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September 05, 2025 GST सुधारों से भारतीय अर्थव्यवस्था को मिला 'दीपावली बोनस', विकास और खपत को मिलेगा बढ़ावा

हाल ही में हुई 56वीं GST परिषद की बैठक में व्यापक कर सुधारों को मंजूरी दी गई है, जिसमें कर स्लैब को दो श्रेणियों (18% और 5%) में युक्तिसंगत बनाना और 60 वस्तुओं को GST मुक्त करना शामिल है। ये परिवर्तन 22 सितंबर से प्रभावी होंगे और इन्हें उपभोक्ता खर्च बढ़ाने, मुद्रास्फीति कम करने और समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन सुधारों से FMCG, ऑटोमोबाइल, आवास और MSME जैसे विभिन्न क्षेत्रों को लाभ होने की उम्मीद है, जिससे अमेरिकी शुल्कों के प्रभाव को कम करने में भी मदद मिलेगी। भारतीय रिजर्व बैंक ने भी 5 सितंबर, 2025 के लिए सार्वजनिक अवकाश रद्द कर दिया है, और 8 सितंबर, 2025 को कुछ वित्तीय लेनदेन के लिए अवकाश घोषित किया है।

भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत के लिए पिछले 24 घंटों की सबसे महत्वपूर्ण खबर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) प्रणाली में किए गए व्यापक सुधारों से संबंधित है। 56वीं GST परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिन्हें 'गेम-चेंजर' और भारतीय उपभोक्ताओं के लिए 'दीपावली बोनस' के रूप में देखा जा रहा है।

GST 2.0: व्यापक सुधार और अपेक्षित प्रभाव

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई GST परिषद की बैठक में मौजूदा चार कर स्लैब को दो-स्तरीय प्रणाली - 18% और 5% - से बदलने की मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त, 60 वस्तुओं को GST से पूरी तरह छूट दी गई है, जिससे वे कर-मुक्त हो जाएंगी। ये बदलाव 22 सितंबर, 2025 से प्रभावी होंगे।

इन सुधारों का उद्देश्य उपभोग को बढ़ावा देना, मुद्रास्फीति को कम करना और देश में आर्थिक गतिविधियों को तेज करना है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि GST दरों में कटौती से सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 60 आधार अंकों (bps) तक की वृद्धि हो सकती है और खुदरा मुद्रास्फीति में 100 आधार अंकों तक की कमी आ सकती है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाए गए 50% शुल्कों के प्रभाव को कम करने का प्रयास कर रहा है।

विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव

  • उपभोक्ता और FMCG: कई FMCG उत्पाद अब 5% GST स्लैब में आ गए हैं, जिससे उनकी कीमतें कम होने और मांग बढ़ने की उम्मीद है। रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं, डेयरी उत्पादों और दवाओं पर GST दर में कमी से उपभोक्ताओं को सीधा लाभ होगा।
  • ऑटोमोबाइल: GST दरों में कमी से छोटी और लक्जरी कारों सहित वाहनों की कीमतें कम होने की संभावना है, जिससे पहले खरीदने वाले और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को लाभ होगा।
  • आवास और रियल एस्टेट: सीमेंट, ग्रेनाइट और संगमरमर पर GST कम होने से घर खरीदारों को फायदा होगा। किफायती आवास क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण वृद्धि होने की उम्मीद है।
  • MSMEs: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को कम GST अनुपालन बोझ, तेजी से रिफंड और कम कर दरों से काफी लाभ होगा, जिससे उन्हें विकास, नवाचार और रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।
  • बीमा: 22 सितंबर से जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर GST से पूरी छूट मिलेगी, जिससे परिवारों को राहत मिलेगी और अधिक लोगों को वित्तीय सुरक्षा तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
  • कृषि और मत्स्य पालन: कृषि इनपुट और मत्स्य पालन क्षेत्र पर GST कटौती से इन क्षेत्रों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

अमेरिकी शुल्क और व्यापार

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि GST में कमी से घरेलू बाजार में मांग बढ़ेगी और अमेरिकी शुल्कों के प्रतिकूल प्रभाव को बेअसर करने में मदद मिलेगी। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने भी स्वीकार किया कि अमेरिकी शुल्कों का GDP वृद्धि पर अल्पकालिक प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रभाव कम समय के लिए होगा और GST सुधार खपत को बढ़ावा देंगे।

भारतीय रिजर्व बैंक की घोषणा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 4 सितंबर, 2025 को एक परिपत्र जारी कर 5 सितंबर, 2025 को घोषित सार्वजनिक अवकाश को रद्द कर दिया है। इसके बजाय, महाराष्ट्र सरकार की अधिसूचना के कारण 8 सितंबर, 2025 को सरकारी प्रतिभूतियों, विदेशी मुद्रा और मुद्रा बाजारों में लेनदेन और निपटान के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। 5 सितंबर को अब ये बाजार सामान्य रूप से काम करेंगे।

अन्य आर्थिक खबरें

  • कॉर्पोरेट क्षेत्र का राजस्व भारत की मजबूत GDP वृद्धि से लगातार नौवीं तिमाही में पीछे रहा है।
  • खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने प्राचीन ग्रंथों पर आधारित खाद्य पदार्थों के लिए 'आयुर्वेद आहार' नामक एक नई श्रेणी पेश की है, जो 1 सितंबर से प्रभावी है।
  • सरकार त्योहारों के मौसम में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए ₹24/किलो की दर से प्याज बेच रही है।
  • भारत और सिंगापुर वैश्विक शुल्क उथल-पुथल के बीच व्यापार समझौतों की समीक्षा में तेजी लाएंगे।

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