29 अक्टूबर, 2025 को भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय प्रगति और घोषणाएँ देखीं, जो नवाचार और आत्मनिर्भरता पर देश के बढ़ते फोकस को दर्शाती हैं।
बेंगलुरु में 'क्वांटम सिटी' की स्थापना
कर्नाटक के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री एन.एस. बोसराजु ने घोषणा की कि स्विस कंपनियों और प्रमुख शोध संस्थानों ने बेंगलुरु में प्रस्तावित 'क्वांटम सिटी' में साझेदारी करने में रुचि दिखाई है। इस परियोजना का उद्देश्य बेंगलुरु को क्वांटम क्षेत्र के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाना है, जिसमें अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और स्टार्टअप के लिए इन्क्यूबेशन सुविधाओं के लिए भूमि आवंटित की गई है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी संचार में हिंदी को बढ़ावा
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी सामग्री के प्रसार में AI-संचालित अनुवाद उपकरणों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने मंत्रालयों की वेबसाइटों को हिंदी में सुलभ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि वैज्ञानिक जानकारी देश के नागरिकों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंच सके।
स्वदेशी प्रौद्योगिकी और डीपटेक इकोसिस्टम पर जोर
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की वृद्धि और संप्रभुता के लिए विदेशी निर्भरता को कम करने और स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर सहित एक जीवंत डीपटेक इकोसिस्टम के लिए सरकार के दृष्टिकोण का उल्लेख किया, और अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ₹1 लाख करोड़ के अनुसंधान कोष के आवंटन की बात कही।
भारत का पहला स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर 'विक्रम 3201'
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला द्वारा विकसित भारत के पहले पूरी तरह से स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर, 'विक्रम 3201' का अनावरण तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में उजागर किया गया। यह विदेशी प्रौद्योगिकियों पर निर्भरता कम करने के भारत के उद्देश्य को मजबूत करता है।
AI-आधारित जीव विज्ञान अनुसंधान के लिए CALIBRE का शुभारंभ
बेंगलुरु में नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज (NCBS) और इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल साइंसेज (ICTS) ने जैविक अनुसंधान और शिक्षा के लिए आर्टिफिशियल लर्निंग और इंटेलिजेंस सेंटर (CALIBRE) का शुभारंभ किया। इस केंद्र का लक्ष्य भारत की अनूठी जैव विविधता और स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए AI उपकरणों के विकास में अंतर को भरना है।
राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 की घोषणा
भारत सरकार ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में उत्कृष्टता को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 की घोषणा की। ये पुरस्कार विभिन्न श्रेणियों में दिए जाएंगे, जिनमें विज्ञान रत्न, विज्ञान श्री, विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर और विज्ञान टीम शामिल हैं।
भारतीय मिट्टी के स्वास्थ्य पर रिपोर्ट
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) ने "सतत खाद्य प्रणाली रिपोर्ट" जारी की, जिसमें मृदा स्वास्थ्य कार्ड डेटा के आधार पर भारतीय मिट्टी में गंभीर पोषक तत्वों की कमी पर प्रकाश डाला गया।
नल के पानी में "सुपरबग जीन" की खोज
आईआईटी मद्रास और जेडएसआई कोलकाता के वैज्ञानिकों ने भारत के नल के पानी में "सुपरबग जीन" (एंटीबायोटिक प्रतिरोधी बैक्टीरिया बनाने वाले जीन) की उपस्थिति का खुलासा किया है, जिससे पानी की सुरक्षा और एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध के प्रसार के बारे में चिंताएँ बढ़ गई हैं।