भारत ने पिछले 24-48 घंटों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए हैं, जो देश की आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति की दिशा में एक मजबूत कदम का संकेत देते हैं।
सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2025 में स्टार्टअप्स और आईपी निर्माण की भूमिका पर जोर दिया, जो भारत के सेमीकंडक्टर भविष्य को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने पहले 'मेड-इन-इंडिया' चिप्स भी प्राप्त किए। विवेकानंद एजुकेशन सोसाइटी के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा विकसित 'मेड-इन-इंडिया' चिप को सेमीकॉन इंडिया 2025 में प्रदर्शित किया गया था। भारत और सिंगापुर ने भी सेमीकंडक्टर उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।
गगनयान मिशन की प्रगति
भारत ने 24 अगस्त, 2025 को अपने गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए पैराशूट प्रणाली का सफलतापूर्वक परीक्षण किया, जिसकी रिपोर्ट 3 सितंबर, 2025 को की गई। भारत की योजना 2027 तक अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की है, जिसमें पहला मानव रहित मिशन (G1) इस साल दिसंबर में अपेक्षित है। इसरो ने अपने स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट (SpaDeX) के अनडॉकिंग को भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जो चंद्रयान-4 और गगनयान जैसे मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रोटीन p47 की खोज
भारतीय वैज्ञानिकों ने प्रोटीन p47 की भूमिका को एक यांत्रिक चैपरोन के रूप में खोजा है, जिससे हृदय की मांसपेशियों के विकारों जैसी बीमारियों के लिए नए उपचार विकसित करने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर में मौसम रडार
केंद्रीय विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने घोषणा की कि मिशन मौसम के तहत जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेशों में चार अतिरिक्त रडार स्थापित किए जाएंगे, ताकि अधिक सटीक मौसम पूर्वानुमान और प्रारंभिक चेतावनी प्रदान की जा सके।
स्वदेशी जल-घुलनशील उर्वरक प्रौद्योगिकी
सात वर्षों के गहन शोध के बाद, भारत ने अपनी पहली स्वदेशी जल-घुलनशील उर्वरक प्रौद्योगिकी सफलतापूर्वक विकसित की है। यह उपलब्धि विशेष उर्वरकों में आयात-निर्भर राष्ट्र से निर्यात-प्रभुत्व वाली शक्ति में एक बड़ा बदलाव लाती है।
महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण के लिए प्रोत्साहन योजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने द्वितीयक स्रोतों से महत्वपूर्ण खनिजों को निकालने और उत्पादन करने के लिए पुनर्चक्रण क्षमता को बढ़ावा देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है।
DRDO प्रौद्योगिकी हस्तांतरण
DRDO की रक्षा धातुकर्म अनुसंधान प्रयोगशाला (DMRL) ने रक्षा अनुप्रयोगों के लिए तीन उन्नत सामग्री प्रौद्योगिकियों (रेडोम, स्टील शीट, एचएसएलए स्टील प्लेट) को उद्योग भागीदारों को हस्तांतरित किया है।
भारत-सिंगापुर सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-सिंगापुर साझेदारी के मजबूत स्तंभों के रूप में प्रौद्योगिकी और नवाचार पर प्रकाश डाला। दोनों देशों ने एआई, क्वांटम, डिजिटल प्रौद्योगिकियों और अंतरिक्ष में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।