भारत सरकार ने पिछले 24 घंटों में विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों को आगे बढ़ाया है, जो देश के आर्थिक और सामाजिक विकास पर केंद्रित हैं।
ग्रामीण रोजगार और सामाजिक कल्याण
सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025' (VB-G RAM G) पेश किया है। इस विधेयक का लक्ष्य ग्रामीण परिवारों के लिए गारंटीकृत कार्यदिवसों को 100 से बढ़ाकर 125 करना है। हालांकि, यह एक मांग-आधारित ढांचे से आपूर्ति-आधारित ढांचे में बदलाव का प्रतीक है, जिसमें बजट सीमाएं और राज्यों पर बढ़ी हुई वित्तीय बोझ शामिल है (अधिकांश राज्यों के लिए 60:40 केंद्र-राज्य हिस्सेदारी, पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10)। इस विधेयक को विपक्ष के विरोध का सामना करना पड़ा है, जिसने परामर्श की कमी और महात्मा गांधी के नाम को हटाने का आरोप लगाया है।
इस बदलाव के जवाब में, पश्चिम बंगाल सरकार ने अपनी राज्य रोजगार गारंटी योजना 'कर्मश्री' का नाम बदलकर 'महात्मा श्री' कर दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र द्वारा MGNREGA के लिए धन रोकने का आरोप लगाते हुए महात्मा गांधी का सम्मान करने और लोगों को रोजगार प्रदान करने के लिए यह कदम उठाया है।
सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में, 2026 से राशन कार्ड के नए नियम लागू होंगे, जिसके तहत वैध राशन कार्ड वाले लगभग सभी भारतीय नागरिकों को ₹1,000 का मासिक लाभ मिलेगा। इसका उद्देश्य भोजन और आवश्यक वस्तुओं के लिए सीधे नकद हस्तांतरण प्रदान करके लचीलापन और अपशिष्ट को कम करना है।
आर्थिक सुधार और विकास
संसद ने प्रमुख आर्थिक सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाया है, जिसमें परमाणु उद्योग को निजी फर्मों के लिए खोलना और बीमा कंपनियों में पूर्ण विदेशी स्वामित्व की अनुमति देना शामिल है। इन उपायों का उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना और भारत को अगले दो दशकों में एक विकसित राष्ट्र में बदलना है। 'स्थिर ऊर्जा उपयोग और भारत को बदलने के लिए परमाणु ऊर्जा का संवर्धन विधेयक, 2025' (SHANTI विधेयक) को लोकसभा ने पारित कर दिया है। यह विधेयक परमाणु क्षेत्र के लिए एक नया कानूनी ढांचा तैयार करता है, जो निजी भागीदारी की अनुमति देता है, और सरकार का लक्ष्य 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का उत्पादन करना है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने दिसंबर 2025 की अपनी बैठक में अपनी प्रमुख रेपो दर को 25 आधार अंक घटाकर 5.25% कर दिया है, जिससे इस वर्ष कुल 125 आधार अंकों की कटौती हुई है। RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि अनुमान को भी 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया है।
स्ट्रीट वेंडरों के लिए 'पीएम स्वनिधि' योजना का पुनर्गठन किया गया है और इसकी ऋण अवधि को 31 मार्च, 2030 तक बढ़ा दिया गया है, जिसका लक्ष्य 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ पहुंचाना है। इस योजना की मुख्य विशेषताओं में बढ़ी हुई ऋण राशि (पहली किश्त के लिए ₹15,000 तक, दूसरी के लिए ₹25,000 और तीसरी के लिए ₹50,000), UPI-लिंक्ड RuPay क्रेडिट कार्ड का प्रावधान और डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन शामिल हैं। इसका कवरेज सांविधिक कस्बों से आगे बढ़कर जनगणना कस्बों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक बढ़ाया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 'प्रौद्योगिकी इनक्यूबेशन और उद्यमियों का विकास 2.0 (TIDE 2.0)' योजना के तहत 1,706 स्टार्टअप को सहायता प्रदान की गई है, जो देशभर में इनक्यूबेटरों के माध्यम से प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है।
शहरी विकास और गतिशीलता
गुजरात के मुख्यमंत्री ने 'शहरी विकास वर्ष 2025' के अवसर पर विभिन्न शहरी विकास परियोजनाओं के लिए ₹2,800 करोड़ वितरित किए हैं। इन परियोजनाओं में स्मार्ट शहर, हरित विकास, हरित गतिशीलता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसका लक्ष्य 2035 तक राज्य के शहरों को सबसे सुसज्जित शहरों में विकसित करना है।
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने 'प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0)' के लिए एक अंतिम-मील आउटरीच अभियान 'अंगीकार 2025' शुरू किया है, जो 4 सितंबर से 31 दिसंबर, 2025 तक चलेगा। इसका उद्देश्य योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाना, आवेदनों के सत्यापन में तेजी लाना और स्वीकृत घरों के पूरा होने में सुविधा प्रदान करना है। यह अभियान 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के लाभों को भी बढ़ावा देता है।
सरकार ने 'भारत टैक्सी' लॉन्च की है, जो एक सहकारी-आधारित, ड्राइवर-स्वामित्व वाली राइड-हेलिंग पहल है। इसका उद्देश्य भारत के राइड-हेलिंग क्षेत्र में एक निष्पक्ष और पारदर्शी विकल्प प्रदान करना है। दिल्ली सरकार अगले वित्तीय वर्ष से एक नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति लागू करेगी, जिसमें वायु प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी, वाहन स्क्रैपेज प्रोत्साहन और पड़ोस-स्तर पर चार्जिंग सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
अन्य सामाजिक कल्याण और शासन
लोकसभा में 'केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025' और 'स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक' पारित किए गए हैं। ये विधेयक तंबाकू, सिगरेट और पान मसाला पर शुल्क बढ़ाते हैं, जिसका उपयोग सामाजिक भलाई के लिए कराधान के एक उपकरण के रूप में किया जाता है। भारत ने 2035 तक GDP की उत्सर्जन तीव्रता में 65% की कमी और 2035 तक ~80% गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ एक सात-स्तंभ वाली जलवायु रणनीति की रूपरेखा भी तैयार की है।