भारत ने पिछले 24 घंटों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण प्रगति की है, जो देश को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।
6G विजन और दूरसंचार में आत्मनिर्भरता
सरकार ने "भारत 6G विजन" के तहत 6G प्रौद्योगिकी विकसित करने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है, जिसका लक्ष्य 2030 तक भारत को उन्नत दूरसंचार नवाचार का केंद्र बनाना है। इस पहल का उद्देश्य सस्ती, टिकाऊ और सर्व-सुलभ कनेक्टिविटी प्रदान करना है, जिससे रिमोट सर्जरी, उन्नत रोबोटिक्स और स्मार्ट शहरों जैसे वास्तविक समय के अनुप्रयोगों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार भारत को अगली पीढ़ी की संचार तकनीकों में वैश्विक अग्रणी बनाने के लिए तेजी से कदम उठा रही है।
AI-जनित सामग्री पर सख्त नियम
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग और डीपफेक के प्रसार को रोकने के लिए, भारत सरकार ने AI-जनित सामग्री को सोशल मीडिया पर लेबल करना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम सभी सॉफ्टवेयर, डेटाबेस और कंप्यूटर संसाधनों पर लागू होगा जो सिंथेटिक सामग्री बनाते हैं, जिससे डिजिटल दुनिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत सूचनाओं से बचाव होगा। इस कदम से माइक्रोसॉफ्ट, ओपनएआई, गूगल और मेटा जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों पर सीधा असर पड़ेगा, जिन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके सभी AI-जनित कंटेंट पर स्पष्ट डिस्क्लेमर हो।
कुशीनगर में ऐतिहासिक मॉडल रॉकेट लॉन्च कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में 27 से 29 अक्टूबर, 2025 तक देश का अब तक का सबसे बड़ा मॉडल रॉकेट लॉन्चिंग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में नासा (NASA) और इसरो (ISRO) के वैज्ञानिकों की मौजूदगी में 600 से अधिक रॉकेट एक साथ लॉन्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य भारत के ग्रामीण युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान के प्रति रुचि जगाना है।
MAHA-MedTech मिशन का शुभारंभ
अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से 27 अक्टूबर, 2025 को MAHA-MedTech मिशन लॉन्च किया है। इस मिशन का लक्ष्य भारत के तेजी से बढ़ते चिकित्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवाचार को गति देना, महंगे आयात पर निर्भरता कम करना और सस्ती व उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना है।
चिकित्सा क्षेत्र में AI का कमाल
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दवा खोज प्रक्रिया में क्रांति ला रहा है, जिससे क्लिनिकल ट्रायल में लगने वाले समय और लागत में काफी कमी आ रही है। भारत ने जीवन विज्ञान के साथ AI को एकीकृत करने की क्षमता को पहचाना है, जैसा कि अगस्त 2025 में पहली AI-बायोलॉजी संगोष्ठी और बायो एशिया 2025 में AI पर ध्यान केंद्रित करने से स्पष्ट है। यह भारत को 'दुनिया की फार्मेसी' से नवाचार की शक्ति में बदल सकता है।
राष्ट्रीय ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क का विस्तार
सितंबर 2024 में शुरू किए गए राष्ट्रीय ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क (NBF) ने सार्वजनिक सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अक्टूबर 2025 तक, इस तकनीक का उपयोग करके 340 मिलियन से अधिक दस्तावेजों का सत्यापन किया जा चुका है।
ISRO की आगामी उपग्रह प्रक्षेपण की तैयारी
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) 2 नवंबर, 2025 को देश के सबसे भारी उपग्रह, CMS-03 (4400 किलोग्राम) को LVM3 रॉकेट से लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। यह उपग्रह भारतीय नौसेना के लिए बनाया गया है और समुद्री क्षेत्रों पर नजर रखने में मदद करेगा।
भारत में Google का सबसे बड़ा AI हब
Google ने भारत में अमेरिका के बाहर अपना सबसे बड़ा AI स्केल हब स्थापित करने की घोषणा की है, जिसमें अगले पांच वर्षों में लगभग 15 अरब डॉलर का निवेश होगा। इस परियोजना का उद्देश्य भारत को वैश्विक AI हब बनाना, नई नौकरियाँ सृजित करना और वैश्विक प्रौद्योगिकी निवेश को आकर्षित करना है।
रिलायंस और फेसबुक द्वारा नई AI कंपनी
रिलायंस और फेसबुक (मेटा) ने भारत में AI के विकास को आगे बढ़ाने के लिए 855 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक नई AI कंपनी बनाई है। इस संयुक्त उद्यम का लक्ष्य भारतीय व्यवसायों, उद्योगों और स्टार्टअप्स को AI-आधारित तकनीक से जोड़ना है।