अर्थव्यवस्था में मजबूत वृद्धि
भारतीय अर्थव्यवस्था ने चालू वित्त वर्ष (जुलाई-सितंबर) की दूसरी तिमाही में 8.2% की उल्लेखनीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर्ज की है, जो पिछली छह तिमाहियों में सबसे अधिक है। यह वृद्धि अधिकांश विश्लेषकों के अनुमानों से अधिक है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने उम्मीद जताई है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7% या उससे अधिक रहेगी और अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर जाएगी। क्रिसिल ने भी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत के विकास लक्ष्य को बढ़ाकर 7% कर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस वृद्धि को सुधारों और राजकोषीय मजबूती का परिणाम बताया, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को ठोस गति प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन मजबूत जीडीपी आंकड़ों को लोगों की कड़ी मेहनत, उद्यमिता और विकास-समर्थक नीतियों का परिणाम बताया। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत एकमात्र ऐसी प्रमुख अर्थव्यवस्था होगा जिसकी वृद्धि दर 6% से अधिक रहेगी।
आरबीआई मौद्रिक नीति और बाजार की स्थिति
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक 3 से 5 दिसंबर तक निर्धारित है। इस बैठक में रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती होगी या यह 5.5% पर स्थिर रहेगी, इस पर बाजार और अर्थशास्त्रियों के बीच राय बंटी हुई है। हालांकि, एसबीआई की रिपोर्टों से पता चलता है कि मजबूत जीडीपी वृद्धि के कारण आरबीआई रेपो दरों में कटौती नहीं कर सकता है। 1 दिसंबर से भारतीय शेयर बाजारों में आरबीआई की नीति और ऑटो बिक्री के आंकड़ों से उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है। दूसरी तिमाही के मजबूत जीडीपी आंकड़ों से 1 दिसंबर को बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
दिसंबर से लागू होने वाले प्रमुख बदलाव
1 दिसंबर, 2025 से कई महत्वपूर्ण नियम लागू हुए हैं जो आम लोगों और व्यवसायों को प्रभावित करेंगे। इनमें रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में बदलाव शामिल है। सीएनजी, पीएनजी और जेट ईंधन की कीमतों में भी परिवर्तन हो सकता है। यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) का विकल्प चुनने की अंतिम तिथि 30 नवंबर को समाप्त हो गई है। पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की अंतिम तिथि भी 30 नवंबर थी। इसके अतिरिक्त, आधार कार्ड के स्वरूप में बदलाव हो सकता है, जिसमें क्यूआर कोड और चेहरे की पहचान के माध्यम से सत्यापन शामिल है। कुछ प्रत्यक्ष कर अनुपालन की समय-सीमा भी 30 नवंबर को समाप्त हो गई है, जैसे अक्टूबर महीने के लिए टीडीएस विवरण।
अन्य महत्वपूर्ण व्यापार और आर्थिक समाचार
- भारत और अमेरिका साल के अंत तक एक संरचनात्मक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की उम्मीद कर रहे हैं, जिसमें जवाबी शुल्कों सहित अधिकांश लंबित मुद्दे हल हो गए हैं।
- वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 7 महीनों में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा ₹8.25 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो बजट अनुमान का 52.6% है। यह पूंजीगत व्यय में 32% की वृद्धि के कारण हुआ है।
- जुलाई-सितंबर वित्त वर्ष 2025-26 में निजी अंतिम उपभोग व्यय में 7.9% की वृद्धि हुई है, जो खपत मांग में सुधार का संकेत देता है, जिसमें ग्रामीण मांग मजबूत हुई है।
- भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे गिरकर 84.73 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया।
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर राजनीति अर्थव्यवस्था पर हावी हो रही है। उन्होंने 'मेक इन इंडिया' अभियान को वैश्विक चुनौतियों का समाधान बताया और भारत के आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने तथा नए व्यापार समझौतों पर जोर दिया।
अन्य महत्वपूर्ण घटनाएँ
- संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर को शुरू हो गया है।
- चक्रवात 'दित्वाह' उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी में रेड अलर्ट के साथ तेज हो गया था, हालांकि अब यह कमजोर पड़ गया है।
- नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।