भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण प्रगति हुई हैं, जो देश के नवाचार और अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए ये अपडेट्स अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:
क्वांटम डायमंड माइक्रोस्कोप का विकास
आईआईटी बॉम्बे के पी-क्वेस्ट समूह ने 'राष्ट्रीय क्वांटम मिशन' (NQM) के तहत भारत का पहला स्वदेशी क्वांटम डायमंड माइक्रोस्कोप (QDM) विकसित किया है। यह क्वांटम सेंसिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और भारत को इस क्षेत्र में अपना पहला पेटेंट दिलाया है। इस तकनीक की घोषणा हाल ही में संपन्न 'इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2025)' के दौरान की गई। यह उपकरण न्यूरोसाइंस, मटेरियल रिसर्च और सेमीकंडक्टर चिप्स के गैर-विनाशकारी विश्लेषण में नई संभावनाएं खोलेगा, जिससे एन्कैप्सुलेटेड चिप की 3D परतों में चुंबकीय क्षेत्र की मैपिंग संभव होगी।
औद्योगिक गलियारों में नवाचार के लिए सीएसआईआर और एनआईसीडीसी की साझेदारी
वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) ने भारत के आगामी औद्योगिक गलियारों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य 'मेक इन इंडिया', 'स्टार्टअप इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी राष्ट्रीय पहलों के अनुरूप आत्मनिर्भर, नवाचार-केंद्रित औद्योगिक इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है। यह सहयोग उद्योग-अकादमिक-अनुसंधान संबंधों को मजबूत करेगा और उच्च तकनीक उद्यमों के विकास में तेजी लाएगा।
देहरादून अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव (DISTF-2025) का शुभारंभ
उत्तराखंड के देहरादून में 12 से 14 नवंबर, 2025 तक तीन दिवसीय छठे देहरादून अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव-2025 (DISTF-2025) का आयोजन किया जा रहा है। यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा विज्ञान और प्रौद्योगिकी महोत्सव है, जिसमें 25 से अधिक कार्यक्रम शामिल हैं। महोत्सव में स्कूली छात्रों के लिए विशेष आयोजन, जैसे साइंस क्विज, एयरोमॉडलिंग वर्कशॉप, रोबोटिक्स पर वर्कशॉप और यंग साइंटिस्ट एंड स्टार्टअप कॉन्क्लेव शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ग्रीन एनर्जी, बायोटेक्नोलॉजी और मेडिकल टेक्नोलॉजी जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर कॉन्क्लेव भी आयोजित किए जा रहे हैं।
इन्फोसिस प्राइज 2025 की घोषणा
इन्फोसिस साइंस फाउंडेशन (ISF) ने प्रतिष्ठित इन्फोसिस प्राइज 2025 के विजेताओं की घोषणा की है। यह पुरस्कार छह प्रमुख क्षेत्रों - अर्थशास्त्र, इंजीनियरिंग व कंप्यूटर विज्ञान, मानविकी व सामाजिक विज्ञान, जीवन विज्ञान, गणितीय विज्ञान और भौतिक विज्ञान - में युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के असाधारण योगदान को सम्मानित करता है। प्रत्येक विजेता को स्वर्ण पदक, प्रशस्ति पत्र और 1,00,000 अमेरिकी डॉलर की धनराशि प्रदान की जाती है। यह पहल भारत की वैश्विक शोध क्षमता को प्रदर्शित करती है और युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहन देती है।
मिठाइयों के लिए 3डी प्रिंटिंग तकनीक का विकास
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI), करनाल ने पारंपरिक दूध आधारित मिठाई (बर्फी) के लिए एक उन्नत 3डी प्रिंटिंग तकनीक विकसित की है। यह नवाचार उपभोक्ताओं को ताजा, मनवांछित डिजाइन, चीनी और रंगीन फ्लेवर में बर्फी का स्वाद प्रदान करेगा। यह तकनीक डेयरी उत्पाद निर्माण में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जो अनुकूलन, स्वच्छता और कलात्मक डिजाइन को संभव बनाती है।
भारत की जैव-अर्थव्यवस्था का अनुमानित विकास
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री के अनुसार, भारत की जैव-अर्थव्यवस्था (Bioeconomy) आने वाले वर्षों में 300 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। यह नवाचार, नवीकरणीय संसाधनों और जैव प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देकर सतत विकास पर केंद्रित है। BioE3 नीति (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी) और राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन (NBM) जैसी पहलें इस विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।