भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखे गए हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारतीय अर्थव्यवस्था में अपना विश्वास दोहराया है, यह अनुमान लगाते हुए कि भारत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6.6% की अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। यह आकलन विश्व बैंक और डेलॉयट जैसे अन्य वैश्विक निकायों के सकारात्मक दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है। ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर 50% सीमा-शुल्क लगाने के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव नगण्य रहा है। सितंबर में अमेरिका को निर्यात में कमी को अन्य देशों को निर्यात में वृद्धि से काफी हद तक पूरा किया गया। इसके अतिरिक्त, दशहरा, धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारी मौसम के दौरान 6,800 करोड़ अमेरिकी डॉलर मूल्य के विभिन्न उत्पादों और सेवाओं की रिकॉर्ड बिक्री देखी गई, जिसमें 87% उत्पाद भारत में बने थे। मुद्रास्फीति दर भी घटकर 1.54% हो गई है, जो पिछले आठ वर्षों में सबसे कम है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 अक्टूबर, 2025 को अपनी मौद्रिक नीति रिपोर्ट जारी की, जिसमें रेपो दर को 5.50% पर अपरिवर्तित रखा गया। आरबीआई ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के अनुमान को पहले के 6.5% से बढ़ाकर 6.8% कर दिया है और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान को 3.1% से घटाकर 2.6% कर दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारत का चालू खाता घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 0.2% तक कम हो गया है, जो एक साल पहले 0.9% था।
आज, 27 अक्टूबर, 2025 को भारतीय शेयर बाजार सकारात्मक नोट पर खुलने की उम्मीद है। मजबूत वैश्विक संकेत और अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में प्रगति के कारण सेंसेक्स और निफ्टी 50 में तेजी की संभावना है। गिफ्ट निफ्टी ने भी गैप-अप शुरुआत का संकेत दिया है। हालांकि, शुक्रवार को मुनाफावसूली के कारण घरेलू बाजारों में छह दिनों की तेजी टूट गई थी।
अन्य महत्वपूर्ण समाचारों में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज मुंबई में "भारत समुद्री सप्ताह 2025" का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन 27 से 31 अक्टूबर तक चलेगा, जिसका उद्देश्य भारत को एक वैश्विक समुद्री केंद्र के रूप में स्थापित करना और नीली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम में "स्मार्ट पोर्ट्स", "डिजिटल लॉजिस्टिक्स" और "हरित प्रौद्योगिकी" पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
निजी निवेश में भी वृद्धि देखी गई है, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में लगभग 1,800 परियोजनाओं में 10.55 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग दोगुना है। भारत सरकार भारत को वैश्विक खिलौना विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए 13,000 करोड़ रुपये की योजना पर भी काम कर रही है। हालांकि, चीन, वियतनाम और दक्षिण कोरिया से सस्ते आयात के कारण घरेलू कीमतों पर दबाव की चिंताओं के बीच इस्पात मंत्रालय इस्पात कंपनियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेगा। श्रम संबंधी एक संसदीय स्थायी समिति ने श्रम मंत्रालय से नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल पर रोजगार प्लेसमेंट डेटा के लिए एक मजबूत सत्यापन तंत्र विकसित करने का आग्रह किया है।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई है। 27 अक्टूबर को, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,21,518 प्रति 10 ग्राम थी, जबकि चांदी का भाव ₹1,47,033 प्रति किलोग्राम था।