GK Ocean

📢 Join us on Telegram: @current_affairs_all_exams1 for Daily Updates!
Stay updated with the latest Current Affairs in 13 Languages - Articles, MCQs and Exams

December 01, 2025 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम अपडेट: सेमीकंडक्टर विकास, भूकंप जोखिम मानचित्रण और अनुसंधान प्रोत्साहन

पिछले 24 घंटों में भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छात्रों द्वारा निर्मित चिप्स का अनावरण किया, जो देश के बढ़ते सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को उजागर करता है। इसके अतिरिक्त, भारत का नया भूकंप खतरा मानचित्र जारी किया गया है, जिसमें देश के एक बड़े हिस्से को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में रखा गया है। शिक्षकों के लिए कंप्यूटर साक्षरता और साइबर अपराध जागरूकता पर प्रशिक्षण भी आयोजित किए गए हैं, जबकि निजी क्षेत्र के अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के कोष पर चर्चा जारी है।

भारत अपने विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिदृश्य में तेजी से प्रगति कर रहा है, जिसमें हाल ही में कई उल्लेखनीय अपडेट हुए हैं। इन घटनाक्रमों में सेमीकंडक्टर विनिर्माण में महत्वपूर्ण कदम, भूकंपीय जोखिम मूल्यांकन में वृद्धि और अनुसंधान एवं विकास (R&D) के लिए राष्ट्रीय प्रतिबद्धता शामिल है।

सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में प्रगति

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 28 नवंबर, 2025 को मोहली स्थित सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला (SCL) में छात्रों द्वारा निर्मित 28 चिप्स का अनावरण किया। ये चिप्स 'चिप्स टू स्टार्ट-अप (C2S) कार्यक्रम' के तहत 17 शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों द्वारा बनाए गए थे, जिसमें 600 बेयर डाई और 600 पैकेज्ड चिप्स शामिल थे। इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालयों में चिप डिजाइन को बढ़ावा देना है, जिसमें उद्योग-स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (EDA) उपकरण और मल्टी-प्रोजेक्ट वेफर (MPW) निर्माण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पिछले एक वर्ष में, 46 संस्थानों से 5 MPW शटल के माध्यम से 122 डिजाइन टेपआउट आयोजित किए गए हैं, और 380 से अधिक संगठनों ने EDA उपकरणों का 1.75 मिलियन घंटे से अधिक उपयोग किया है। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर परिदृश्य में एक विशिष्ट नेता के रूप में तेजी से उभर रहा है।

भारत का नया भूकंप खतरा मानचित्र

भारत ने हाल ही में अपना नया भूकंप खतरा मानचित्र (2025) जारी किया है, जिसमें देश का 61% हिस्सा अब मध्यम से बहुत उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में है। इस मानचित्र में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पूरे हिमालय क्षेत्र को पहली बार सबसे ऊंचे जोन VI में रखा गया है। यह अपडेट मध्य हिमालय में 200 वर्षों से बड़े भूकंप न आने के कारण जमा हुए अत्यधिक दबाव के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। देहरादून, ऋषिकेश और दिल्ली-एनसीआर जैसे क्षेत्र अब और अधिक खतरनाक हो गए हैं।

शिक्षकों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण

30 नवंबर, 2025 को आईआईटी कानपुर ने विज्ञान शिक्षकों के लिए कंप्यूटर साक्षरता और साइबर अपराध जागरूकता पर एक प्रशिक्षण आयोजित किया। यह प्रशिक्षण राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्, उत्तर प्रदेश और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल दुनिया में आवश्यक कौशल से लैस करना है, जिससे अंततः छात्रों को भी लाभ मिलेगा।

अनुसंधान और विकास में निजी निवेश को प्रोत्साहन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के कोष की शुरुआत की है। यह घोषणा 'उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC) 2025' के दौरान की गई थी, जिसका आयोजन 3 से 5 नवंबर, 2025 तक किया गया था। इस सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बायो-मैन्युफैक्चरिंग, ब्लू इकोनॉमी, डिजिटल कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, पर्यावरण और जलवायु, स्वास्थ्य और मेड-टेक, क्वांटम विज्ञान, अंतरिक्ष तकनीक, उन्नत सामग्री और विनिर्माण, और कृषि तकनीक जैसे 11 प्रमुख तकनीकी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह कदम भारत को AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में वैश्विक नेता बनाने के लक्ष्य का हिस्सा है। हालांकि, वर्तमान में भारत अपने सकल घरेलू उत्पाद का केवल 0.65% R&D पर खर्च करता है, जो वैश्विक औसत से काफी कम है, जिसमें निजी क्षेत्र का योगदान केवल 30-35% है। इस कोष का उद्देश्य निजी भागीदारी को बढ़ाकर इस अंतर को कम करना है।

Back to All Articles