भारत सरकार ने हाल ही में कई प्रमुख योजनाओं और नीतियों को अद्यतन या लॉन्च किया है, जो देश के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को आकार देंगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ये घटनाक्रम महत्वपूर्ण हैं:
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना बनी
भारत की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY), आधिकारिक तौर पर दुनिया का सबसे बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम बन गई है। 23 सितंबर, 2018 को शुरू की गई यह योजना अब 12 करोड़ से अधिक निम्न-आय वाले परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये प्रति परिवार का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करती है। 28 अक्टूबर, 2025 तक, इस योजना के तहत 42 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिसमें 86 लाख वरिष्ठ नागरिक नामांकित हैं। आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार, आयुष्मान भारत ने लाभार्थियों को अपनी जेब से स्वास्थ्य देखभाल लागत में 1.52 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत कराई है। केंद्रीय बजट 2025-26 में AB-PMJAY के लिए 9,406 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो 2020 के बाद से सबसे अधिक वार्षिक आवंटन है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की नई कर्मचारी नामांकन योजना 2025
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने 5 नवंबर, 2025 को EPFO के 73वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान 'कर्मचारी नामांकन योजना 2025' लॉन्च की। इस योजना का उद्देश्य उन कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान करना है जो 1 जुलाई, 2017 और 31 अक्टूबर, 2025 के बीच कार्यरत थे, लेकिन EPF अधिनियम के तहत कवर नहीं किए गए थे। यह योजना 1 नवंबर, 2025 से 30 अप्रैल, 2026 तक छह महीने की अवधि के लिए खुली रहेगी, जिससे नियोक्ताओं को सरलीकृत दस्तावेजीकरण और कम दंड के साथ ऐसे कर्मचारियों को नामांकित करने का अवसर मिलेगा। यदि कर्मचारी का अंशदान पहले नहीं काटा गया था, तो घोषित अवधि के लिए उसे माफ कर दिया जाएगा, और नियोक्ताओं को केवल अपना हिस्सा, ब्याज, प्रशासनिक शुल्क और 100 रुपये का मामूली दंडात्मक क्षति शुल्क जमा करना होगा।
अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) योजना का शुभारंभ
3 नवंबर, 2025 को 1 लाख करोड़ रुपये की अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) योजना निधि शुरू की गई। यह योजना भारत के अनुसंधान और विकास इकोसिस्टम को मजबूत करने और निजी क्षेत्र द्वारा संचालित नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य देश की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति में तेजी लाना है। यह पहल उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC) 2025 के उद्घाटन के दौरान शुरू की गई, जो 3 से 5 नवंबर, 2025 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।
राशन कार्ड प्रणाली में बदलाव और मुफ्त राशन की नई व्यवस्था
भारत सरकार ने गरीब और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत देने के लिए राशन वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है, जो नवंबर 2025 से लागू हो गया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब पात्र परिवारों को हर तीन महीने में एक बार पूरा राशन (गेहूं, चावल, दालें, तेल और मोटा अनाज) मुफ्त दिया जाएगा। 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' व्यवस्था अब पूरे देश में लागू हो चुकी है, जिससे लाभार्थी देश के किसी भी राज्य से अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे। पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने राशन कार्ड धारकों को हर महीने 1500 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) देने का भी वादा किया है, बशर्ते बैंक खाता आधार से लिंक हो।
'माई भारत' (मेरा युवा भारत) पहल
केंद्र सरकार की 'माई भारत' पहल देश के युवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक मंच के रूप में उभरी है। अपनी शुरुआत के दो साल से भी कम समय में, यह 2 करोड़ से अधिक युवाओं और 1.20 लाख से अधिक साझेदार संगठनों को जोड़ने वाला देश का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म बन गया है। 'माई भारत' पोर्टल पंजीकरण, डिजिटल आईडी, अवसर मिलान और वास्तविक समय प्रभाव डैशबोर्ड की सुविधा प्रदान करता है, जिसमें 14.5 लाख से अधिक स्वयंसेवा के अवसर उपलब्ध हैं। 'माई भारत 2.0' एक अगली पीढ़ी का, एआई-संचालित, बहुभाषी प्लेटफॉर्म होगा, जिसमें करियर काउंसलिंग, एआई-आधारित कौशल मानचित्रण और उद्यमिता सहायता जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी।
फ्री लैपटॉप योजना 2025
भारत सरकार और कई राज्य सरकारों ने नवंबर 2025 में 9वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के मेधावी छात्रों के लिए फ्री लैपटॉप योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और उनकी पढ़ाई को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाना है। पात्र छात्रों को या तो सीधे लैपटॉप दिए जाएंगे या उनके बैंक खाते में 25,000 रुपये की राशि भेजी जाएगी। यह योजना उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में सक्रिय रूप से चल रही है, जिसमें अलग-अलग राज्यों में पात्रता मानदंड (जैसे न्यूनतम अंक) हैं।
विशेष इस्पात के लिए PLI योजना (PLI 1.2) का तीसरा दौर
इस्पात मंत्रालय ने 6,322 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ विशेष इस्पात के लिए PLI योजना (PLI 1.2) का तीसरा दौर शुरू किया है। इस योजना का लक्ष्य उच्च मूल्य वाले इस्पात का उत्पादन करना और भारत के विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देना है।