अर्थव्यवस्था और विकास
मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने हाल ही में कहा है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। उन्होंने भारत की लगभग 6.5 प्रतिशत की मजबूत विकास दर, बेहतर वित्तीय स्थिति, मजबूत घरेलू मांग और लगातार हो रहे संरचनात्मक सुधारों का हवाला दिया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, नागेश्वरन ने कहा कि भारत लंबी अवधि में टिकाऊ विकास के लिए अच्छी स्थिति में है, जिसमें प्रौद्योगिकी का बढ़ता उपयोग, बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास और युवा आबादी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। BSE इंडिया के एमडी और सीईओ सुंदरारमन राममूर्ति ने भी भारत की आर्थिक मजबूती और पूंजी बाजार की ताकत को रेखांकित किया, यह कहते हुए कि सरकार के सकारात्मक और दूरदर्शी फैसलों ने देश की आर्थिक नींव को मजबूत किया है।
S&P ने 2024-25 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 6.8% कर दिया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। इसके साथ ही, ग्रामीण भारत अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, जिसमें खपत में वृद्धि, ग्रामीण गरीबी में कमी और साहूकारों पर निर्भरता में कमी देखी गई है। 2024-25 में भारत का खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 35.77 करोड़ टन तक पहुंच गया है। भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है, जो उम्मीदों से अधिक है।
व्यापार और वित्त
दिसंबर 2025 के पहले दो हफ्तों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 17,955 करोड़ रुपये निकाले हैं, जिससे 2025 में कुल निकासी 1.6 लाख करोड़ रुपये हो गई है। हालांकि, घरेलू निवेशक सक्रिय रूप से खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार को स्थिरता मिल रही है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 90.5175 पर पहुंच गया है, जिसका एक कारण भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के मार्च 2026 तक टलने की खबरें हैं।
IPO बाजार में भी हलचल है, जिसमें 22 दिसंबर, 2025 को ₹70 के प्राइस बैंड के साथ एक नया IPO खुलने वाला है। एक अन्य IPO को 144 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है और यह 15 दिसंबर को लिस्ट होने वाला है। KSH इंटरनेशनल का IPO 16 दिसंबर को खुलेगा। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपनी विशेष FD योजना "अमृत वृष्टि" पर ब्याज दरों में कटौती की है, जो 15 दिसंबर, 2025 से प्रभावी हो गई है। 14 दिसंबर, 2025 को वैश्विक इस्पात की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई, जबकि चीन में मांग संबंधी चिंताओं के कारण घरेलू कीमतें स्थिर रहीं ।
अंतर्राष्ट्रीय संबंध और व्यापार
मैक्सिको ने भारत सहित उन देशों के उत्पादों पर 50% टैरिफ बढ़ाने की घोषणा की है जिनके साथ उसका मुक्त व्यापार समझौता नहीं है। यह टैरिफ 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगा। भारत ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है और अपने निर्यातकों के हितों की रक्षा के लिए उचित उपाय करने की चेतावनी दी है, साथ ही राजनयिक समाधान भी तलाश रहा है। इस कदम से भारत का लगभग ₹80,000 करोड़ का निर्यात प्रभावित हो सकता है।
उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना ने भारत की विनिर्माण क्षमता और निर्यात प्रदर्शन को मजबूत किया है। अप्रैल से अक्टूबर 2025 के दौरान, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के व्यापारिक निर्यात ने मजबूत प्रदर्शन किया है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से MSMEs का समर्थन करने के लिए निर्यात संवर्धन मिशन (EPM) को भी मंजूरी दी गई है।
सामाजिक कल्याण और अन्य
14 दिसंबर, 2025 को भारत में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया गया, जिसमें ऊर्जा दक्षता और संरक्षण के प्रयासों पर जोर दिया गया। भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता अब 50% से अधिक गैर-जीवाश्म स्रोतों तक पहुंच गई है। 8वें वेतन आयोग के संबंध में चर्चाएं चल रही हैं, जिसे 7वें वेतन आयोग की 10 साल की अवधि 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त होने के बाद लागू किए जाने की उम्मीद है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 1 अप्रैल, 2026 से चालू खाते के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव लागू करेगा, जो ₹10 करोड़ या उससे अधिक के बैंक ऋण वाली कंपनियों और व्यवसायों को प्रभावित करेगा।