भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिले हैं। अक्टूबर 2025 में विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत सुधार दर्ज किया गया, जबकि भारत प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ समझौतों को आगे बढ़ा रहा है।
विनिर्माण पीएमआई में उछाल
अक्टूबर 2025 में एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) सितंबर के 57.7 से बढ़कर 59.2 पर पहुंच गया। यह वृद्धि जीएसटी कटौती, उत्पादकता लाभ और प्रौद्योगिकी निवेश के कारण विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत सुधार का संकेत देती है। 50 से ऊपर का अंक विस्तार और 50 से नीचे का अंक संकुचन दर्शाता है, जिससे यह वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत
राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है।
जीएसटी संग्रह में वृद्धि
अक्टूबर 2025 में भारत का जीएसटी संग्रह पिछले वर्ष की इसी अवधि के 1.87 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 4.6 प्रतिशत बढ़कर 1.96 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह वृद्धि सितंबर में जीएसटी परिषद द्वारा की गई कर कटौती के बावजूद हुई है।
शेयर बाजार की स्थिति
3 नवंबर को भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 41.25 अंक (0.16%) बढ़कर 25,763.35 पर और सेंसेक्स 39.78 अंक (0.05%) बढ़कर 83,978.49 पर बंद हुआ। हालांकि, 4 नवंबर को वैश्विक संकेतों के मिले-जुले रहने के कारण भारतीय शेयर बाजार के सुस्त या मामूली गिरावट के साथ खुलने की उम्मीद है। गिफ्ट निफ्टी भी नकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समझौते
- भारत-बहरीन व्यापार समझौता: भारत और बहरीन ने एक महत्वाकांक्षी व्यापार समझौते के लिए बातचीत शुरू करने की घोषणा की है। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने निवेश, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। बहरीन के शीर्ष पांच व्यापारिक साझेदारों में भारत भी शामिल है।
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही एक व्यापार समझौते की उम्मीद है, जिसकी घोषणा नवंबर के अंत तक हो सकती है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने भरोसा जताया है कि टैरिफ विवाद अगले कुछ महीनों में सुलझ सकता है। हालांकि, ट्रम्प टैरिफ के कारण मई और सितंबर 2025 के बीच अमेरिका को भारतीय निर्यात में 37.5% की भारी गिरावट आई है, जिससे स्मार्टफोन, फार्मास्यूटिकल्स और वस्त्र जैसे प्रमुख क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। फिच रेटिंग्स ने भी नोट किया है कि भारत पर लगाया गया 50% टैरिफ अधिकांश एशियाई निर्यातकों की तुलना में काफी अधिक है।
सोने की कीमतें
3 नवंबर, 2025 को भारत में 24 कैरेट सोने की कीमतें ₹12,317 प्रति ग्राम पर स्थिर रहीं। त्योहारी मांग और स्थिर खुदरा खरीद से पीली धातु को समर्थन मिलता रहा। डॉलर के कमजोर होने और सामान्य मांग में वृद्धि के कारण सोमवार सुबह घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उछाल देखा गया।
सौर ऊर्जा क्षमता
प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत सकारात्मक प्रतिक्रिया के कारण, वित्तीय वर्ष 2028 तक भारत की सौर क्षमता लगभग 216 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे 3.5 बिलियन यूनिट बिजली उत्पन्न होगी।
जीडीपी वृद्धि अनुमान में कमी
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी आईसीआरए ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.5% से घटाकर 6.2% कर दिया है। वैश्विक अनिश्चितताएं, वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अनिश्चित व्यापार नीतियां इस कमी के प्रमुख जोखिम कारक बताए गए हैं।