भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखे गए हैं, जो आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं:
RBI मौद्रिक नीति की घोषणा पर टिकी निगाहें
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक आज (5 दिसंबर, 2025) समाप्त हो रही है, जिसके बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा फैसलों की घोषणा की जाएगी। बाजार में इस बात को लेकर ज़ोरदार बहस है कि क्या केंद्रीय बैंक रेपो दर में 25 आधार अंकों (0.25%) की कटौती करेगा या मौजूदा 5.5% की दर पर स्थिरता बनाए रखेगा। विशेषज्ञों ने बढ़ती मुद्रास्फीति और मजबूत आर्थिक वृद्धि के बावजूद ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश बताई है, क्योंकि पिछली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि 8.2% रही है।
भारत के आर्थिक विकास अनुमानों में वृद्धि
वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया है। फिच रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि अनुमान को 6.9% से बढ़ाकर 7.4% कर दिया है। एजेंसी ने मजबूत उपभोक्ता खर्च, बेहतर व्यावसायिक माहौल और हालिया जीएसटी सुधारों को इस वृद्धि का श्रेय दिया है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भी भारत की जीडीपी के 2026 में 6.7%, 2027 में 7% और 2028 में 6.8% की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के भारत मिशन प्रमुख हेराल्ड फिंगर ने भी वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत के उल्लेखनीय लचीलेपन पर प्रकाश डाला है और 2026 के लिए अपने विकास अनुमान (वर्तमान में 6.6%) में वृद्धि की संभावना जताई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और CRISIL जैसी संस्थाओं ने भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की मजबूत आर्थिक प्रगति की सराहना की है।
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और रुपये की स्थिति
4 दिसंबर, 2025 को भारतीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखा गया। निफ्टी शुरुआती दबाव के बाद 26,000 के स्तर से ऊपर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर 90.41 तक गिरने से बाजार की धारणा प्रभावित हुई। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी जारी रखी।
विदेश व्यापार नीति और निर्यात लक्ष्य
भारत की विदेश व्यापार नीति 2025 में नए बदलावों पर चर्चा हो रही है, जिसका उद्देश्य व्यापार नीति निर्माण में हितधारकों की भागीदारी को बढ़ाना और पारदर्शिता लाना है। इस नीति का लक्ष्य 2030 तक भारत के निर्यात को 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। सरकार भारतीय मुद्रा के उपयोग को बढ़ावा देने और व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
अन्य महत्वपूर्ण व्यापार और आर्थिक समाचार
- अक्टूबर 2025 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) की वृद्धि दर घटकर 0.4% रह गई, जो 14 महीनों का सबसे निचला स्तर है। उपभोक्ता टिकाऊ और गैर-टिकाऊ वस्तुओं के क्षेत्रों में भी संकुचन देखा गया, जिससे तीसरी तिमाही के आर्थिक प्रदर्शन को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
- सरकार ने 21 नवंबर, 2025 को चार श्रम संहिताओं को लागू किया, जिसका उद्देश्य श्रमिकों के हितों की रक्षा करना और व्यवसायों के लिए अनुपालन को आसान बनाना है।
- ONGC के चेयरमैन अरुण सिंह का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है।
अंतर्राष्ट्रीय संबंध: रूसी राष्ट्रपति का भारत दौरा
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज (5 दिसंबर, 2025) भारत पहुंचेंगे। उनका दो दिवसीय दौरा रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और अंतरिक्ष से जुड़े मुद्दों पर समझौतों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।