भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार के क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं।
अक्टूबर में GST संग्रह में वृद्धि
वित्त मंत्रालय द्वारा 1 नवंबर को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह अक्टूबर 2025 में 1.96 ट्रिलियन रुपये (या 1.95 लाख करोड़ रुपये) तक पहुँच गया है। यह पिछले साल इसी महीने की तुलना में 4.6% की वृद्धि दर्शाता है। यह वृद्धि मुख्य रूप से त्योहारी सीज़न के दौरान उपभोक्ताओं द्वारा किए गए खर्च और बेहतर कर अनुपालन के कारण हुई है, भले ही हाल ही में 375 वस्तुओं पर करों में कटौती की गई थी। रिफंड के बाद शुद्ध संग्रह 1.69 ट्रिलियन रुपये रहा, जो अक्टूबर 2024 की तुलना में 0.6% की मामूली वृद्धि है।
1 नवंबर से लागू हुए नए वित्तीय नियम
1 नवंबर, 2025 से कई महत्वपूर्ण वित्तीय नियम लागू हो गए हैं, जिनका बैंक ग्राहकों, आधार धारकों, पेंशनभोगियों और क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं पर सीधा प्रभाव पड़ेगा:
- बैंक खाता नामांकन: बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत, खाताधारक अब बैंक खातों और लॉकरों के लिए अधिकतम चार व्यक्तियों को नामांकित कर सकते हैं। वे प्रत्येक नामांकित व्यक्ति के लिए हिस्से या प्रतिशत भी निर्दिष्ट कर सकते हैं।
- आधार अपडेट: आधार कार्ड पर नाम, पता और मोबाइल नंबर जैसे जनसांख्यिकीय विवरणों को ऑनलाइन अपडेट करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
- SBI कार्ड शुल्क: SBI कार्ड ने अपनी शुल्क संरचना में संशोधन किया है, जिसके तहत शिक्षा-संबंधी भुगतानों और ₹1,000 से अधिक के वॉलेट लोड पर 1% शुल्क लगाया जाएगा।
- GST स्लैब में बदलाव: GST प्रणाली को चार स्लैब से बदलकर दो स्लैब (और एक विशेष दर) कर दिया गया है। 12% और 28% के स्लैब समाप्त कर दिए गए हैं, और लक्जरी तथा 'सिन गुड्स' पर 40% GST लागू किया गया है।
- PNB लॉकर किराया: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने विभिन्न लॉकर श्रेणियों के लिए किराए में कमी की घोषणा की है।
- पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र: सरकारी पेंशनभोगियों को अपनी मासिक पेंशन के निर्बाध भुगतान के लिए 1 नवंबर से 30 नवंबर, 2025 के बीच अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
- NPS से UPS संक्रमण की समय सीमा: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से एकीकृत पेंशन योजना (UPS) में स्विच करने की समय सीमा 30 नवंबर, 2025 तक बढ़ा दी गई है।
FDI में अमेरिका और सिंगापुर का प्रमुख योगदान
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नवीनतम विदेशी देनदारियां और परिसंपत्तियां (FLA) जनगणना 2024-25 के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका और सिंगापुर ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत के कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में एक तिहाई से अधिक का योगदान दिया है। विनिर्माण क्षेत्र को FDI का सबसे बड़ा हिस्सा (48.4%) प्राप्त हुआ, जो भारत की वैश्विक उत्पादन केंद्र के रूप में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। सेवा क्षेत्र दूसरे स्थान पर रहा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारतीय कंपनियों द्वारा किए गए बाहरी प्रत्यक्ष निवेश (ODI) की वृद्धि दर (17.9%) FDI की वृद्धि दर (11.1%) से अधिक रही, जो भारतीय कंपनियों के वैश्विक विस्तार का संकेत देती है।
अन्य प्रमुख आर्थिक समाचार
- डेलॉइट का अनुमान है कि भारत की अर्थव्यवस्था इस वित्तीय वर्ष (FY26) में 6.7% से 6.9% के बीच बढ़ेगी, जो कर कटौती, GST सुधारों और अनुकूल मौद्रिक नीति से समर्थित है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी 2025-26 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.6% रहने का अनुमान लगाया है, जो इसे दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाएगा।
- भारतीय रिफाइनरियां 2025 के प्रतिबंधों के कारण रूसी तेल से दूर हटकर अन्य स्रोतों की ओर बढ़ रही हैं, जिससे भारत के ऊर्जा आयात बिल पर महत्वपूर्ण आर्थिक प्रभाव पड़ रहा है।
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, 2,000 रुपये के 5,817 करोड़ रुपये के नोट अभी भी प्रचलन में हैं।
- हैदराबाद स्थित रियल एस्टेट कंपनी ASBL को "भारत में सबसे तेजी से बढ़ती रियल एस्टेट कंपनी" के रूप में मान्यता मिली है। रियल एस्टेट क्षेत्र का भारतीय GDP में लगभग 9% का योगदान है और 2030 तक इसके 1 ट्रिलियन डॉलर का उद्योग बनने का अनुमान है।
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) पर सोने के आयात के लिए अपना पहला व्यापार पूरा किया है।