भारत सरकार ने पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों से संबंधित अपडेट जारी किए हैं, जो देश के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को आकार दे रहे हैं। ये अपडेट विभिन्न क्षेत्रों जैसे ऊर्जा, श्रम, प्रौद्योगिकी और अर्थव्यवस्था को कवर करते हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति: पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा फरवरी 2024 में शुरू की गई 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस योजना का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 तक 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सौर प्रणाली स्थापित करना है। एक संसदीय स्थायी समिति ने जून 2025 तक इसकी धीमी प्रगति पर प्रकाश डाला था, जिसमें 16 लाख रूफटॉप सौर इकाइयाँ लगाई गई थीं, जो लक्ष्य का 16% था। हालांकि, सरकार का दावा है कि 24 लाख घरों (लक्ष्य का 24%) को इस योजना का लाभ मिला है। यह योजना प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करती है और 40% तक सब्सिडी के साथ-साथ संपार्श्विक-मुक्त, कम ब्याज वाले ऋण भी उपलब्ध कराती है। इसका उद्देश्य 30 गीगावाट सौर क्षमता जोड़ना, लगभग 1.7 मिलियन प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना और 25 वर्षों में 720 मिलियन टन CO2 उत्सर्जन को कम करना है, जो भारत के COP26 लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण है।
श्रम सुधार और सामाजिक सुरक्षा
भारत सरकार ने 21 नवंबर, 2025 को चार श्रम संहिताओं (मजदूरी संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता, और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता) को लागू किया है। इन सुधारों में गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को औपचारिक पहचान प्रदान की गई है, जिससे उन्हें सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त होंगे, जिसमें जीवन और विकलांगता कवर, स्वास्थ्य और मातृत्व लाभ, पेंशन और दुर्घटना बीमा शामिल हैं। एग्रीगेटर्स को अब अपने वार्षिक टर्नओवर का 1-2% सामाजिक सुरक्षा कोष में योगदान करना होगा। 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' का उद्देश्य विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने के साथ सभी क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है, जिसका परिव्यय ₹99,446 करोड़ है और इसका लक्ष्य 2 वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियाँ सृजित करना है।
प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स और नवाचार को बढ़ावा
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान करने में सक्रिय रूप से शामिल है। DST ने NIDHI कार्यक्रम के माध्यम से अकादमिक इनक्यूबेटरों को लगभग ₹1400 करोड़ प्रदान किए हैं, जिससे 12,000 से अधिक स्टार्टअप्स को लाभ हुआ है। सरकार ने एक नई अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) योजना भी शुरू की है, जिसका कुल परिव्यय 6 वर्षों में ₹1 लाख करोड़ है। इस योजना का उद्देश्य निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाना और गहन प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स का समर्थन करना है। राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) और अंतरविषयक साइबर भौतिक प्रणाली पर राष्ट्रीय मिशन (NM-ICPS) भी क्वांटम प्रौद्योगिकी और उन्नत तकनीकी क्षेत्रों में स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता और सहायता प्रदान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय दिसंबर 2025 में डिजिटल परिवर्तन और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है, जिसमें डिजिटल अर्थव्यवस्था मंच और टेकफेस्ट 2025 शामिल हैं।
आर्थिक नीति और वित्तीय मामले
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 3-5 दिसंबर, 2025 को अपनी बैठक में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए रेपो दर को घटाकर 5.25% कर दिया है। आरबीआई ने तरलता प्रबंधन और रुपये को स्थिर करने के लिए ₹1 लाख करोड़ के ओपन मार्केट ऑपरेशंस (OMO) और $5 बिलियन के तीन वर्षीय डॉलर-रुपया बाय/सेल स्वैप की भी घोषणा की है। एशियाई विकास बैंक (ADB) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.2% कर दिया है, जो मजबूत निजी खपत और कम मुद्रास्फीति के कारण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बात पर जोर दिया है कि भारत "हाई ग्रोथ और लो इन्फ्लेशन" के साथ एक "ग्लोबल ग्रोथ इंजन" के रूप में उभर रहा है।
नागरिकों के लिए कल्याणकारी पहल
अक्टूबर 2025 में शुरू की गई 'आपका पैसा, आपका अधिकार' पहल का उद्देश्य बैंकों, बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंडों में पड़े बिना दावे वाले धन को उनके वास्तविक मालिकों तक वापस पहुंचाना है। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, इस पहल के तहत अब तक ₹2000 करोड़ से अधिक की राशि वापस की जा चुकी है, और इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए विभिन्न पोर्टल स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, ECHS (पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना) ने 15 दिसंबर, 2025 से केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) की नई पैकेज दरों को अपनाने का फैसला किया है, जिससे सरकारी कर्मचारियों को उपचार, निदान और प्रतिपूर्ति के लिए राहत मिलेगी।