IMF ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.6% रहने का अनुमान लगाया
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपनी नवीनतम वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (WEO) रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि भारत 2025-26 में 6.6% की दर से बढ़कर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना रहेगा। यह अनुमान अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत की पहली तिमाही की मजबूत आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए किया गया है।
GST पंजीकरण प्रक्रिया 1 नवंबर से होगी सरल
सरकार 1 नवंबर से वस्तु एवं सेवा कर (GST) पंजीकरण प्रणाली को सरल बनाने जा रही है। इस नई प्रणाली के तहत, नए आवेदकों को तीन कार्य दिवसों के भीतर मंजूरी मिल जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक कार्यक्रम के दौरान इस जानकारी की पुष्टि की, जो जीएसटी परिषद द्वारा अनुमोदित जीएसटी 2.0 के तहत व्यवस्था को आसान बनाने का एक हिस्सा है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के करीब
भारत और अमेरिका एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। दोनों पक्ष वाशिंगटन में हाल ही में हुई वार्ता के बाद प्रस्तावित समझौते के कानूनी पहलुओं पर काम कर रहे हैं। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट
25 अक्टूबर, 2025 तक सोने और चांदी की कीमतों में लगातार सातवें दिन गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर की मजबूती, अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव में कमी, मुनाफावसूली और भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव डाला है। 24 कैरेट सोना प्रति ग्राम 12,436 रुपये पर बंद हुआ, जिसमें मामूली 1 रुपये की गिरावट देखी गई।
शेयर बाजार में गिरावट, IFSCA का GIFT सिटी प्रस्ताव
भारतीय शेयर बाजार (सेंसेक्स और निफ्टी) शुक्रवार को लगातार छह दिनों की तेजी के बाद गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार 25 अक्टूबर, शनिवार को बंद रहा। इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) ने गिफ्ट सिटी में कार्यरत फंड प्रबंधकों को अलग-अलग वितरण अधिकारों वाली कई श्रेणियों की इकाइयां जारी करने की अनुमति देने का प्रस्ताव किया है। इसका उद्देश्य सामाजिक रूप से आवश्यक लेकिन व्यावसायिक रूप से कम आकर्षक परियोजनाओं के लिए मिश्रित वित्तीय संरचनाओं को सक्षम बनाना है।
डीजल की कीमतों में स्थिरता
25 अक्टूबर, 2025 को भारत में डीजल की कीमतें स्थिर रहीं, जिससे उपभोक्ताओं और लॉजिस्टिक्स उद्योग दोनों को राहत मिली।