशीनों और उनके पुर्जों पर GST दरों में कमी की गई है। किसानों को ट्रैक्टर, ट्रैक्टर टायर और उनके पुर्जों पर GST में कमी से भी लाभ होगा, जिससे कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
- ऑटोमोबाइल क्षेत्र: यात्री कारों पर GST दर को 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी कंपनियों ने पहले ही 6 सितंबर से अपने SUV मॉडलों पर कीमतों में कटौती की घोषणा कर दी है, जबकि टाटा मोटर्स और टोयोटा जैसी अन्य कंपनियां भी 22 सितंबर से लाभ देने की योजना बना रही हैं।
- स्वास्थ्य सेवा और बीमा: व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसियों को अब GST से पूरी तरह छूट दे दी गई है, जो पहले 18% थी।
- निर्माण और कपड़ा उद्योग: सीमेंट पर GST 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है, और मानव निर्मित वस्त्रों पर 5% कर लगाया जाएगा, जिससे इन उद्योगों में लागत कम होने और प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।
आर्थिक प्रभाव और विशेषज्ञों की राय
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि ये GST सुधार भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 20 लाख करोड़ रुपये का इजाफा कर सकते हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि ये बदलाव मध्यम वर्ग के परिवारों को राहत प्रदान करेंगे और बचत को बढ़ावा देंगे। भारतीय चावल निर्यातक महासंघ के उपाध्यक्ष देव गर्ग ने इन सुधारों को "कर सुधार से कहीं अधिक, एक आर्थिक सुधार" बताया है, जिससे नए विकास के अवसर और रोजगार सृजन होगा। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि ये सुधार व्यवसायों के लिए जटिल अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को सरल बनाएंगे और देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर ले जाएंगे।
अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक खबरें
- विदेशी मुद्रा भंडार: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 29 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 3.5 अरब डॉलर बढ़कर 694 अरब डॉलर हो गया है।
- बाजार की स्थिति: 5 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद हुआ, जिसमें ट्रंप के शुल्कों और विदेशी पूंजी के बहिर्वाह की चिंताओं ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
- कॉर्पोरेट विकास: वेदांता ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के लिए 12,510 करोड़ रुपये की बोली लगाई, जो अडानी सहित अन्य प्रमुख खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष बोलीदाता के रूप में उभरी।
- आगामी IPOs: अर्बन कंपनी, देव एक्सेलेरेटर और श्रृंगार हाउस ऑफ मंगलसूत्र सहित कई कंपनियों के IPO 10 सितंबर, 2025 को लॉन्च होने वाले हैं।
कुल मिलाकर, GST सुधार पिछले 24-48 घंटों की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक खबर है, जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था और विभिन्न उद्योगों पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।