भारत में सरकारी योजनाओं और नीतियों के मोर्चे पर पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में नागरिकों के जीवन को प्रभावित करेंगे:
1. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) 2025 की नई सूची जारी
भारत सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) की 2025 की अपडेटेड लाभार्थी सूची आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना है। सरकार मैदानी इलाकों में ₹1.2 लाख और पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.3 लाख तक की सहायता प्रदान करती है। योजना की शुरुआत से अब तक 3 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी जा चुकी है, और सरकार का लक्ष्य 2029 तक 2.95 करोड़ और घरों का निर्माण पूरा करना है। लाभार्थी AwaasApp मोबाइल ऐप के माध्यम से निर्माण की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं और जियो-टैगिंग की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। जल्द ही दूसरी सूची भी जारी की जाएगी, और नए घर-घर सर्वेक्षण भी किए जा रहे हैं।
2. राशन कार्ड नए नियम 2025: पारदर्शिता और लाभ में वृद्धि
केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने और लाभार्थियों को सीधे लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से राशन कार्ड नए नियम 2025 लागू करने की घोषणा की है। ये नियम 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होने की उम्मीद है। मुख्य बदलावों में डिजिटल राशन कार्ड, आधार लिंकिंग और e-KYC को अनिवार्य करना (15 फरवरी 2025 तक), बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, और 'वन नेशन वन राशन कार्ड' सुविधा का विस्तार शामिल है। इन नियमों के तहत, लाभार्थियों को मासिक ₹1,000 नकद हस्तांतरण, पौष्टिक राशन (दाल, नमक, खाने का तेल), और सब्सिडी पर गैस सिलेंडर जैसे लाभ मिलने की संभावना है।
3. लखपति दीदी योजना 2025: महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल
केंद्र सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें उद्यमी के रूप में सशक्त करने के लिए लखपति दीदी योजना (Lakhpati Didi Yojana 2025) शुरू की है। इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और ₹5 लाख तक का बिना गारंटी लोन प्रदान किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश की हर महिला सालाना ₹1 लाख से अधिक की आय प्राप्त करके आर्थिक रूप से सशक्त बने। यह योजना मुख्य रूप से महिला स्वयं सहायता समूह (SHGs) की सदस्यों के लिए है।
4. चार श्रम संहिताओं का कार्यान्वयन
भारत सरकार ने 21 नवंबर, 2025 से चार श्रम संहिताओं - वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियाँ संहिता 2020 - को लागू किया है। ये संहिताएं 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को एक एकीकृत प्रणाली में समेकित करती हैं, जिसका उद्देश्य श्रमिक कल्याण को मजबूत करना, उद्योग पर अनुपालन बोझ को कम करना और रोजगार प्रारूपों में बदलाव को संबोधित करना है। इन सुधारों में सभी श्रमिकों के लिए अनिवार्य नियुक्ति पत्र और एक राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन का औपचारिकरण शामिल है। सामाजिक सुरक्षा कवरेज अब गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों तक भी विस्तारित हो गई है।
5. राजस्थान की पहली सेमीकंडक्टर पॉलिसी
राजस्थान सरकार जल्द ही प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर पॉलिसी लॉन्च करने वाली है। इस नीति का उद्देश्य वेफर फेब, चिप डिजाइन, असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग जैसी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को राज्य में विकसित करना है। यह नीति युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगी और राष्ट्रीय सेमीकॉन इंडिया मिशन के साथ मिलकर विश्व की नामी कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करेगी। यह पहल भारत के स्वदेशी सेमीकंडक्टर उत्पादन की मुहिम का हिस्सा है।
6. 250 बंदरगाहों के लिए सुरक्षा नियमों का एकीकरण
भारत सरकार देश भर के 250 से अधिक बंदरगाहों के लिए सुरक्षा नियामक के रूप में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की नियुक्ति करके तटीय सुरक्षा को मजबूत करने की योजना बना रही है। इस निर्णय का उद्देश्य बंदरगाहों, विशेष रूप से मालवाहक बंदरगाहों के लिए एक एकीकृत सुरक्षा ढांचा स्थापित करना है।
7. महाराष्ट्र में एकल माताओं के बच्चों के लिए नई शिक्षा योजना
महाराष्ट्र शिक्षा विभाग ने पहली से बारहवीं तक पढ़ने वाले एकल माताओं के बच्चों का डेटा जुटाना शुरू कर दिया है। राज्य सरकार इन बच्चों के 'शैक्षणिक अभिभावकत्व' के लिए एक नई योजना पर विचार कर रही है। इस पहल का उद्देश्य एकल माताओं के बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना और उनकी आर्थिक व सामाजिक चुनौतियों को कम करना है।
8. झारखंड में 'आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार' शिविर
झारखंड राज्य की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर रांची जिला प्रशासन ने 'आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार' कार्यक्रम के तहत बड़े जनसेवा शिविरों का आयोजन किया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के लाभों को सीधे और त्वरित रूप से ग्रामीण जनता तक पहुंचाना था। इन शिविरों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सोना-सोबरन धोती साड़ी लुंगी योजना, दिव्यांगजनों को उपकरण वितरण, राजस्व संबंधी कार्य और विभिन्न केंद्रीय व राज्य योजनाओं के लिए आवेदन स्वीकार किए गए।