भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखे गए हैं, जो देश के आर्थिक विकास की मजबूत राह को उजागर करते हैं।
जीडीपी वृद्धि और आर्थिक लचीलापन
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (NIPFP) ने अपने नवीनतम मध्य-वर्ष आर्थिक समीक्षा में वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 7.4% रहने का अनुमान लगाया है। यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 6.8% के अनुमान से अधिक है। NIPFP ने इस वृद्धि का श्रेय वस्तु एवं सेवा कर (GST) दर युक्तिकरण, मजबूत निवेश और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बेहतर प्रदर्शन को दिया है।
डन एंड ब्रैडस्ट्रीट की नवंबर 2025 की 'इकोनॉमी ऑब्जर्वर' रिपोर्ट भारत के आर्थिक लचीलेपन पर प्रकाश डालती है, जो वैश्विक नीतिगत अनिश्चितता के बीच भी कायम है। रिपोर्ट में अक्टूबर 2025 में 10-वर्षीय सरकारी प्रतिभूति (G-Sec) यील्ड के 6.5% पर स्थिर रहने और आरबीआई द्वारा अक्टूबर नीति समीक्षा में रेपो दर को 5.5% पर बनाए रखने का उल्लेख किया गया है, जिसका कारण कम मुद्रास्फीति और मजबूत वृद्धि है।
कर संग्रह और जैव-अर्थव्यवस्था
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 नवंबर, 2025 तक के अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में 7% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो 12.92 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में एक महत्वपूर्ण उछाल है, जो बेहतर कर अनुपालन, मजबूत कॉर्पोरेट आय और व्यक्तिगत आयकर भुगतान में निरंतर गति को दर्शाता है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि भारत की जैव-अर्थव्यवस्था, जो लगभग 10 साल पहले 10 अरब डॉलर थी, अब 130 अरब डॉलर से अधिक हो गई है और आने वाले कुछ वर्षों में 300 अरब डॉलर के आंकड़े तक पहुंचने की संभावना है।
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और टैरिफ
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित व्यापार समझौते की भारत की इच्छा पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसानों, मछुआरों और डेयरी क्षेत्र के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 500 अरब डॉलर से अधिक करना है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि भारत पर लगाए गए टैरिफ को आधा कर दिया जाएगा, क्योंकि भारत ने रूस से तेल खरीद कम कर दी है।
शेयर बाजार का प्रदर्शन
11 नवंबर, 2025 को भारतीय शेयर बाजार में मिश्रित रुझान देखा गया। विमानन, ऑटो और आईटी क्षेत्रों में लाभ हुआ, जबकि कुछ वित्तीय शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा। इंडिगो, बीईएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), अदानी पोर्ट्स और एचसीएलटेक शीर्ष लाभ पाने वाले शेयरों में से थे, जबकि बजाज फाइनेंस में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों ने ट्रेंट को डाउनग्रेड किया, जबकि नायका के लिए 'ओवरवेट' रेटिंग बनाए रखी। 12 नवंबर, 2025 को भारतीय शेयर बाजार के वैश्विक संकेतों के अनुरूप ऊंचे स्तर पर खुलने की संभावना है, जिसमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और टाटा स्टील सहित कई कंपनियां अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगी।