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November 30, 2025 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम अपडेट्स

पिछले 24-48 घंटों में भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिदृश्य में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ सामने आई हैं। इनमें निजी क्षेत्र के लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को खोलना, एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) प्रौद्योगिकियों में प्रगति, क्वांटम प्रौद्योगिकी सुविधाओं का विस्तार, निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में 'विक्रम-I' रॉकेट का अनावरण, और जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवाचार शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य भारत को वैश्विक वैज्ञानिक और तकनीकी शक्ति के रूप में स्थापित करना है।

भारत ने हाल के दिनों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो देश के तकनीकी विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि भारत अपने नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलेगा। यह दशकों पुराने सरकारी एकाधिकार को समाप्त करने वाला एक ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव है। इस कदम का उद्देश्य परमाणु क्षमता का विस्तार करना और निजी निवेश को आकर्षित करना है। संसद के शीतकालीन सत्र में परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025 पेश किया जाएगा, जिसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी को सक्षम बनाने के लिए मौजूदा परमाणु कानूनों में संशोधन किए जाएंगे। भारत का लक्ष्य 2031-32 तक अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को लगभग 8.8 GW से बढ़ाकर 22 GW और 2047 तक 100 GW करना है। निजी कंपनियों की भागीदारी से पूंजी, कुशल कार्यबल और परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन में मदद मिलेगी, जिसमें छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) और उन्नत रिएक्टर प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।

एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) में प्रगति

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के 'एक्सपेरिएंशियल टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर' (XTIC) ने 'ग्लोबल साउथ' के लिए अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) संगोष्ठी आयोजित की। विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की है कि XR, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बाद अगली प्रमुख तकनीकी क्रांति होगी, जो शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी। XTIC लागत प्रभावी XR नवाचार को बढ़ावा दे रहा है और शिक्षा जगत, उद्योग तथा सरकार को एकजुट करने के लिए 'इंडिया XR कॉरिडोर' की स्थापना का प्रस्ताव रखा है, जिसका लक्ष्य स्वदेशी XR समाधानों का विकास और तैनाती करना है।

क्वांटम प्रौद्योगिकी सुविधाओं का विस्तार

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने IIT बॉम्बे में क्वांटम अनुसंधान प्रयोगशालाओं का दौरा किया और संस्थान की नई लिक्विड हीलियम सुविधा का उद्घाटन किया। यह भारत की क्वांटम प्रौद्योगिकी, क्रायोजेनिक्स और उच्च-सटीकता सामग्री अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत, IIT दिल्ली, IIT बॉम्बे, IIT कानपुर और IISc बेंगलुरु में ₹720 करोड़ की लागत से चार उन्नत क्वांटम फैब्रिकेशन और केंद्रीय सुविधाएं स्थापित करने की घोषणा की गई है। ये सुविधाएं क्वांटम सेंसिंग, क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम सामग्री के लिए अत्याधुनिक क्षमताएं प्रदान करेंगी, जिससे स्वदेशी प्रोटोटाइपिंग को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी प्रौद्योगिकियों पर निर्भरता कम होगी।

निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में 'विक्रम-I' रॉकेट का अनावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में स्काईरूट एयरोस्पेस के 'इन्फिनिटी कैंपस' का उद्घाटन किया और भारत के पहले निजी तौर पर विकसित कक्षीय रॉकेट, 'विक्रम-I' का अनावरण किया। 'विक्रम-I' उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने की क्षमता रखता है और इसे छोटे उपग्रह बाजार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। स्काईरूट एयरोस्पेस, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के पूर्व छात्रों और इसरो के पूर्व वैज्ञानिकों द्वारा स्थापित एक प्रमुख निजी अंतरिक्ष कंपनी है, जिसने नवंबर 2022 में 'विक्रम-S' नामक अपना सब-ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करके इतिहास रचा था।

जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा

विश्व बैंक समर्थित राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन (NBM) भारत के जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवाचार को गति दे रहा है। युवा उद्यमी नई वैज्ञानिक खोजों को सुलभ और किफायती स्वास्थ्य समाधानों में बदल रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, वॉक्सेल ग्रिड्स ने भारत का पहला स्वदेशी MRI स्कैनर विकसित किया है, और लेविमलाइफटेक ने टाइप-2 मधुमेह के लिए भारत का पहला बायोसिमिलर लिराग्लूटाइड बनाया है, जिसकी कीमत आयातित दवाओं की तुलना में काफी कम है। NBM ने इन नवाचारों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की है, जिससे भारत एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बायोफार्मा क्षेत्र के रूप में उभर रहा है।

उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC) 2025

नवंबर की शुरुआत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC) 2025 का उद्घाटन किया और अनुसंधान एवं विकास (R&D) को बढ़ावा देने के लिए ₹1 लाख करोड़ के अनुसंधान विकास और नवाचार (RDI) योजना कोष का शुभारंभ किया। इस सम्मेलन में AI, बायो-मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण, उभरती कृषि प्रौद्योगिकियां, क्वांटम विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों सहित 11 प्रमुख विषयगत क्षेत्रों पर चर्चा हुई। यह पहल निजी क्षेत्र को अनुसंधान और विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे भारत वैश्विक विज्ञान और तकनीकी नवाचार का केंद्र बन सकेगा।

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