भारत ने पिछले 24 घंटों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण अपडेट दर्ज किए हैं, जो देश के नवाचार और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित हैं।
जीन संपादन में नई क्रांति: 'ग्लोकैस9' प्रोटीन
कोलकाता स्थित बोस इंस्टीट्यूट के भारतीय वैज्ञानिकों ने 'ग्लोकैस9' नामक एक नए CRISPR प्रोटीन का आविष्कार किया है। यह प्रोटीन जीन संपादन की प्रक्रिया के दौरान चमकता है, जिससे वैज्ञानिकों को जीवित कोशिकाओं के भीतर Cas9 एंजाइम की गतिविधि को वास्तविक समय में ट्रैक करने में मदद मिलती है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, यह सफलता आनुवंशिक रोगों और कैंसर के उपचार में महत्वपूर्ण सुधार लाने की क्षमता रखती है, क्योंकि यह जीन थेरेपी को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाने में सहायक होगी।
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन का विस्तार
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के तहत भारत भर में 37 सुपरकंप्यूटर तैनात किए गए हैं, जिनकी कुल कंप्यूटिंग क्षमता अब 40 पेटाफ्लॉप्स तक पहुँच गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्यान्वित इस मिशन का उद्देश्य उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है। इन सुपरकंप्यूटरों का उपयोग दवा खोज, आपदा प्रबंधन, जलवायु मॉडलिंग और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग जैसे विभिन्न अनुसंधान क्षेत्रों में 13,000 से अधिक शोधकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है।
DRDO की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियाँ
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने भारतीय सशस्त्र बलों को सात स्वदेशी प्रौद्योगिकियाँ सौंपी हैं। टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (TDF) योजना के तहत विकसित इन प्रौद्योगिकियों का उद्देश्य भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाना और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। इनमें एयरबोर्न जैमर के लिए उच्च-वोल्टेज बिजली आपूर्ति और नौसैनिक संचालन के लिए ज्वार-कुशल गैंगवे जैसी प्रणालियाँ शामिल हैं।
भारत के AI भविष्य में माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा निवेश
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने भारत के AI-संचालित भविष्य के लिए कंपनी की महत्वपूर्ण निवेश योजनाओं पर चर्चा की। माइक्रोसॉफ्ट पुणे, चेन्नई और मुंबई में डेटा सेंटर स्थापित कर रहा है, और हैदराबाद में 2026 के मध्य तक अपना "इंडिया साउथ सेंट्रल क्लाउड रीजन" शुरू करने की योजना बना रहा है। 2030 तक कुल $17.5 बिलियन के इस निवेश का लक्ष्य भारत के लिए AI बुनियादी ढाँचा और स्वायत्त क्षमताएँ बनाना है।
भारतीय कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारतीय कृषि को बदल रहा है, जिसमें किसान ई-मित्र जैसे आवाज-आधारित चैटबॉट, कीट निगरानी प्रणाली और AI-आधारित स्थानीय मानसून पूर्वानुमान जैसी स्मार्ट समाधान शामिल हैं। खरीफ 2025 के लिए 13 राज्यों में एक पायलट परियोजना से पता चला है कि 31-52% किसानों ने AI पूर्वानुमानों के आधार पर अपने बुवाई के निर्णयों में सुधार किया। इन तकनीकों से फसल सुरक्षा, उत्पादकता और किसानों की आजीविका में सुधार हुआ है।
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का कोलकाता दौरा
अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से लौटने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कोलकाता का दौरा किया। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष भौतिकी केंद्र में छात्रों के साथ बातचीत की और "अंतरिक्ष में मेरा अनुभव - अंतिम सीमा" शीर्षक से एक चर्चा में भाग लिया, जिससे युवा पीढ़ी में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा को बढ़ावा मिला।
समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण पर भारत-यूरोपीय संघ आइडियाथॉन
समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए भारत-यूरोपीय संघ (EU) आइडियाथॉन भुवनेश्वर में संपन्न हुआ। इस आयोजन ने हरित और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों पर भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) कार्य समूह 2 के तहत प्रारंभिक चरण के नवाचारों को बढ़ावा दिया, जिसमें समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
परमाणु ऊर्जा उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि
भारत का परमाणु ऊर्जा उत्पादन अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है। परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) ने एक वित्तीय वर्ष में पहली बार 50 बिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का मील का पत्थर पार किया है। विभाग परमाणु ऊर्जा उत्पादन, क्षमता निर्माण और स्वास्थ्य सेवा, खाद्य सुरक्षा तथा जल प्रबंधन जैसे सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए विकिरण प्रौद्योगिकी अनुप्रयोगों में अनुसंधान जारी रखे हुए है।
प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स को सहायता
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स को सक्रिय रूप से सहायता दे रहा है। अंतरविषयक साइबर-फिजिकल सिस्टम्स पर राष्ट्रीय मिशन (NM-ICPS) के तहत 25 प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (TIH) स्थापित किए गए हैं, जिनसे 800 से अधिक स्टार्टअप्स को लाभ हुआ है। ये केंद्र AI, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, IoT और साइबर सुरक्षा जैसे उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान करते हैं।