भारत ने पिछले 24 घंटों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जो देश के तकनीकी परिदृश्य को आकार दे रही हैं। इन अपडेट्स में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में प्रगति, अंतरिक्ष नवाचार, और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के प्रयास शामिल हैं।
भारत का पहला सार्वभौमिक एआई मॉडल 'भारतजेन'
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने 'भारतजेन' का अनावरण किया, जिसे भारत का पहला सार्वभौमिक, बहुभाषी और मल्टीमॉडल एआई-आधारित लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) बताया गया है। यह मॉडल शासन, नवाचार और भारत के डिजिटल भविष्य को नया स्वरूप देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 'भारतजेन' 22 से अधिक भारतीय भाषाओं का समर्थन करेगा और टेक्स्ट, वॉयस और डॉक्यूमेंट विजन जैसी तीन प्रमुख मॉडेलिटी को एकीकृत करेगा। इसका उद्देश्य भारत के लिए एक पूर्ण एआई स्टैक बनाना है, जो शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और डिजिटल समावेशन जैसे क्षेत्रों का समर्थन करेगा।
भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) 2025 की तैयारी
11वें भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) 2025 के लिए 27 नवंबर, 2025 को जमशेदपुर में सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला में एक कर्टेन रेज़र कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह महोत्सव 6 से 9 दिसंबर, 2025 तक हरियाणा के पंचकूला में 'विज्ञान से समृद्धि - आत्मनिर्भर भारत के लिए' थीम के तहत आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के दौरान पंचकूला विज्ञान और नवाचार की राजधानी बन जाएगा, जिसमें क्वांटम प्रौद्योगिकी, एजीआई-आधारित एआई, ग्रीन हाइड्रोजन, जीन एडिटिंग, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
भारतीय तटरक्षक बल द्वारा स्वदेशीकरण और आईटी पर जोर
भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने 27 नवंबर, 2025 को कर्नाटक के मदिकेरी में नए जहाज निर्माण, स्वदेशीकरण और आईटी सम्मेलन की मेजबानी की। इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण आईसीजी और कोयंबटूर जिला लघु उद्योग संघ एवं रक्षा नवाचार और अटल इनक्यूबेशन सेंटर के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना था। इसका उद्देश्य रक्षा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और स्वदेशीकरण के प्रयासों को तेज करना है। सम्मेलन में जहाज निर्माण के इतिहास पर एक ई-बुक, एआई के लिए एक रोडमैप और एक साइबर संकट प्रबंधन योजना का अनावरण भी किया गया।
स्काईरूट एयरोस्पेस के इन्फिनिटी कैंपस का उद्घाटन और विक्रम-I रॉकेट का अनावरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 नवंबर, 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्काईरूट एयरोस्पेस के इन्फिनिटी कैंपस का उद्घाटन किया। उन्होंने स्काईरूट के पहले ऑर्बिटल रॉकेट, विक्रम-I का भी अनावरण किया, जो उपग्रहों को कक्षा में प्रक्षेपित करने में सक्षम है। यह अत्याधुनिक सुविधा हर महीने एक ऑर्बिटल रॉकेट बनाने की क्षमता के साथ बहु-प्रक्षेपण वाहनों के डिजाइन, विकास, एकीकरण और परीक्षण के लिए लगभग 200,000 वर्ग फुट कार्यक्षेत्र प्रदान करेगी। स्काईरूट भारत की अग्रणी निजी अंतरिक्ष कंपनी है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी का भारत के वैश्विक उदय में महत्व
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 27 नवंबर, 2025 को साईटेड-2025 कार्यक्रम में भारत को वैश्विक शक्ति बनाने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्थापित 1 लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान और विकास कोष का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य अनुसंधान को मजबूत करना और एसटीईएम क्षेत्रों में छात्रों को प्रेरित करना है।