भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिदृश्य में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण विकास हुए हैं, जो देश के अंतरिक्ष अन्वेषण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और उच्च-तकनीकी आत्मनिर्भरता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।
ISRO का गगनयान मिशन: एयर ड्रॉप टेस्ट सफलतापूर्वक संपन्न
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने महत्वाकांक्षी गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। 24 अगस्त, 2025 को श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश में पहला इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-1) सफलतापूर्वक पूरा किया गया। यह परीक्षण गगनयान क्रू मॉड्यूल के लिए डिज़ाइन किए गए पैराशूट सिस्टम की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया था। यह सफल परीक्षण भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका लक्ष्य तीन सदस्यीय दल को तीन दिनों के लिए लगभग 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) में भेजना है। ISRO ने गगनयान मिशन के लिए 'व्योममित्रा' नामक एक मानवरहित रोबोट भी विकसित किया है, जिसे 2025 में अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने से पहले सुरक्षा परीक्षण के लिए भेजा जाएगा।
मारुति-सुजुकी 'ई-विटारा' और लिथियम-आयन बैटरी सुविधा का अनावरण
भारत के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला जब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त, 2025 को अहमदाबाद के हंसलपुर में मारुति-सुजुकी के पहले बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEV) 'ई-विटारा' और एक लिथियम-आयन बैटरी उत्पादन सुविधा का उद्घाटन किया। इस कदम से भारत के EV बाजार में वृद्धि होने और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों की दिशा में देश के संक्रमण में तेजी आने की उम्मीद है।
भारत का डीप-टेक पर जोर और 'वन हेल्थ' पहल
भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए अपनी गहरी-तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दे रहा है। हालांकि, नौकरशाही बाधाएं और फंडिंग अंतराल इस दिशा में चुनौतियां बने हुए हैं। इस बीच, नेशनल वन हेल्थ मिशन के लिए वैज्ञानिक संचालन समिति की तीसरी बैठक 26 अगस्त, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य एक राष्ट्रीय 'वन हेल्थ' ढांचे का निर्माण करना है जो स्वास्थ्य के लिए एक व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा।
भारतीय सेना का साइबर क्वेस्ट
भारतीय सेना, IIT मद्रास और साइबरपीस के सहयोग से, 'इंडियन आर्मी टेरियर साइबर क्वेस्ट 2025' का आयोजन कर रही है, जो AI, मशीन लर्निंग (ML), क्वांटम और ड्रोन तकनीक जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित एक राष्ट्रीय-स्तर की साइबर चुनौती है। यह पहल वास्तविक रक्षा और साइबर सुरक्षा खतरों को संबोधित करने और स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई है।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष विज्ञान संगोष्ठी (NSSS) 2026
ISRO ने 23-27 फरवरी, 2026 के दौरान मेघालय में आयोजित होने वाली 23वीं राष्ट्रीय अंतरिक्ष विज्ञान संगोष्ठी (NSSS) 2026 में भाग लेने के लिए स्नातक और स्नातकोत्तर विज्ञान और प्रौद्योगिकी के छात्रों के लिए एक अवसर की घोषणा की है। यह संगोष्ठी छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी से संबंधित नवीन विचारों पर प्रस्तुतियां देने और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत करने का अवसर प्रदान करेगी।