पिछले 24 घंटों में भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिदृश्य में कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ और प्रगति हुई हैं, जो देश की वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता और तकनीकी नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कारों की घोषणा
केंद्र सरकार ने 25 अक्टूबर, 2025 को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कारों की घोषणा की। प्रख्यात खगोल भौतिक विज्ञानी जयंत विष्णु नार्लीकर को मरणोपरांत 'विज्ञान रत्न' पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके आजीवन योगदान को मान्यता देता है। इसके अतिरिक्त, अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उत्कृष्ट योगदान के लिए जे. नयन सहित आठ वैज्ञानिकों को 'विज्ञान श्री' पुरस्कार से नवाजा गया। चंद्रयान-3 टीम को भी एक टीम पुरस्कार प्राप्त हुआ।
महा-मेड टेक मिशन का अनावरण
विज्ञान मंत्रालय ने 25 अक्टूबर, 2025 को भारत के चिकित्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'मिशन फॉर एडवांसमेंट इन हाई-इम्पैक्ट एरियाज (MAHA)-मेडिकल टेक्नोलॉजी' की शुरुआत की। इस पहल का लक्ष्य उच्च लागत वाले आयात पर निर्भरता को कम करना और सस्ती व उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा प्रौद्योगिकियों तक समान पहुंच को बढ़ावा देना है। यह पहल अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF), ICMR और गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से शुरू की गई है।
महत्वपूर्ण खनिजों के लिए उत्कृष्टता केंद्र
खान मंत्रालय ने 24 अक्टूबर, 2025 को महत्वपूर्ण खनिज मूल्य श्रृंखला में अनुसंधान और विकास (R&D) को बढ़ावा देने के लिए भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बैंगलोर और सेंटर फॉर मैटेरियल्स फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी (C-MET), हैदराबाद में दो नए उत्कृष्टता केंद्र (CoE) स्थापित करने की घोषणा की। ये केंद्र स्वच्छ ऊर्जा, गतिशीलता, उन्नत प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण खनिजों में भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेंगे।
इसरो के अंतरिक्ष मिशनों में प्रगति
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने 24-25 अक्टूबर, 2025 को घोषणा की कि गगनयान मिशन का लगभग 90% विकास कार्य पूरा हो चुका है। इस मिशन का उद्देश्य 2027 तक तीन अंतरिक्ष यात्रियों को तीन दिवसीय मिशन के लिए भेजना है, जिससे पहले तीन मानवरहित मिशन होंगे। पहला मानवरहित मिशन, जिसमें व्योममित्रा रोबोट शामिल है, इस साल के अंत तक लॉन्च होने की उम्मीद है। इसके अलावा, चंद्रयान-4 मिशन का डिजाइन कार्य चल रहा है और इसे मंजूरी मिल गई है, जबकि भारत के प्रस्तावित अंतरिक्ष स्टेशन के पहले मॉड्यूल को भी स्वीकृति मिल गई है और इसका इंजीनियरिंग मॉडल तैयार किया जा रहा है।
भारत का पहला सेमीकंडक्टर इनोवेशन म्यूजियम
12 अक्टूबर, 2025 को हैदराबाद में भारत के पहले सेमीकंडक्टर इनोवेशन म्यूजियम का उद्घाटन किया गया। टी-चिप (टेक्नोलॉजी चिप इनोवेशन प्रोग्राम) द्वारा स्थापित इस संग्रहालय का उद्देश्य चिप निर्माण में क्रांतिकारी अनुसंधान और तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करना है। यह संग्रहालय शोधकर्ताओं, मीडिया, निवेशकों और आम जनता के लिए खुला रहेगा।
शासन में ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी का विस्तार
भारत में शासन में पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने के लिए ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी को तेजी से अपनाया जा रहा है। इसमें संपत्ति श्रृंखला, प्रमाण पत्र, रसद और न्यायिक प्रक्रियाओं जैसे क्षेत्र शामिल हैं। राष्ट्रीय ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क (NBF) 2024 इस पहल का समर्थन करता है।
उभरता विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC 2025)
23 अक्टूबर, 2025 को बेंगलुरु में उभरता विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC 2025) के लिए एक कर्टेन-रेज़र कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह सम्मेलन 3-5 नवंबर, 2025 को दिल्ली में होगा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित होगा, जिसका उद्देश्य मंत्रालयों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और डीप-टेक नवाचारों को प्रदर्शित करना है।