इज़राइल-गाजा संघर्ष में वृद्धि:
मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। 29 अक्टूबर, 2025 को इजरायली हमलों में गाजा में कम से कम 104 लोग मारे गए, जिनमें 46 बच्चे शामिल थे। ये हमले फिलिस्तीनी आतंकवादियों द्वारा किए गए एक हमले के जवाब में हुए थे। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अप्रैल में यमन की एक जेल पर हुए अमेरिकी हमले को युद्ध अपराध बताया है, जिसमें दर्जनों अफ्रीकी प्रवासी मारे गए थे।
क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंधों को समाप्त करने का UN का आह्वान:
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने बुधवार, 29 अक्टूबर, 2025 को लगातार 33वीं बार क्यूबा पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को समाप्त करने के प्रस्ताव को पारित किया। यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से इन प्रतिबंधों को हटाने के लिए एक मजबूत और निरंतर आह्वान को दर्शाता है।
अमेरिकी संघीय सरकार का शटडाउन और आर्थिक प्रभाव:
अमेरिकी संघीय सरकार का शटडाउन 29वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस स्थिति के कारण, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने आर्थिक दृष्टिकोण पर मंडरा रहे अनिश्चितता के बाद प्रमुख दरों में कटौती की है। इसके अतिरिक्त, 25 अमेरिकी राज्यों और वाशिंगटन, डी.सी. ने सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (SNAP) लाभों के निलंबन को लेकर ट्रम्प प्रशासन पर मुकदमा दायर किया है।
अमेरिका-दक्षिण कोरिया व्यापार समझौता:
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मुलाकात के बाद एक नए व्यापार समझौते की घोषणा की। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत करना है।
रूस द्वारा पोसीडॉन टॉरपीडो का सफल परीक्षण:
रूस ने अपने परमाणु-संचालित अंडरवाटर टॉरपीडो 'पोसीडॉन' का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है, जो वैश्विक सैन्य संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव:
तुर्की में हुई शांति वार्ता विफल होने के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव "खुले युद्ध" के करीब पहुंच गया है। इस स्थिति से क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि:
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (इज़राइल-गाजा संघर्ष सहित) और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की उम्मीदों के कारण 29 अक्टूबर, 2025 को कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि देखी गई।
साइक्लोन मोंथा का कहर:
चक्रवाती तूफान 'मोंथा' ने आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दी, जिससे दक्षिणी भारत के कई हिस्सों में भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ। इस तूफान का असर पड़ोसी ओडिशा में भी महसूस किया गया।