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November 04, 2025 भारत में सरकारी योजनाओं और नीतियों पर दैनिक अपडेट (3-4 नवंबर 2025)

पिछले 24 घंटों में भारत सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों की घोषणा की गई है, जिनमें राशन वितरण प्रणाली में बड़े बदलाव, कर्मचारियों के लिए नई सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ और विभिन्न वित्तीय नियमों में संशोधन शामिल हैं। इन अपडेट्स का उद्देश्य नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और बेहतर प्रशासनिक सेवाएँ प्रदान करना है, साथ ही पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना भी है।

भारत सरकार ने पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं और नीतियों को लागू किया है या उनमें संशोधन किए हैं, जिनका सीधा प्रभाव लाखों नागरिकों पर पड़ेगा। इन घोषणाओं का मुख्य उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।

राशन वितरण प्रणाली में बदलाव: एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड और त्रैमासिक वितरण

नवंबर 2025 से, पात्र परिवारों के लिए राशन वितरण प्रणाली में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' व्यवस्था पूरे देश में पूरी तरह से लागू हो गई है, जिससे लाभार्थी देश के किसी भी राज्य से अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, सरकार ने घोषणा की है कि पात्र परिवारों को मासिक के बजाय हर तीन महीने में एक बार मुफ्त राशन (गेहूं, चावल, दालें, तेल और मोटा अनाज) एक साथ दिया जाएगा। इस कदम से पारदर्शिता बढ़ने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने की उम्मीद है। डिजिटल इंडिया मिशन के तहत, ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन सभी लाभार्थियों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ₹1000 प्रति माह की वित्तीय सहायता भी मिलेगी।

कर्मचारियों के लिए नई नामांकन योजना 2025 (EPFO)

3 नवंबर, 2025 को, केंद्र सरकार ने 'कर्मचारी नामांकन नई योजना 2025' शुरू की है, जिसका उद्देश्य उन कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है जो अब तक कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) कवरेज से बाहर थे। यह योजना 1 जुलाई 2017 से 23 अक्टूबर 2025 तक EPF कवरेज से बाहर रहे पात्र कर्मचारियों को शामिल करने के लिए 1 नवंबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक छह महीने की अवधि प्रदान करती है। इस योजना के तहत, कर्मचारियों के हिस्से का अंशदान माफ कर दिया गया है (यदि पहले नहीं काटा गया था), और नियोक्ताओं को केवल ₹100 प्रति प्रतिष्ठान का नाममात्र प्रशासनिक शुल्क देना होगा।

1 नवंबर 2025 से लागू हुए प्रमुख वित्तीय नियम

नवंबर 2025 की शुरुआत से कई महत्वपूर्ण वित्तीय नियम बदल गए हैं, जिनका असर बैंक ग्राहकों, पेंशनभोगियों और आम जनता पर पड़ेगा:

  • बैंक नामांकन नियम: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंक खाताधारक और लॉकर उपयोगकर्ता अब एक के बजाय चार नॉमिनी तक नामित कर सकते हैं और प्रत्येक के लिए प्रतिशत हिस्सेदारी भी निर्दिष्ट कर सकते हैं। यह नियम 1 नवंबर, 2025 से प्रभावी है।
  • पेंशन योजना में बदलाव: केंद्र और राज्य सरकार के पेंशनभोगियों को 30 नवंबर, 2025 तक अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से एकीकृत पेंशन योजना (UPS) में संक्रमण की अंतिम तिथि भी 30 नवंबर, 2025 तक बढ़ा दी गई है।
  • जीएसटी पंजीकरण: 1 नवंबर, 2025 से एक सरल जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे कुछ श्रेणियों के आवेदकों को 3 कार्य दिवसों के भीतर स्वचालित पंजीकरण मिल सकेगा।
  • आधार अपडेट शुल्क: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने बच्चों के लिए ₹125 के बायोमेट्रिक अपडेट शुल्क को एक साल के लिए माफ कर दिया है। वयस्कों के लिए जनसांख्यिकीय अपडेट का खर्च ₹75 होगा।
  • एसबीआई कार्ड शुल्क: 1 नवंबर से, एसबीआई कार्ड तीसरे पक्ष के ऐप्स के माध्यम से शिक्षा भुगतान और ₹1,000 से अधिक के वॉलेट लोड पर 1% लेनदेन शुल्क लेगा।

मध्य प्रदेश की 'समाधान योजना 2025-26'

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 3 नवंबर, 2025 को 'समाधान योजना 2025-26' का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत राज्य के 90 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं का ₹3,000 करोड़ से अधिक का बिजली बिल सरचार्ज माफ किया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं पर तीन महीने तक का सरचार्ज बकाया है, उन्हें 100% छूट का लाभ मिलेगा।

पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त

पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त नवंबर 2025 के पहले सप्ताह में जारी होने की उम्मीद है। रिपोर्टों के अनुसार, यह राशि बिहार चुनाव से पहले किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा सकती है।

आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY)

आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, जो 2018 में शुरू की गई थी, ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2024-25 के बीच, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के विकास और संचालन पर ₹5,000 करोड़ से अधिक खर्च किए हैं, जो प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घरों के करीब उपलब्ध कराते हैं।

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