भारत सरकार की नीतियाँ और योजनाएँ देश के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पिछले 24 घंटों में कई प्रमुख घटनाक्रम सामने आए हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में सरकार के प्रयासों को दर्शाते हैं।
आर्थिक नीतियाँ और विकास
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि को स्वीकार करते हुए, संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया है। IMF ने मानव पूंजी निर्माण, महिला श्रम बल की भागीदारी बढ़ाने, सार्वजनिक निवेश को बनाए रखने और कारोबारी माहौल में सुधार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों का सुझाव दिया है। IMF ने भारत की विनिमय दर व्यवस्था को 'स्थिर' से 'क्रॉल-जैसी व्यवस्था' में पुनर्वर्गीकृत किया है, जो मुद्रास्फीति के अंतर को दूर करने के लिए छोटे, क्रमिक मुद्रा मूल्य समायोजन की अनुमति देता है। इसके साथ ही, IMF भारत की राजकोषीय समेकन योजनाओं का समर्थन करता है, लेकिन सख्त व्यय नियंत्रण और जीएसटी एवं कर कटौती के प्रभाव की निगरानी की सलाह देता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की प्रभावशाली 8.2% जीडीपी वृद्धि का स्वागत किया है। उन्होंने इस उपलब्धि को सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों, सुधारों और देश के लोगों की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक नागरिक के लिए 'जीवन को आसान बनाने' और सुधारों को आगे बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 2.69 लाख करोड़ रुपये का लाभांश स्वीकृत किया, और अक्टूबर तक राजकोषीय घाटा बढ़कर 8.25 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो वार्षिक बजट लक्ष्य का 51.8% है।
सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 28 नवंबर, 2025 को 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के तहत 10 लाख महिला लाभार्थियों के खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि हस्तांतरित की। इस पहल का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है, और अब तक इस योजना से 1.56 करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिल चुका है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने 28 नवंबर, 2025 को अपनी वेबसाइट को अपडेट किया, जिसमें अटल पेंशन योजना और प्रधानमंत्री जन-धन योजना जैसी चल रही योजनाओं का उल्लेख किया गया है। जून 2025 तक, अटल पेंशन योजना में 7.89 करोड़ नामांकन और प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत 55.69 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं। झारखंड में, "आपकी योजना-आपकी सरकार आपके द्वार" अभियान के तहत जाति, आय और आवास प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं, और राशन कार्ड अपडेट किए जा रहे हैं। नागरिक आधार-लिंक्ड लाभों, पेंशन योजनाओं, जॉब कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड और विभिन्न आदिवासी कल्याण अधिकारों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
जल प्रबंधन और पर्यावरण
जल शक्ति मंत्रालय ने 28-29 नवंबर, 2025 को नई दिल्ली में "सुजलम भारत विजन 2025" शिखर सम्मेलन का आयोजन किया है। इस शिखर सम्मेलन का लक्ष्य जल-सुरक्षित और जलवायु-लचीला भारत के लिए एक रोडमैप तैयार करना है, जिसमें जल प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सतत प्रथाओं और सामुदायिक भागीदारी को एकीकृत किया जाएगा। यह तेजी से बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिक विकास, बदलती भूमि उपयोग पैटर्न और जलवायु परिवर्तनशीलता से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करेगा। 'जल शक्ति अभियान: कैच द रेन (JSA:CTR 2025)' जैसी पहलों के परिणामस्वरूप 22.5 लाख जल संरक्षण कार्य और 42 लाख से अधिक वृक्षारोपण हुए हैं। 'नमामि गंगे' कार्यक्रम और 'जल जीवन मिशन' (JJM) एवं 'स्वच्छ भारत मिशन' (SBM) जल तक पहुंच और स्वच्छता परिणामों को मजबूत कर रहे हैं। शिखर सम्मेलन में 'जल संचय जन भागीदारी 1.0' पर एक पुस्तक और बराक नदी बेसिन के पारिस्थितिक मूल्यांकन पर एक रिपोर्ट जारी की गई, साथ ही 'गंगा पल्स पब्लिक पोर्टल' का भी अनावरण किया गया।
श्रम कानून और रोजगार
भारत के नए श्रम कोड, जो 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार कोडों (मजदूरी संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता, और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता) में एकीकृत करते हैं, 21 नवंबर, 2025 से प्रभावी हो गए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य श्रम कानूनों को सरल बनाना, श्रमिकों की सुरक्षा बढ़ाना, उद्योगों के लिए अनुपालन को आसान बनाना और गिग तथा असंगठित क्षेत्रों तक सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करना है। प्रमुख परिवर्तनों में सभी कर्मचारियों के लिए वैधानिक न्यूनतम मजदूरी, अनिवार्य नियुक्ति पत्र, और ईपीएफ, ईएसआईसी, मातृत्व लाभ, ग्रेच्युटी और गिग/प्लेटफॉर्म श्रमिकों को कवर करने वाला एक एकीकृत सामाजिक सुरक्षा ढांचा शामिल है। ग्रामीण विकास मंत्रालय की 'नमो ड्रोन दीदी' योजना, जिसे 2024-25 से 2025-26 की अवधि के लिए अनुमोदित किया गया है, का लक्ष्य 14,500 चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि उद्देश्यों के लिए ड्रोन उपलब्ध कराना है।