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November 08, 2025 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के नवीनतम अपडेट्स: क्वांटम प्रगति, कैंसर उपचार में सफलता और अंतरिक्ष मिशन

पिछले 24 घंटों में भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्वांटम सुरक्षा चिप, क्वांटम कंप्यूटिंग चिप और भारत की पहली स्वदेशी CAR-T सेल थेरेपी सहित तीन नवाचारों का अनावरण किया। NASA-ISRO के NISAR उपग्रह को भी परिचालन में घोषित किया गया है, और भारतीय नौसेना ने स्वदेशी सर्वेक्षण पोत आईएनएस इक्षक को शामिल किया है। इसके अतिरिक्त, भारत ने सुरक्षित संचार के लिए 500 किलोमीटर के क्वांटम-आधारित नेटवर्क का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है।

भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसमें पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ और उपलब्धियाँ शामिल हैं। इनमें क्वांटम कंप्यूटिंग में महत्वपूर्ण छलांग, कैंसर के उपचार में स्वदेशी सफलताएँ और अंतरिक्ष तथा रक्षा क्षमताओं में प्रगति शामिल है।

क्वांटम प्रौद्योगिकी और कैंसर उपचार में नवाचार

नई दिल्ली में आयोजित 'इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2025)' के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन प्रमुख नवाचारों का अनावरण किया। इनमें भारत की अपनी क्वांटम सुरक्षा चिप (QSIP) और भारत की पहली 25-क्विबिट क्वांटम कंप्यूटिंग चिप (QPU) शामिल हैं, जो भविष्य की गणनाओं को शक्ति प्रदान करेंगी।

इसी कॉन्क्लेव में, 'नेक्सकार19' (NexCAR19) नामक भारत की पहली स्वदेशी CAR-T सेल थेरेपी का भी अनावरण किया गया। यह थेरेपी, जिसे ImmunoACT (आईआईटी बॉम्बे के एक स्पिन-ऑफ) द्वारा विकसित किया गया है, कैंसर के उपचार में एक क्रांतिकारी सफलता है। इसे "मेड इन इंडिया, फॉर द वर्ल्ड" नवाचार के रूप में सराहा जा रहा है, जिसने जीन थेरेपी को काफी अधिक किफायती और सुलभ बना दिया है। इस परियोजना को जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (BIRAC) का समर्थन प्राप्त था।

अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में प्रगति

NASA और ISRO द्वारा संयुक्त रूप से विकसित NISAR (NASA-ISRO सिंथेटिक अपर्चर रडार) उपग्रह को 7 नवंबर, 2025 को परिचालन में घोषित किया गया। यह पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ग्रह की भूमि और बर्फ की सतहों की निगरानी करने की क्षमता रखता है।

भारतीय नौसेना ने 6 नवंबर, 2025 को कोच्चि में आईएनएस इक्षक (INS Ikshak) को शामिल किया। यह तीसरा स्वदेशी रूप से निर्मित सर्वेक्षण पोत (बड़ा) (SVL) श्रेणी का जहाज है, जिसमें 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' पहल का समर्थन करता है। इसके अतिरिक्त, भारत ने डिजिटल रूप से सुरक्षित संचार के लिए 500 किलोमीटर के क्वांटम-आधारित नेटवर्क का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है।

गगनयान परियोजना के पहले मानव रहित मिशन के जनवरी 2026 में होने की उम्मीद है, जो भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम की दिशा में एक और कदम है।

अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स

  • ASTIC 2025 में, CSIR ने उन्नत सामग्री और विनिर्माण में सफलताओं पर प्रकाश डाला, जिसमें Skyroot Aerospace का विक्रम-1 (भारत का पहला ऑल-कार्बन लॉन्च वाहन) और स्वच्छ जल के लिए नैनोटेक्नोलॉजी शामिल हैं।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने ESTIC 2025 में ₹1 लाख करोड़ की अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) योजना निधि भी शुरू की।
  • भारत ने निर्धारित समय से पाँच साल पहले ही पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है, जो वैश्विक जलवायु वार्ताओं में चर्चा का विषय है।
  • खगोलविदों को C/2025 K1 (ATLAS) नामक एक धूमकेतु ने आश्चर्यचकित किया है, जो सूर्य के करीब से गुजरने के बाद भी बच गया और हरे से दुर्लभ सुनहरे रंग में बदल गया। यह 25 नवंबर को पृथ्वी के सबसे करीब होगा।

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