भारत ने पिछले 24 घंटों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जो देश के तकनीकी विकास और नवाचार को प्रदर्शित करती हैं।
अंतरिक्ष क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति
- गगनयान मिशन के लिए ड्रोग पैराशूट का सफल परीक्षण: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन, गगनयान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ISRO ने 18 और 19 दिसंबर, 2025 को चंडीगढ़ स्थित DRDO की टर्मिनल बैलिस्टिक रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) की रेल ट्रैक रॉकेट स्लेड (RTRS) सुविधा में क्रू मॉड्यूल के लिए ड्रोग पैराशूट तैनाती योग्यता परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इन परीक्षणों ने विभिन्न उड़ान स्थितियों में ड्रोग पैराशूट के प्रदर्शन और विश्वसनीयता की पुष्टि की, जो मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए पैराशूट सिस्टम को योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गगनयान के मंदन तंत्र में चार प्रकार के कुल 10 पैराशूट शामिल होते हैं।
- ISRO LVM3-M6 मिशन: ISRO का LVM3-M6 मिशन 24 दिसंबर, 2025 को सुबह 8:54 बजे श्रीहरिकोटा से लॉन्च होने वाला है। यह मिशन अमेरिकी कंपनी AST SpaceMobile के ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को ले जाएगा, जिसका उद्देश्य सामान्य स्मार्टफोन को अंतरिक्ष से सीधे ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना है। यह LVM3 का छठा ऑपरेशनल मिशन और अब तक का सबसे भारी वाणिज्यिक पेलोड होगा।
रक्षा प्रौद्योगिकी में नवाचार
- नौसेना के लिए DRDO का 50 किलोवॉट लेजर हथियार: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) भारतीय नौसेना के फ्रंटलाइन युद्धपोतों पर अपनी स्वदेशी 50 किलोवॉट उच्च-ऊर्जा लेजर प्रणाली को तेजी से तैनात करने की तैयारी कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ड्रोन और कामिकाजे जैसे नए खतरों से जहाजों की सुरक्षा करना है। इस प्रणाली की तैनाती 2027 से शुरू होने की उम्मीद है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कौशल विकास
- भारत के AI गवर्नेंस दिशानिर्देश: भारत सरकार ने 5 नवंबर, 2025 को अपने AI गवर्नेंस दिशानिर्देश जारी किए। ये दिशानिर्देश देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित, जिम्मेदार और समावेशी विकास को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय ढांचा प्रदान करते हैं। यह दृष्टिकोण उच्च-जोखिम वाले AI प्रणालियों के अनियंत्रित उपयोग की अनुमति नहीं देता और जोखिम-आधारित, साक्ष्य-आधारित तथा आनुपातिक शासन दृष्टिकोण को अपनाता है।
- IBM की भारतीय युवाओं के लिए प्रशिक्षण पहल: IBM ने 2030 तक AI, साइबर सुरक्षा और क्वांटम प्रौद्योगिकियों में 5 मिलियन भारतीय युवाओं को प्रशिक्षित करने की योजना की घोषणा की है। यह पहल भारत के डिजिटल साक्षरता और तत्परता को बढ़ाने के उद्देश्य के अनुरूप है।
- ओडिशा में क्षेत्रीय AI प्रभाव सम्मेलन: ओडिशा ने 19-20 दिसंबर, 2025 को एक क्षेत्रीय AI प्रभाव सम्मेलन की मेजबानी की, जिसका मुख्य ध्यान शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में AI पर था। राज्य सरकार ओडिशा AI नीति 2025 विकसित कर रही है और AI उपकरणों का उपयोग करके उड़िया भाषा को बढ़ावा देने की योजना बना रही है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमिता को बढ़ावा
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) की पहल: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) और अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन (NM-ICPS) जैसी विभिन्न राष्ट्रीय पहलों के माध्यम से उच्च स्तरीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमिता को बढ़ावा दे रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान, क्वांटम कंप्यूटिंग, संचार, सेंसिंग और मेट्रोलॉजी, तथा सामग्री और उपकरणों के लिए चार विषयगत हब (T-Hubs) स्थापित किए गए हैं।