GK Ocean

📢 Join us on Telegram: @current_affairs_all_exams1 for Daily Updates!
Stay updated with the latest Current Affairs in 13 Languages - Articles, MCQs and Exams

November 19, 2025 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी: अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, नवाचार और तकनीकी शिखर सम्मेलन में महत्वपूर्ण प्रगति

पिछले 24 घंटों में भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ सामने आई हैं। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था अगले दशक में 8 अरब डॉलर से बढ़कर 44-45 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है, जो इसे वैश्विक निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बना रहा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 'बेंगलुरु प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन 2025' का उद्घाटन किया, जहाँ डीपटेक, बायोटेक और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में नवाचार पर चर्चा की जा रही है। इसके अतिरिक्त, मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT) प्रयागराज में 'इम्यूनोकोन 2025' नामक एक अंतर्राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जिसमें HIV, कैंसर और वैक्सीन प्रौद्योगिकियों पर शोध प्रस्तुत किए जा रहे हैं। भारत वैश्विक नवाचार सूचकांक में 38वें स्थान पर पहुँच गया है और दुनिया का छठा सबसे बड़ा पेटेंट फाइलर बन गया है, जो देश के बढ़ते नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाता है।

भारत अपने विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है, जिसमें अंतरिक्ष, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों में महत्वपूर्ण विकास दर्ज किए गए हैं।

भारतीय अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में उछाल

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, जो वर्तमान में 8 अरब डॉलर है, अगले 10 वर्षों में 44-45 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। उन्होंने इंडिया इंटरनेशनल स्पेस कॉन्क्लेव (IISC 2025) में इस बात पर जोर दिया कि भारत वैश्विक अंतरिक्ष निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। सरकार द्वारा किए गए सुधारों ने एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया है जहाँ प्रतिभा, प्रौद्योगिकी और निवेश मिलकर भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को आकार दे रहे हैं। डॉ. सिंह ने चंद्रयान-3 के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने, सफल मंगलयान मिशन, और एक साथ 104 उपग्रहों के प्रक्षेपण जैसी भारत की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि भारत के लगभग 70 प्रतिशत अंतरिक्ष अनुप्रयोग 'ईज ऑफ लिविंग' का समर्थन करते हैं, जिसमें बुनियादी ढाँचा नियोजन के लिए गति शक्ति और उपग्रह-सक्षम आपदा प्रबंधन जैसे उदाहरण शामिल हैं।

बेंगलुरु प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन 2025

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 18 नवंबर, 2025 को 'बेंगलुरु प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन' के 28वें संस्करण का उद्घाटन किया। 'फ्यूचराइज' (भविष्य-उन्मुख) विषय पर आधारित यह तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन वैश्विक नेताओं, नीति निर्माताओं, निवेशकों, स्टार्टअप्स और नवप्रवर्तकों को डीपटेक, बायोटेक और हेल्थटेक, सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में उभरती संभावनाओं का पता लगाने के लिए एक साथ लाएगा। इस आयोजन में 60 देशों और भारत के सभी 30 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय इम्यूनोलॉजी सम्मेलन

मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT) प्रयागराज में 19 नवंबर, 2025 से चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'इम्यूनोकोन 2025' की मेजबानी कर रहा है। इस सम्मेलन में 134 शीर्ष वैज्ञानिक HIV, कैंसर, आधुनिक वैक्सीन तकनीक, कार्टिसेल थेरेपी और कम लागत वाली हाईटेक जांच विधियों पर नए शोध प्रस्तुत करेंगे। इसका उद्देश्य प्रतिरक्षा विज्ञान में उभरते शोध और तकनीकों का आदान-प्रदान करना है, ताकि भविष्य की वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत दिशा मिल सके।

भारत का बढ़ता नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 14 नवंबर, 2025 को बताया कि भारत वैश्विक नवाचार सूचकांक में 81वें स्थान से 38वें स्थान पर पहुँच गया है, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर राष्ट्रीय स्तर पर गहन ध्यान केंद्रित करने के माध्यम से हासिल की गई एक असाधारण छलांग है। भारत अब 64,000 से अधिक पेटेंट के साथ दुनिया का छठा सबसे बड़ा पेटेंट दाखिलकर्ता बन गया है, जिसमें 55% से अधिक पेटेंट भारतीय नवप्रवर्तकों द्वारा दर्ज किए गए हैं। उन्होंने चंद्रयान-3 और दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन जैसी उपलब्धियों को भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमता और वैश्विक नेतृत्व का प्रतीक बताया।

एवीजीसी-एक्सआर (AVGC-XR) क्षेत्र का विकास

भारत का मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र, विशेष रूप से एवीजीसी-एक्सआर (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और एक्सटेंडेड रियलिटी) सेगमेंट, महत्वपूर्ण वृद्धि के लिए तैयार है, जिसका अनुमान 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक होने का है। भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT) की स्थापना मई 2025 में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से भारत के एवीजीसी-एक्सआर परिवेश को उन्नत करने के उद्देश्य से की गई थी। इसने गूगल, यूट्यूब, मेटा, एडोबे, माइक्रोसॉफ्ट, एनविडिया, वैकॉम और जियोस्टार जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों के साथ पाठ्यक्रम विकसित करने, इंटर्नशिप और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए सहयोग किया है।

Back to All Articles