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December 16, 2025 भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार समाचार: 15-16 दिसंबर, 2025

पिछले 24 घंटों में भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत से कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। नवंबर में भारत का निर्यात तीन साल से अधिक समय में सबसे तेज गति से बढ़ा, जिससे व्यापार घाटा कम हुआ। विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय इक्विटी से महत्वपूर्ण निकासी देखी गई, जिसके कारण रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। सरकार ने MGNREGA योजना में बदलाव किए और कोपरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी दी। भारत डेटा केंद्रों के लिए एक पसंदीदा केंद्र के रूप में उभर रहा है, जिसमें प्रमुख तकनीकी कंपनियों से बड़े निवेश आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, भारत और फ्रांस ने अपने द्विपक्षीय कर संधि को आधुनिक बनाने पर सहमति व्यक्त की है, और भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार तेजी से बढ़ रहा है।

1. व्यापार और निर्यात में वृद्धि:

  • नवंबर 2025 में भारत का निर्यात 19.4% बढ़कर 38.1 बिलियन डॉलर हो गया, जो तीन वर्षों में सबसे तेज वृद्धि है। यह वृद्धि अमेरिका और चीन को मजबूत शिपमेंट के कारण हुई।
  • आयात में 2% की गिरावट के साथ, व्यापार घाटा घटकर 24.6 बिलियन डॉलर हो गया, जो जून के बाद का सबसे निचला स्तर है। एक अन्य रिपोर्ट में यह आंकड़ा 6.6 बिलियन डॉलर बताया गया है।
  • इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, रत्न और आभूषण, फार्मा, रसायन और तेल उत्पादों जैसे प्रमुख क्षेत्रों ने निर्यात वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
  • चीन को भारत का निर्यात अप्रैल-नवंबर 2025 के दौरान 32.83% बढ़ा, जो 12.22 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।

2. निवेश और वित्तीय बाजार:

  • दिसंबर 2025 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी से ₹17,955 करोड़ की महत्वपूर्ण निकासी की, जिससे वर्ष 2025 के लिए कुल बहिर्प्रवाह ₹1.6 लाख करोड़ हो गया। यह मुद्रा दबाव, वैश्विक दर संबंधी चिंताओं और मूल्यांकन तुलनाओं के कारण हुआ।
  • भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर (90.74/90.79) पर आ गया, जो भारत-अमेरिका व्यापार समझौतों में अनिश्चितताओं और विदेशी फंड बहिर्प्रवाह से प्रभावित था।
  • जापान का मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप (MUFG) भारत के श्रीराम फाइनेंस में लगभग 20% हिस्सेदारी (3.2 बिलियन डॉलर से अधिक) खरीदने के करीब है, जो भारत के वित्तीय क्षेत्र में बढ़ते विदेशी निवेश को दर्शाता है।

3. सरकारी नीतियां और पहल:

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का नाम बदलकर 'पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना' करने और गारंटीकृत रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 प्रति वर्ष करने वाले विधेयक को मंजूरी दी।
  • केंद्रीय आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने 2026 सीज़न के लिए कोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी दी, मिलिंग कोपरा के लिए ₹12,027 प्रति क्विंटल और बॉल कोपरा के लिए ₹12,500 प्रति क्विंटल तय किया।
  • यूपीएससी (UPSC) ने बेंचमार्क विकलांगता वाले व्यक्तियों (PwBD) के लिए परीक्षा केंद्रों की पसंद सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है, ताकि पहुँच में सुधार हो सके।

4. बुनियादी ढांचा और प्रौद्योगिकी:

  • केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत अपनी मजबूत 500 GW राष्ट्रीय पावर ग्रिड के कारण डेटा केंद्रों के लिए एक पसंदीदा केंद्र के रूप में उभर रहा है। गूगल (अडानी समूह के साथ साझेदारी में), अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) और माइक्रोसॉफ्ट जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियां भारत के AI और डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर में अरबों का निवेश कर रही हैं।
  • माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने महाराष्ट्र पुलिस के लिए 'महाक्राइमओएस एआई' (MahaCrimeOS AI) नामक एक AI-संचालित अपराध जांच मंच लॉन्च किया, जिसे MARVEL और CyberEye के साथ मिलकर विकसित किया गया है।
  • भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार तेजी से बढ़ रहा है, विशेषकर दोपहिया और तिपहिया वाहनों में, जो FY24-25 में 2 मिलियन से अधिक EV बिक्री के साथ अधिकांश बिक्री का गठन करते हैं।

5. आर्थिक संकेतक और अंतर्राष्ट्रीय संबंध:

  • नोमूरा (Nomura) का अनुमान है कि प्रतिकूल आधार प्रभावों और खाद्य अपस्फीति के क्रमिक रूप से समाप्त होने के कारण दिसंबर में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 1.5% हो जाएगी, और FY26 में औसतन 1.9% रहेगी।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की 8.2% जीडीपी वृद्धि और सॉवरेन रेटिंग अपग्रेड का हवाला देते हुए "मृत अर्थव्यवस्था" के टैग का खंडन किया, जो भारत के मजबूत आर्थिक प्रदर्शन को दर्शाता है।
  • भारत और फ्रांस ने अपनी द्विपक्षीय कर संधि को आधुनिक बनाने पर सहमति व्यक्त की है, जिससे भारतीय सहायक कंपनियों में बहुसंख्यक हिस्सेदारी वाली फ्रांसीसी मूल कंपनियों के लिए लाभांश पर कर का बोझ कम होगा, जबकि भारत को फ्रांसीसी निवेशकों से पूंजीगत लाभ पर कर लगाने का अधिकार मिलेगा।

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