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August 29, 2025 भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार: अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव और जीडीपी के आंकड़े

पिछले 24 घंटों में भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत की प्रमुख खबरें अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव और वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों के इर्द-गिर्द केंद्रित रही हैं। अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाने से निर्यात क्षेत्र पर चिंता बढ़ गई है, हालांकि भारत सरकार निर्यातकों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठा रही है। वहीं, आज जारी होने वाले जीडीपी आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति का संकेत देंगे, जिसके 6.5% से अधिक रहने का अनुमान है।

भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार के मोर्चे पर पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। इनमें सबसे प्रमुख अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए नए टैरिफ और भारत के जीडीपी आंकड़ों का जारी होना है।

अमेरिकी टैरिफ का भारतीय निर्यात पर प्रभाव

28 अगस्त, 2025 से अमेरिका ने अधिकांश भारतीय वस्तुओं पर 50% का टैरिफ लागू कर दिया है। यह कदम भारत के निर्यात क्षेत्र के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है, खासकर रत्न और आभूषण, कपड़ा, परिधान, समुद्री उत्पाद, कालीन और फर्नीचर जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है। अमेरिकी अधिकारियों ने रूस से तेल खरीद को इस टैरिफ का एक कारण बताया है। इस टैरिफ के कारण पिछले दो सत्रों में शेयर बाजार में तेज गिरावट भी देखी गई है।

भारत सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए सक्रिय है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार निर्यातकों के हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है। वाणिज्य मंत्रालय ने भी इस टैरिफ के असर पर बयान दिया है। भारत अमेरिका के टैरिफ के बावजूद कपड़ा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 40 देशों में एक विशेष अभियान चलाने की योजना बना रहा है।

विशेषज्ञों की राय इस मुद्दे पर बंटी हुई है। कुछ अर्थशास्त्रियों ने अमेरिकी टैरिफ को "आर्थिक ब्लैकमेल" बताया है, लेकिन यह भी कहा है कि यह भारत के लिए आत्मनिर्भर बनने का एक अवसर हो सकता है। वहीं, रघुराम राजन ने इसे भारत के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा है।

जीडीपी आंकड़े और आर्थिक विकास अनुमान

वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े आज (29 अगस्त, 2025) जारी होने वाले हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इस तिमाही के लिए 6.5% की वृद्धि का अनुमान लगाया है। हालांकि, इक्रा (ICRA) ने 6.7%, एसबीआई रिसर्च (SBI Research) ने 6.8% से 7% और रॉयटर्स के सर्वेक्षण ने भी 6.7% की वृद्धि का अनुमान लगाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर शहरी मांग और निजी निवेश की कमी के कारण पिछली तिमाही (7.4%) की तुलना में इस बार विकास दर थोड़ी धीमी रह सकती है।

दीर्घकालिक दृष्टिकोण से, ईवाई (EY) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2038 तक अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण व्यापार समाचार

  • कपास आयात: वैश्विक बाजार में भारतीय कपास की स्थिति मजबूत करने के लिए कपास आयात पर शुल्क-मुक्त छूट दिसंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है।
  • पीएम स्वनिधि योजना: पीएम स्वनिधि योजना की समय सीमा 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दी गई है, और पहली बार के लिए ऋण राशि 10,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दी गई है।
  • एनएएलसीओ निवेश: नेशनल एल्युमिनियम कंपनी (एनएएलसीओ) अगले पांच वर्षों में 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है।
  • सेबी के नियम: सेबी ने मार्जिन ट्रेडिंग के नियमों में ढील दी है और दलालों के लिए नेट वर्थ सर्टिफिकेट जमा करने की समय सीमा बढ़ा दी है।
  • ऑनलाइन गेमिंग: एक ऑनलाइन गेमिंग कंपनी (ए23) ने वास्तविक पैसे वाले ऑनलाइन खेलों पर प्रतिबंध को कर्नाटक उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
  • गेहूं स्टॉक सीमा: त्योहारी सीजन से पहले सरकार ने गेहूं स्टॉक की सीमा घटा दी है।
  • सोना-चांदी के दाम: चांदी ने सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ है, और सोने की कीमतों में भी वृद्धि हुई है।

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