GK Ocean

📢 Join us on Telegram: @current_affairs_all_exams1 for Daily Updates!
Stay updated with the latest Current Affairs in 13 Languages - Articles, MCQs and Exams

October 27, 2025 विज्ञान और प्रौद्योगिकी अपडेट: भारत में कृषि, 6G और मंगल अनुसंधान में नवीनतम प्रगति

भारत ने पिछले 24 घंटों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण प्रगति देखी है। इनमें कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर एक नई रिपोर्ट का विमोचन, देश के 6G विजन को आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक पहलों की घोषणा, और भारतीय शोधकर्ताओं द्वारा खमीर के मंगल जैसे वातावरण में जीवित रहने की खोज शामिल है। ये अपडेट भारत को नवाचार और तकनीकी आत्मनिर्भरता के पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

1. कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से भविष्य की क्रांति

26 अक्टूबर, 2025 को, भारत के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (OPSA) के कार्यालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सहयोग से 'भारत में भविष्य की खेती: कृषि के लिए AI प्लेबुक' नामक एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी की। यह पहल 'AI फॉर इंडिया 2030' कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारतीय कृषि को नवाचार और विस्तारशीलता के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए एक उत्तरदायी और समावेशी AI पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।

रिपोर्ट में भारतीय कृषि में क्रांति लाने वाले कई AI-आधारित उपयोग क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिनमें शामिल हैं:

  • इंटेलिजेंट क्रॉप प्लानिंग: AI उपकरण मिट्टी की गुणवत्ता, मौसम के रुझान, बाजार कीमतों और आयात-निर्यात डेटा का विश्लेषण कर अनुकूल फसल पैटर्न सुझाते हैं।
  • स्मार्ट फार्मिंग: सैटेलाइट मॉनिटरिंग, कीट भविष्यवाणी, त्वरित मिट्टी विश्लेषण और स्वचालित मशीनरी से उत्पादन दक्षता बढ़ती है और इनपुट लागत घटती है।
  • फार्म-टू-फोर्क समाधान: ट्रेसिबिलिटी, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और फिनटेक-आधारित मूल्य पूर्वानुमान से कृषि बाजारों में पारदर्शिता और लाभ बढ़ता है।

यह रिपोर्ट 'समावेशी मल्टीस्टेकहोल्डर पाथवे फॉर द एक्सीलरेटेड कन्वर्जेंस ऑफ AI टेक्नोलॉजीज (IMPACT AI)' फ्रेमवर्क भी प्रस्तुत करती है, जो AI पारिस्थितिकी तंत्र के विकास का मार्गदर्शन करता है। इसका लक्ष्य 2030 तक कृषि क्षेत्र में जिम्मेदार और सतत AI-आधारित परिवर्तन को साकार करना है।

2. भारत का 6G विजन और रणनीतिक पहल

26 अक्टूबर, 2025 को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार 6G प्रौद्योगिकियों को उन्नत करने और देश को अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी की ओर ले जाने के लिए कई रणनीतिक पहलों के माध्यम से आगे बढ़ रही है। '6G के साथ विकसित भारत का निर्माण' शीर्षक वाली यह रिपोर्ट भारत को 6G क्रांति में एक सह-निर्माता और सह-नेता के रूप में स्थापित करने पर केंद्रित है, जो घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों की जरूरतों के लिए संचार के भविष्य को आकार देगा।

भारत का 6G विजन किफ़ायत, स्थायित्व और सर्वव्यापकता के सिद्धांतों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य स्वदेशी नवाचार, उन्नत अनुसंधान एवं विकास और वैश्विक सहयोग के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना है। 22 मार्च, 2023 को "भारत 6G विजन" दस्तावेज़ जारी किया गया था, जिसमें भारत को 2030 तक 6G प्रौद्योगिकी के डिजाइन, विकास और कार्यान्वयन में अग्रणी योगदानकर्ता के रूप में देखा गया है।

सरकार ने 6G प्रौद्योगिकी के विकास को सुगम बनाने के लिए कई पहलें की हैं, जिनमें अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए 6G टीएचजेड टेस्टबेड और एडवांस ऑप्टिकल कम्युनिकेशन टेस्टबेड को वित्तपोषित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2023-24 में भारत भर के शैक्षणिक संस्थानों में 100 5G प्रयोगशालाओं को मंजूरी दी गई है ताकि देश में क्षमता निर्माण और 6G-रेडी शैक्षणिक और स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण हो सके।

3. भारतीय शोधकर्ताओं ने मंगल जैसे हालात में खमीर के जीवित रहने की खोज की

26 अक्टूबर, 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय शोधकर्ताओं की एक टीम ने एक महत्वपूर्ण खोज की है: बेकर का खमीर (baker's yeast) मंगल जैसे अत्यधिक वातावरण में जीवित रह सकता है। यह खोज मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाओं को समझने और भविष्य के अंतरिक्ष अन्वेषण मिशनों के लिए नई दिशाएँ खोल सकती है। यह दर्शाता है कि कुछ सामान्य जीव भी बाहरी अंतरिक्ष के कठोर वातावरण को सहन करने में सक्षम हो सकते हैं, जिससे ब्रह्मांड में जीवन की खोज में नई संभावनाएं जुड़ती हैं।

Back to All Articles