भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पिछले 24-48 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं, जो देश की वैज्ञानिक प्रगति और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
NISAR उपग्रह ने विज्ञान चरण में प्रवेश किया
नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (NISAR) उपग्रह, जिसे जुलाई में लॉन्च किया गया था, ने 28 नवंबर, 2025 को आधिकारिक तौर पर अपना विज्ञान चरण शुरू कर दिया है। यह पृथ्वी अवलोकन उपग्रह हर मौसम में, दिन और रात डेटा प्रदान करता है, जिसके कृषि, वानिकी, भू-विज्ञान और समुद्री अध्ययन जैसे विभिन्न अनुप्रयोगों में व्यापक उपयोग हैं। ISRO ने बताया कि उपग्रह से प्राप्त प्रारंभिक विश्लेषण वैज्ञानिकों और इंजीनियरों द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली छवियों के साथ S-बैंड SAR डेटा की क्षमता को प्रदर्शित करता है।
अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) भारत के अनुसंधान लक्ष्यों को आगे बढ़ा रहा है
विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) की समीक्षा की और भारत को एक वैश्विक अनुसंधान और नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत "संपूर्ण-सरकार और संपूर्ण-समाज" अनुसंधान और विकास मॉडल की ओर बढ़ रहा है, जिसमें विभिन्न मंत्रालय, उद्योग, स्टार्टअप और शिक्षाविद मिलकर राष्ट्रीय नवाचार परिदृश्य को आकार दे रहे हैं। मंत्री ने मिशन-मोड अनुसंधान में तेजी लाने और उद्योग के साथ सह-वित्तपोषण साझेदारी का विस्तार करने का आह्वान किया।
कैंसर उपचार के लिए क्रांतिकारी AI फ्रेमवर्क 'ऑनकोमार्क'
भारतीय वैज्ञानिकों ने 'ऑनकोमार्क' नामक एक अभूतपूर्व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फ्रेमवर्क विकसित किया है, जो कैंसर के ट्यूमर की आक्रामकता और इष्टतम उपचार का सटीक अनुमान लगाने के लिए ट्यूमर के भीतर छिपे जैविक कार्यक्रमों का विश्लेषण कर सकता है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा घोषित यह फ्रेमवर्क 14 प्रकार के कैंसर के 31 लाख से अधिक कैंसर कोशिकाओं के डेटा पर प्रशिक्षित है और इसका उद्देश्य भारत में कैंसर उपचार को अधिक किफायती और प्रभावी बनाना है। यह तकनीक प्रत्येक रोगी के ट्यूमर की अद्वितीय "आणविक व्यक्तित्व" को समझने में मदद करती है, जिससे लक्षित और व्यक्तिगत उपचार संभव हो पाता है।
जैव प्रौद्योगिकी में प्रगति और विश्व बैंक का समर्थन
विश्व बैंक के राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन के समर्थन से भारत का जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र महत्वपूर्ण नवाचार देख रहा है। इस पहल के परिणामस्वरूप स्वदेशी MRI स्कैनर और टाइप-2 मधुमेह के लिए एक बायोसिमिलर दवा जैसे विकास हुए हैं, जिससे उन्नत स्वास्थ्य सेवा अधिक सुलभ और सस्ती हो गई है। ये प्रगति भारत में स्वास्थ्य नवाचार को बढ़ावा देने में बायोफार्मा मिशन की भूमिका को रेखांकित करती है।
भारत का नया भूकंप खतरा मानचित्र जारी
भारत के लिए एक नया भूकंप खतरा मानचित्र जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि देश का 61% हिस्सा अब मध्यम से बहुत उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में है। इस मानचित्र में सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन पूरे हिमालय क्षेत्र को उच्चतम जोन VI में वर्गीकृत करना है, जो इस क्षेत्र में बढ़ते भूकंपीय जोखिम को दर्शाता है, विशेष रूप से मध्य हिमालय में जहां 200 वर्षों से कोई बड़ा भूकंप नहीं आया है। दिल्ली-एनसीआर, देहरादून और ऋषिकेश जैसे क्षेत्र अब अधिक खतरनाक माने जा रहे हैं।
उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन
20वां उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन (USSTC 2025) 28 नवंबर को देहरादून में शुरू हुआ। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में ज्ञान-आधारित विकास, आपदा प्रबंधन, जलवायु लचीलापन और विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्र में समुदाय-संचालित वैज्ञानिक जागरूकता पर ध्यान केंद्रित किया गया। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और युवा प्रतिनिधियों की भागीदारी देखी गई।