शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में महत्वपूर्ण चर्चाएँ
चीन के तियानजिन में 25वां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें सदस्य देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शिखर सम्मेलन में भाग लिया। शिखर सम्मेलन में एक SCO विकास बैंक बनाने पर सहमति बनी, जिसका उद्देश्य विकास संबंधी बुनियादी ढाँचे के लिए वित्तपोषण करना है। सीमा पर विश्वास-निर्माण के उपायों का भी प्रस्ताव किया गया ताकि सीमाओं को सहयोग के मंच में बदला जा सके। नेताओं ने स्थायी पश्चिम एशिया शांति के लिए एक न्यायसंगत फिलिस्तीनी समझौते का भी समर्थन किया। इसके अलावा, ईरान के परमाणु प्रतिबद्धताओं और प्रतिबंधों में राहत पर UNSC संकल्प 2231 की पुष्टि की गई। सदस्यों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास को मजबूत करने के लिए तियानजिन घोषणा को भी अपनाया। इस शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई, जिसमें सीमा शांति और सहयोग के विस्तार पर जोर दिया गया।
अफगानिस्तान में शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही
पूर्वी अफगानिस्तान में 6.0 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और हजारों घायल हो गए। यह भूकंप जलालाबाद, नंगरहार प्रांत में आया था। भूकंप के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और भूस्खलन भी हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक सहायता पहुँचाना मुश्किल हो गया है। तालिबान शासन के चार वर्षों ने अफगानिस्तान को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग कर दिया है, और विदेशी सहायता काफी हद तक गायब हो गई है, ऐसे में यह आपदा देश के लिए एक बड़ी चुनौती है।
इजरायल-गाजा संघर्ष जारी
इजरायल ने गाजा शहर में अपने सैन्य अभियान को तेज कर दिया है, जिसमें स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार कम से कम 31 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इजरायली सेना गाजा शहर पर कब्जा करने की अपनी योजना पर आगे बढ़ रही है। उत्तरी गाजा शहर के कई निवासियों को इजरायल द्वारा दक्षिण में जाने का आदेश दिए जाने के बाद अपना घर छोड़कर भागना पड़ा। इस बीच, मानवीय सहायता और कार्यकर्ता ले जा रहा एक नागरिक समुद्री काफिला, ग्लोबल सुमद फ्लोटिला, इजरायली नाकाबंदी को तोड़ने का प्रयास करते हुए भूमध्य सागर के चार शहरों से गाजा की ओर रवाना हुआ।
अमेरिकी आव्रजन नीतियों पर कानूनी घटनाक्रम
संयुक्त राज्य अमेरिका में, एक संघीय न्यायाधीश ने ग्वाटेमाला के अकेले आए नाबालिगों के निर्वासन को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह निर्णय तब आया जब कुछ बच्चे टेक्सास में विमानों में बैठे थे और निर्वासन का इंतजार कर रहे थे। आव्रजन अधिवक्ताओं ने इस फैसले को हिंसा से भाग रहे बच्चों के लिए "जीवन रक्षक सुरक्षा" बताया है। यह घटनाक्रम ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीतियों के लिए एक कानूनी झटका है।