नवाचार में भारत की वैश्विक छलांग: छठा सबसे बड़ा पेटेंट दाखिलकर्ता देश बना
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि भारत अब दुनिया का छठा सबसे बड़ा पेटेंट दाखिल करने वाला देश बन गया है। देश में कुल 64,000 से अधिक पेटेंट आवेदन दायर किए गए, जिनमें से 55% से अधिक भारतीय निवासियों द्वारा दाखिल किए गए हैं। यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि नवाचार और बौद्धिक संपदा बनाने वाला राष्ट्र भी बन रहा है। वैश्विक इनोवेशन इंडेक्स (GII) में भारत की रैंकिंग पिछले वर्षों में 81वें स्थान से बढ़कर 38वें स्थान पर पहुंच गई है, जो अनुसंधान क्षमता और तकनीकी प्रगति की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
हिंद महासागर में दुनिया की सबसे गहरी पानी के भीतर अनुसंधान प्रयोगशाला
गहरे समुद्री विज्ञान को नई दिशा देने के साहसिक कदम के तहत, भारत ने हिंद महासागर में 6,000 मीटर पर विश्व की सबसे गहरी पानी के नीचे अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। यह अत्याधुनिक सुविधा भारत के विजन 2047 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। इस गहरे समुद्र के आवास को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के महासागरीय संस्करण के रूप में विकसित करने की कल्पना की गई है। इस मिशन का उद्देश्य समुद्री जैव विविधता, दवा खोज, बायोटेक्नोलॉजी और भूवैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में अज्ञात रहस्यों को उजागर करना है।
ग्रामीण प्रौद्योगिकी कार्य समूह (RuTAG 2.0) की वार्षिक समीक्षा बैठक
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) प्रो. अजय कुमार सूद ने आईआईटी गुवाहाटी में ग्रामीण प्रौद्योगिकी कार्य समूह (RuTAG) 2.0 परियोजनाओं की दूसरी वार्षिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक 13 और 14 नवंबर, 2025 को आयोजित की गई थी। बैठक में ग्रामीण उद्यमिता और आजीविका सृजन को मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों पर जोर दिया गया। इस अवसर पर कृषि एवं जलीय वोल्टायिक्स में नवाचार केंद्र (CIAAV) और वेलनेस-उत्पाद नवाचार के लिए एकीकृत सुविधा (IFWPI) का भी उद्घाटन किया गया।
राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद को प्रतिष्ठित CIMUSET पुरस्कार
राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (NCSM) को कोलकाता के साइंस सिटी में अपनी जलवायु परिवर्तन गैलरी "ऑन द एज" के लिए प्रतिष्ठित CIMUSET पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार की घोषणा दुबई में 27वें ICOM महाधिवेशन के दौरान की गई, जो भारत के विज्ञान संग्रहालय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह गैलरी जलवायु परिवर्तन की तात्कालिक वास्तविकताओं को संबोधित करती है और वसुधैव कुटुम्बकम के दर्शन को मूर्त रूप देती है।
फिरोजाबाद में 53वीं बाल विज्ञान प्रदर्शनी की घोषणा
फिरोजाबाद में 18 नवंबर को 53वीं बाल विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। यह प्रदर्शनी एमडी जैन इंटर कॉलेज सिरसागंज में लगेगी। प्रदर्शनी का मुख्य विषय "विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत" है, जिसमें कृषि, कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक के विकल्प, हरित ऊर्जा, उभरती हुई प्रौद्योगिकी, मनोरंजक गणितीय मॉडलिंग, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, और जल संरक्षण एवं प्रबंधन जैसे सात उप-विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।