भारत सरकार ने पिछले 24 घंटों में विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण नीतियों और योजनाओं को अधिसूचित किया है, जिसमें आर्थिक स्थिरता, कृषि आत्मनिर्भरता, निर्यात प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा शामिल है। इन पहलों का उद्देश्य देश के आर्थिक विकास को गति देना और नागरिकों के कल्याण में सुधार करना है।
आर्थिक नीति: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति में कटौती
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 3 से 5 दिसंबर, 2025 के बीच अपनी 58वीं बैठक में सर्वसम्मति से रेपो दर में 25 आधार अंकों (0.25%) की कटौती कर इसे 5.25% कर दिया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अन्य नीतिगत दरों को भी समायोजित किया गया, जिसमें SDF 5.00% और MSF/बैंक दर 5.50% निर्धारित की गई। यह निर्णय ऐतिहासिक रूप से कम मुद्रास्फीति और वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2% की मजबूत जीडीपी वृद्धि को देखते हुए लिया गया है, हालांकि विकास दर में धीमी गति के शुरुआती संकेत भी मिले थे। इस कटौती से ऋण सस्ता होने, निवेश बढ़ने और आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है। आरबीआई ने 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.3% कर दिया है। यह 2025 में चौथी दर कटौती है, जिससे कुल कटौती 125 आधार अंक हो गई है। आरबीआई के गवर्नर ने जनवरी से लंबित शिकायतों को हल करने के लिए आरबीआई लोकपाल के साथ एक दो महीने के अभियान की भी घोषणा की।
कृषि: दलहन आत्मनिर्भरता मिशन
सरकार ने अक्टूबर 2025 में 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' नामक एक केंद्रीय क्षेत्र योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य 2025-26 से 2030-31 तक छह साल की अवधि में 11,440 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ दालों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है। इस मिशन का लक्ष्य 2030-31 के अंत तक कुल दलहन उत्पादन को 350 लाख टन तक पहुंचाकर दालों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है। इसमें तुअर, उड़द और मसूर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसमें जलवायु-अनुकूल बीज, खेती के क्षेत्र में वृद्धि और फसल के बाद के प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। यह मिशन प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत मूल्य समर्थन योजना (PSS) के मानदंडों के अनुसार NAFED और NCCF द्वारा चार साल के लिए सुनिश्चित खरीद का भी समर्थन करता है।
अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था: निर्यात संवर्धन मिशन
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2030-31 तक 25,060 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ एक निर्यात संवर्धन मिशन (EPM) को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है, विशेष रूप से MSME, पहली बार निर्यात करने वालों और श्रम-गहन क्षेत्रों के लिए। इसके अतिरिक्त, निर्यातकों के लिए एक ऋण गारंटी योजना शुरू की गई है, जो पात्र निर्यातकों, जिसमें MSME भी शामिल हैं, को 20,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त ऋण सुविधाएं प्रदान करेगी। ECGC ने 1 जुलाई, 2025 से MSE निर्यातकों के लिए ₹10 करोड़ तक की निर्यात ऋण कार्यशील पूंजी सीमा के लिए 'संपार्श्विक-मुक्त कवर' योजना भी शुरू की है।
सामाजिक कल्याण और रोजगार: SPREE 2025 और उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन
केंद्र सरकार ने श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए SPREE 2025 (नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को बढ़ावा देने की योजना) शुरू की है। यह विशेष पंजीकरण अभियान 31 दिसंबर, 2025 तक चलेगा, जिसका उद्देश्य लाखों असंगठित, अस्थायी और ठेका श्रमिकों को ESI (कर्मचारी राज्य बीमा) योजना के दायरे में लाना है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले 8 वर्षों में बेरोजगारी दर को 19% से घटाकर 2.4% करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि GCC नीति 2025 और यूपी रोजगार मिशन के कारण हुई है, जिसने 2 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित करने और 1.25 लाख लोगों को रोजगार प्रदान करने का लक्ष्य रखा है। MSME क्षेत्र ने 2 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित किए हैं, जिसमें पिछले एक साल में 18 लाख नए रोजगार शामिल हैं।
नागरिक उड्डयन: इंडिगो उड़ान व्यवधानों पर नीतिगत समायोजन
इंडिगो एयरलाइंस द्वारा बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द होने के बाद, सरकार ने एक उच्च-स्तरीय जांच का आदेश दिया है और एक 24x7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए पायलटों के लिए उड़ान ड्यूटी समय सीमा (FDTL) नियमों में अस्थायी रूप से ढील दी है। यह छूट 10 फरवरी, 2026 तक लागू रहेगी, जिसके दौरान DGCA पायलटों की भर्ती और रोस्टर समायोजन पर इंडिगो की प्रगति की निगरानी करेगा। नागरिक उड्डयन मंत्री ने एयरलाइंस को फंसे हुए यात्रियों के लिए पूर्ण वापसी और होटल आवास प्रदान करने का भी निर्देश दिया है।