भारत सरकार ने पिछले 24-48 घंटों में कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं और नीतियों से संबंधित अद्यतन और कार्यान्वयन की घोषणा की है, जिनका देश के नागरिकों और अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। इन अद्यतनों में नए श्रम कानूनों का कार्यान्वयन, डिजिटल डेटा संरक्षण नियमों की अधिसूचना और प्रमुख कृषि योजनाओं में संशोधन शामिल हैं।
नए श्रम कानूनों का कार्यान्वयन
21 नवंबर, 2025 से भारत सरकार ने चार नए श्रम संहिताओं को लागू कर दिया है, जो 29 पुराने केंद्रीय श्रम कानूनों का स्थान लेंगे। यह 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य एक सुदृढ़ मजदूर-ढाँचा तैयार करना है।
इन संहिताओं में शामिल हैं: वेतन संहिता (2019), औद्योगिक संबंध संहिता (2020), सामाजिक सुरक्षा संहिता (2020), और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता (2020)।
प्रमुख बदलावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- नियुक्ति पत्र अनिवार्य: अब सभी श्रमिकों को नौकरी शुरू करते समय नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा, जिससे रोजगार और शर्तों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- न्यूनतम वेतन: देशभर में न्यूनतम वेतन लागू किया जाएगा, जिससे कोई भी वेतन इतना कम न हो कि जीवन यापन मुश्किल हो।
- समय पर वेतन भुगतान: नियोक्ताओं को कर्मचारियों को समय पर भुगतान करना कानूनी रूप से आवश्यक होगा।
- स्वास्थ्य और सुरक्षा: 40 वर्ष से ऊपर के सभी श्रमिकों के लिए निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच अनिवार्य होगी। उद्योगों में सुरक्षा मानकों को एकरूप करने के लिए एक राष्ट्रीय OSH बोर्ड भी बनाया जाएगा।
- महिलाओं के लिए समानता: महिलाएं अब रात की शिफ्टों में काम कर सकेंगी, बशर्ते नियोक्ता सुरक्षा उपाय और उनकी सहमति सुनिश्चित करें।
- अनौपचारिक श्रमिकों को सुरक्षा: गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को पहली बार कानूनी पहचान मिलेगी, और उन्हें पीएफ, बीमा, पेंशन जैसे सामाजिक सुरक्षा लाभ मिल सकेंगे। प्लेटफॉर्म कंपनियों को उनके लिए योगदान करना होगा।
- कानूनी अनुपालन आसान: कई पंजीकरण और रिपोर्टिंग की जगह सिंगल लाइसेंस, सिंगल रिटर्न मॉडल आएगा, जिससे कंपनियों का अनुपालन बोझ कम होगा।
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025
भारत सरकार ने 14 नवंबर, 2025 को डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) नियम, 2025 को अधिसूचित किया है। यह डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के पूर्ण कार्यान्वयन का प्रतीक है। ये नियम व्यक्तिगत अधिकारों और वैध डेटा प्रसंस्करण पर समान रूप से बल देते हुए डिजिटल डेटा की सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट और नागरिक-केंद्रित ढाँचा तैयार करते हैं।
इस अधिनियम की एक प्रमुख विशेषता भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड का गठन है, जो अनुपालन की निगरानी करेगा और उल्लंघनों की जांच करेगा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में संशोधन
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत एक नई रूपरेखा प्रस्तुत की है, जो खरीफ 2026 से प्रभावी होगी। इस संशोधित योजना में जंगली जानवरों के हमलों से होने वाले फसल नुकसान को कवरेज में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, धान की फसलों के लिए जलजमाव के कारण होने वाले नुकसान को स्थानीयकृत आपदा श्रेणी में फिर से शामिल किया गया है। किसानों को फसल क्षति की सूचना 72 घंटे के भीतर फसल बीमा ऐप के माध्यम से जियो-टैग्ड फोटो के साथ देनी होगी।
वित्तीय नियमों में बदलाव
1 नवंबर, 2025 से लागू हुए कुछ वित्तीय नियमों में बदलाव अभी भी चर्चा में हैं:
- बैंक खातों में नॉमिनी: बैंक खाताधारक अब एक के बजाय चार नॉमिनी तक नियुक्त कर सकेंगे, जिससे मृत्यु की स्थिति में धन के दावे को लेकर होने वाले विवाद और देरी कम होगी।
- एसबीआई कार्ड शुल्क: एसबीआई कार्ड ने अपने शुल्क ढांचे में बदलाव की घोषणा की है, जिसके तहत CRED और MobiKwik जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स के माध्यम से शिक्षा से संबंधित भुगतान और ₹1,000 से अधिक के डिजिटल वॉलेट लोडिंग पर 1% शुल्क लगेगा।
- एनपीएस से यूपीएस में स्विच करने की समय सीमा: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से एकीकृत पेंशन योजना (UPS) में स्विच करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर, 2025 तक बढ़ा दी गई है।
अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स
- पीएम किसान ई-केवाईसी: पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है ताकि योजना में पारदर्शिता बनी रहे और राशि सीधे सही बैंक खातों में पहुंचे।
- मध्यप्रदेश में एमएसपी पर खरीद नीति: मध्यप्रदेश सरकार ने धान, ज्वार और बाजरा की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के लिए नई नीति जारी की है, जिसकी खरीद क्रमशः 24 नवंबर, 2025 और 1 दिसंबर, 2025 से शुरू होगी।
- भावांतर योजना: भावांतर योजना के तहत सोयाबीन किसानों को लगातार बेहतर भाव मिल रहे हैं, सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी दे रही है।