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December 05, 2025 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रमुख अपडेट (4-5 दिसंबर, 2025)

पिछले 24-48 घंटों में, भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भविष्य के मिशनों, विशेषकर गगनयान कार्यक्रम और स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली 'नाविक' को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रूस के साथ एक रणनीतिक समझौते के तहत उन्नत रॉकेट इंजन प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को और बढ़ाएगा। इसके अतिरिक्त, नीति आयोग ने भारत को क्वांटम-संचालित अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप जारी किया है, जबकि सरकार ने अनुसंधान और विकास (R&D) में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए ₹1 लाख करोड़ का RDI फंड लॉन्च किया है। नैनोप्लास्टिक्स के मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों पर भी एक नया अध्ययन सामने आया है, और कृषि क्षेत्र में AI के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगातार प्रगति की है, जिसमें पिछले 24-48 घंटों में कई महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए हैं:

अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रगति

  • ISRO के आगामी मिशन: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अगले चार महीनों में सात प्रमुख मिशन लॉन्च करने की योजना बनाई है, जिसमें मार्च 2026 तक गगनयान का एक मानवरहित मिशन भी शामिल है।
  • स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली 'नाविक' को सुदृढ़ बनाना: भारतीय हवाई अड्डों पर GPS स्पूफिंग की घटनाओं के मद्देनजर, ISRO के एक शीर्ष अधिकारी ने GPS पर निर्भरता कम करने के लिए एक संप्रभु उपग्रह नेविगेशन तारामंडल की वकालत की है। ISRO अगले साल से नए उपग्रहों के प्रक्षेपण के साथ 'नाविक' प्रणाली को मजबूत करने की योजना बना रहा है।
  • गगनयान पैराशूट परीक्षण सफल: गगनयान मिशन के लिए ISRO ने सफलतापूर्वक एक पैराशूट एयरड्रॉप परीक्षण किया है।
  • रूस से उन्नत रॉकेट इंजन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण: रूस भारत को अपने उन्नत RD-191M अर्ध-क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन की 100% प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए सहमत हो गया है। यह समझौता गगनयान और भारी उपग्रह मिशनों के लिए ISRO की क्षमताओं को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा।
  • चंद्रयान-4 और चंद्रयान-5 की योजना: एक सेवानिवृत्त ISRO वैज्ञानिक के अनुसार, चंद्रयान-4 चंद्रमा की मिट्टी (लूनर सैंपल) लेकर आएगा, और चंद्रयान-5 अंतरिक्ष में मानव भेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रायोगिक मिशन होगा।

नीति और नवाचार

  • अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्लस्टर्स सम्मेलन (ISTCC): भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने 4 से 5 दिसंबर, 2025 तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्लस्टर्स सम्मेलन (ISTCC) के लिए एक कर्टेन-रेज़र वीडियो जारी किया है। इस सम्मेलन का उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और सीमा पार साझेदारी को मजबूत करना है।
  • नीति आयोग का क्वांटम रोडमैप: नीति आयोग ने भारत को एक अग्रणी क्वांटम-संचालित अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए एक रोडमैप जारी किया है। यह रोडमैप मौजूदा राष्ट्रीय क्वांटम मिशन का लाभ उठाएगा और अनुसंधान एवं विकास, व्यावसायीकरण और पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में तेजी लाने के लिए प्रमुख हस्तक्षेपों की पहचान करता है।
  • RDI फंड का शुभारंभ: प्रधानमंत्री ने 'उभरते विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन (ESTIC)' का उद्घाटन किया और अनुसंधान एवं विकास (R&D) में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए ₹1 लाख करोड़ के अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) फंड का शुभारंभ किया। इस फंड का लक्ष्य भारत को प्रौद्योगिकी में वैश्विक नेता बनाना है।

अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स

  • नैनोप्लास्टिक्स का मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव: विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक नए अध्ययन को साझा किया है, जिसमें यह स्पष्ट प्रमाण दिया गया है कि एकल-उपयोग वाली PET बोतलों से निकलने वाले नैनोप्लास्टिक्स आंत के बैक्टीरिया, रक्त की स्थिरता और कोशिकीय गतिविधियों को नुकसान पहुंचाते हैं।
  • कृषि में AI का उपयोग: भारत सरकार दूध उत्पादकता बढ़ाने और पशुधन में सुधार के लिए कृषि में उन्नत तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भी शामिल है, को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित कर रही है।
  • भारत-रूस आर्कटिक जहाज उत्पादन: रूस ने भारत के साथ आर्कटिक-क्लास जहाजों के संयुक्त उत्पादन का प्रस्ताव दिया है। ये जहाज 2-3 मीटर मोटी बर्फ को तोड़ने में सक्षम होंगे, जिससे उत्तरी समुद्री मार्ग पर साल भर नेविगेशन संभव हो सकेगा, जो व्यापार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए एक रणनीतिक कदम है।

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