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December 06, 2025 भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार: प्रमुख घटनाएँ (5-6 दिसंबर 2025)

भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में रेपो दर में कटौती की घोषणा की है, जिससे ऋण सस्ते होने और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2% की प्रभावशाली सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर्ज की है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। इसके अतिरिक्त, भारत की विदेश व्यापार नीति में भी नए बदलाव किए गए हैं, जिनका उद्देश्य निर्यात को बढ़ावा देना और व्यापार करने में आसानी लाना है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति और रेपो दर में कटौती

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 5 दिसंबर, 2025 को अपनी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो दर को 25 आधार अंक घटाकर 5.25% कर दिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि यह निर्णय मुद्रास्फीति के रुझानों, विकास के पूर्वानुमानों और तरलता की जरूरतों का आकलन करने के बाद सर्वसम्मति से लिया गया। इस कटौती से व्यक्तियों और व्यवसायों के लिए उधार लेना सस्ता हो जाएगा, जिससे खर्च और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। यह कदम विशेष रूप से आवास और वाहन ऋण को प्रभावित करेगा, जिससे संभावित रूप से उपभोक्ता मांग बढ़ेगी और रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।

भारत की जीडीपी वृद्धि दर में प्रभावशाली उछाल

वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 8.2% रही, जो पिछली छह तिमाहियों में सबसे अधिक है और उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन है। आरबीआई ने भी चालू वित्त वर्ष के लिए अपनी जीडीपी वृद्धि के अनुमान को पहले के 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया है। इस वृद्धि में सेवा क्षेत्र का प्रमुख योगदान रहा, जिसने 9.2% की वृद्धि दर्ज की, इसके बाद विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र भी महत्वपूर्ण रहे। आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ने भारत की वर्तमान आर्थिक स्थिति को "दुर्लभ गोल्डीलॉक्स अवधि" बताया, जिसमें उच्च आर्थिक वृद्धि और कम मुद्रास्फीति एक साथ मौजूद हैं।

भारत-रूस आर्थिक सहयोग को बढ़ावा

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 5 दिसंबर, 2025 को भारत यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण आर्थिक समझौते हुए। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार मात्रा को 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। रूस ने भारत को ईंधन की अबाधित शिपमेंट जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके अतिरिक्त, दोनों पक्ष यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं और भुगतान निपटान के लिए राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। रक्षा, स्वास्थ्य, गतिशीलता और लोगों से लोगों के आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।

विदेश व्यापार नीति 2025 में नए बदलाव

भारत की विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) 2023 को 4 जनवरी, 2025 को अपडेट किया गया, जिसमें 2025 के लिए नए बदलाव शामिल हैं। इस नीति का लक्ष्य 2030 तक कुल निर्यात को 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। एफटीपी 2025 एक समावेशी और कुशल व्यापार वातावरण बनाने पर केंद्रित है, जिसमें नीतिगत परिवर्तनों से पहले हितधारकों के परामर्श को अनिवार्य किया गया है। यह व्यापार करने में आसानी, ई-कॉमर्स को समर्थन और भारतीय रुपये को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में बढ़ावा देने पर भी जोर देती है।

शेयर बाजार की प्रतिक्रिया और अन्य व्यापारिक समाचार

आरबीआई द्वारा रेपो दर में कटौती की घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें बैंक, वित्तीय सेवाएँ, आईटी और ऑटो जैसे क्षेत्रों में लाभ हुआ। हालांकि, इंडिगो एयरलाइन के परिचालन संबंधी मुद्दों के कारण पिछले चार दिनों में उसके शेयरों में 7% से अधिक की गिरावट आई है।

भारत का वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 5 दिसंबर, 2025 को कहा कि डिजिटल परिवर्तन, आर्थिक सुधारों और व्यापार करने में आसानी पर विशेष ध्यान देने के साथ भारत एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है।

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