भारत अपने विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिदृश्य को लगातार मजबूत कर रहा है, जिसमें हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण विकास हुए हैं जो देश के भविष्य को आकार देने के लिए तैयार हैं।
राष्ट्रीय बायोफाउंड्री नेटवर्क का शुभारंभ
27 अगस्त, 2025 को विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारत के पहले राष्ट्रीय बायोफाउंड्री नेटवर्क के शुभारंभ की घोषणा की। इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य जैव प्रौद्योगिकी को देश की अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार क्षेत्र का एक प्रमुख प्रेरक बनाना है। इस नेटवर्क में छह संस्थान शामिल होंगे जिनका लक्ष्य बड़े पैमाने पर प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट विकास को आगे बढ़ाना, स्वदेशी बायोमैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ावा देना और जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर पैदा करना है। मंत्रालय ने भारत की बायोइकोनॉमी में उल्लेखनीय वृद्धि पर प्रकाश डाला है, जो 2014 में 10 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2024 तक 165.7 बिलियन डॉलर हो गई है, और 2030 तक 300 बिलियन डॉलर का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रधानमंत्री करेंगे वार्षिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 3 से 5 नवंबर तक भारत मंडपम में उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर केंद्रित एक नए वार्षिक सम्मेलन के पहले संस्करण का उद्घाटन करने की संभावना है। इस सम्मेलन को इस क्षेत्र का एक प्रमुख आयोजन माना जा रहा है, जिसमें नोबेल पुरस्कार विजेता, नवप्रवर्तक और नीति निर्माता एक साथ आएंगे। यह अत्याधुनिक अनुसंधान और गहन तकनीकी सफलताओं को प्रदर्शित करेगा। सम्मेलन में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, उन्नत सामग्री और विनिर्माण, डिजिटल संचार, उभरती कृषि प्रौद्योगिकियां, इलेक्ट्रॉनिक्स और अर्धचालक विनिर्माण सहित 11 विषयगत सत्र होंगे।
वैज्ञानिक प्रगति के लिए 'विज्ञान धारा' योजना का विस्तार
भारत सरकार ने वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'विज्ञान धारा' योजना के लिए आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि की है। बजट आवंटन में 2024-25 के 330.75 करोड़ रुपये से 2025-26 में 1425.00 करोड़ रुपये तक की पर्याप्त वृद्धि देखी गई है। एकीकृत योजना के लिए 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए कुल परिव्यय 10,579.84 करोड़ रुपये है, जो 15वें वित्त आयोग के अनुरूप है। यह वृद्धि राष्ट्रीय प्रगति के आधार के रूप में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2025
हालांकि पिछले 24 घंटों में नहीं, 23 अगस्त, 2025 को दूसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया गया, जो भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के लिए एक महत्वपूर्ण वार्षिक कार्यक्रम है। 2025 के लिए विषय "आर्यभट्ट से गगनयान: प्राचीन ज्ञान से अनंत संभावनाएँ" है, जो भारत की खगोलीय विरासत और भविष्य की मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशनों का जश्न मनाता है। यह दिन 23 अगस्त, 2023 को चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग की याद दिलाता है और युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने का लक्ष्य रखता है।