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December 15, 2025 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम अपडेट्स (14-15 दिसंबर 2025)

पिछले 24-48 घंटों में भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गगनयान मिशन के तहत पहले मानवरहित परीक्षण उड़ान की तैयारी तेज कर दी है, जो जल्द ही होने की उम्मीद है। भारत की जैव-अर्थव्यवस्था में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है, जो 2024 में 165.7 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है और 2047 तक 1.2 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 के ग्रैंड फिनाले आयोजित किए गए और भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF 2025) सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो नवाचार और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित था। साइबर सुरक्षा और अनुसंधान एवं विकास (R&D) में भी भारत की प्रगति जारी है।

भारत ने पिछले 24-48 घंटों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण गतिविधियों और घोषणाओं के साथ अपनी प्रगति जारी रखी है। ये अपडेट्स देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम, जैव-अर्थव्यवस्था, नवाचार मंचों और साइबर सुरक्षा पहलों को दर्शाते हैं।

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में मील के पत्थर

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लिए वर्ष 2025 ऐतिहासिक रहा है, जिसमें संगठन ने 200 महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक में महारत हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है। गगनयान मिशन के तहत पहले मानवरहित परीक्षण प्रक्षेपण की तैयारी तेजी से चल रही है, जिसके दिसंबर 2025 या 2026 की पहली छमाही में होने की उम्मीद है। यह 2027 में निर्धारित भारत के मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन की उलटी गिनती का संकेत देगा। इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने बताया कि यह परीक्षण दिसंबर में हो सकता है, हालांकि तारीखों को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इस मिशन में 'व्योममित्र' नामक एक रोबोट को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 2033 तक 5 गुना से अधिक बढ़कर 44 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें स्टार्टअप्स की संख्या 400 तक पहुंच गई है।

जैव-अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व वृद्धि

भारत की जैव-अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है, जो 2014 में 10 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2024 में 165.7 बिलियन डॉलर हो गई है। इसका लक्ष्य 2030 तक 300 बिलियन डॉलर और 2047 तक 1.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचना है। 'जैव-अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यावरण के लिए जैव प्रौद्योगिकी' (BioE3) नीति इस वृद्धि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जो अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करती है। भारत बायोटेक नवाचार का एक वैश्विक केंद्र बन गया है, जिसमें 2025 तक बायोटेक स्टार्टअप्स की संख्या 9,000 के करीब पहुंच गई है।

नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा

  • भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF 2025): 6 से 9 दिसंबर 2025 तक पंचकूला, हरियाणा में 11वें भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF 2025) का आयोजन किया गया। इसका विषय "विज्ञान से समृद्धि: आत्मनिर्भर भारत के लिए" था, जो आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय विकास और आर्थिक विकास के लिए विज्ञान के उपयोग पर केंद्रित था।
  • स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जम्मू ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 के सॉफ्टवेयर संस्करण के ग्रैंड फिनाले की मेजबानी की, जबकि IIT खड़गपुर ने हार्डवेयर संस्करण की मेजबानी की। ये आयोजन 8 से 12 दिसंबर, 2025 के बीच हुए, जिसका उद्देश्य छात्रों के बीच रचनात्मकता और समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा देना था।
  • उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC 2025): प्रधानमंत्री ने इस सम्मेलन में भारत के अनुसंधान एवं विकास (R&D) व्यय में वृद्धि, पेटेंट की संख्या में 17 गुना वृद्धि और स्टार्टअप इकोसिस्टम में भारत के तीसरे सबसे बड़े स्थान पर प्रकाश डाला। उन्होंने एक नए राष्ट्रीय R&D फंड की भी घोषणा की, जो उच्च जोखिम वाले और उच्च प्रभाव वाले शोधों का समर्थन करेगा।

साइबर सुरक्षा और अन्य पहलें

भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (CERT-In) ने 12 दिसंबर 2025 को विदेशी मीडिया प्रतिनिधियों के लिए एक साइबर सुरक्षा परिचय यात्रा और संवादात्मक सत्र का आयोजन किया। इस सत्र में भारत के साइबर सुरक्षा ढांचे और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) व साइबर सुरक्षा समाधानों में प्रगति पर चर्चा हुई। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) ने भी 12 दिसंबर, 2025 को विदेशी मीडिया प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की, जिसमें भारत की विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रगति, मिशन-उन्मुख दृष्टिकोण और वैश्विक सहयोग पर जोर दिया गया।

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