वैज्ञानिकों ने विकसित की नई जिंक बैटरी कैथोड सामग्री
भारतीय वैज्ञानिकों ने पर्यावरण-अनुकूल जिंक-आयन बैटरियों के लिए एक नई कैथोड सामग्री विकसित की है, जिससे ऊर्जा भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 21 नवंबर, 2025 को इस उपलब्धि की घोषणा की। बेंगलुरु स्थित सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज (CeNS) के शोधकर्ताओं ने वैनेडियम ऑक्साइड में एक विशेष "थर्मो-इलेक्ट्रोकेमिकल सक्रियण प्रक्रिया" के माध्यम से संरचनात्मक परिवर्तन किए। इस तकनीक से तैयार नया जिंक-वैनेडियम ऑक्साइड (Zn-V2O5) पदार्थ बैटरी में जिंक आयनों की आवाजाही को तेज करता है, संरचनात्मक स्थिरता बढ़ाता है और अधिक ऊर्जा संग्रहीत करने में सक्षम बनाता है। यह शोध एडवांस्डएनर्जीमैटेरियल्स पत्रिका में प्रकाशित हुआ है और इसे लिथियम-आयन बैटरियों के सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
दुबई एयर शो में तेजस लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त
दुबई एयर शो के दौरान 21 नवंबर, 2025 को भारतीय वायुसेना का स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पायलट की दुखद मृत्यु हो गई। भारतीय वायुसेना ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' का गठन किया है। यह घटना दुबई एयर शो 2025 में हुई, जहाँ भारत अपनी उन्नत रक्षा शक्ति और प्रौद्योगिकी क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहा था।
बेंगलुरु में एयरोस्पेस मेडिसिन सम्मेलन का समापन
भारतीय वायुसेना के इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन, बेंगलुरु में 20-21 नवंबर, 2025 को देश का सबसे प्रतिष्ठित एयरोस्पेस मेडिसिन सम्मेलन संपन्न हुआ। इस दो दिवसीय आयोजन में दुनिया भर के 300 से अधिक वैज्ञानिकों ने एयरोस्पेस मेडिसिन से जुड़े नवीनतम अनुसंधान, तकनीकी प्रगति और नीतिगत चुनौतियों पर 100 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए। इस सम्मेलन का मुख्य विषय "एयरोस्पेस मेडिसिन में नवाचार: अनंत संभावनाएं" था, और इसमें डीआरडीओ, इसरो और अन्य संस्थानों के वैज्ञानिक तथा शोधकर्ता शामिल हुए।
भारतीय सेना का प्रौद्योगिकी और डेटा केंद्रितता पर जोर
भारतीय सेना ने वर्ष 2026-27 को 'नेटवर्किंग और डेटा केंद्रितता का वर्ष' घोषित किया है। इस पहल का उद्देश्य सेना को पूरी तरह से डिजिटल और स्मार्ट बनाना है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सुरक्षित नेटवर्क का लाभ उठाकर डेटा को एक नए हथियार के रूप में उपयोग किया जाएगा। यह कदम तेज निर्णय लेने, साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और संयुक्त अभियानों को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
सेना ने BvS10 सिंधु आर्मर्ड व्हीकल की खरीद के लिए अनुबंध किया
भारतीय सेना ने लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (L&T) और BAE सिस्टम्स के साथ BvS10 सिंधु ऑल-टेरेन व्हीकल (AATV) की खरीद के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। यह अनुबंध 19 नवंबर, 2025 को हुआ था। ये वाहन विशेष रूप से भारत की जरूरतों के लिए तैयार किए गए हैं और हिमालय जैसे ऊंचे इलाकों, रेगिस्तान, दलदली जमीन और पानी में चलने में सक्षम होंगे। इनका निर्माण गुजरात के हजीरा स्थित फैक्ट्री में L&T द्वारा BAE सिस्टम्स के सहयोग से किया जाएगा, जिससे 'मेक इन इंडिया' पहल को बढ़ावा मिलेगा।