GK Ocean

📢 Join us on Telegram: @current_affairs_all_exams1 for Daily Updates!
Stay updated with the latest Current Affairs in 13 Languages - Articles, MCQs and Exams

October 25, 2025 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति: महत्वपूर्ण अपडेट

पिछले 24 घंटों में भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण प्रगति की हैं। इनमें दूरसंचार प्रौद्योगिकी और मानकीकरण में सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन, खगोल भौतिकी में ब्लैक होल के आकाशगंगाओं पर प्रभाव पर एक नई खोज, गगनयान मिशन की प्रगति, जैव प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर जोर और नैनोकणों के लिए एक अभिनव परमाणु स्टेंसिलिंग तकनीक का विकास शामिल है। ये अपडेट अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्रीय विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

भारत ने पिछले 24 घंटों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास देखे हैं, जो देश के बढ़ते तकनीकी और वैज्ञानिक परिदृश्य को उजागर करते हैं।

दूरसंचार प्रौद्योगिकी और मानकीकरण में सहयोग

दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (TEC), दूरसंचार विभाग की तकनीकी शाखा, ने अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद (IIIT-हैदराबाद) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग का उद्देश्य दूरसंचार प्रौद्योगिकी और मानकीकरण गतिविधियों में संयुक्त अध्ययन और तकनीकी योगदान देना है। यह समझौता ज्ञापन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) संचालित दूरसंचार नेटवर्क, साइबर सुरक्षा, स्मार्ट शहरों और क्वांटम संचार जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों पर केंद्रित होगा। इसका लक्ष्य भारत-विशिष्ट मानकों को विकसित करना और वैश्विक मानकीकरण निकायों में भारत की भूमिका को मजबूत करना है, जिससे दूरसंचार क्षेत्र में स्वदेशी अनुसंधान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

ब्लैक होल और आकाशगंगा निर्माण पर भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान की खोज

भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) के वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण खोज की है, जिसमें यह बताया गया है कि विशाल ब्लैक होल आकाशगंगाओं में नए सितारों के निर्माण को रोक सकते हैं। इस शोध से पता चला है कि ब्लैक होल के आसपास से निकलने वाला तीव्र विकिरण और उनके द्वारा उत्सर्जित उच्च गति वाले जेट आकाशगंगाओं के केंद्रों से गैस को बाहर निकाल सकते हैं, जिससे तारा निर्माण रुक जाता है और आकाशगंगाओं के विकास को नियंत्रित किया जा सकता है। यह अध्ययन स्लोन डिजिटल स्काई सर्वे (SDSS) के ऑप्टिकल डेटा को वेरी लार्ज एरे (VLA) के रेडियो डेटा के साथ जोड़कर किया गया था।

गगनयान मिशन की प्रगति

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने घोषणा की है कि भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन, गगनयान का 90% काम पूरा हो चुका है। भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के 2027 की शुरुआत में उड़ान भरने की उम्मीद है। मानव-रेटेड रॉकेट, क्रू मॉड्यूल और सुरक्षा प्रणालियों का विकास सफलतापूर्वक किया गया है, और 24 अगस्त, 2025 को पैराशूट परीक्षण भी सफल रहा था।

जैव प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यों की सक्रिय भागीदारी के साथ क्षेत्रीय शक्तियों का लाभ उठाकर स्थानीय जैव प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत का जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र राष्ट्रीय विकास का एक प्रमुख स्तंभ बन गया है और देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। जैव-नवाचार आंदोलन के अगले चरण को आगे बढ़ाने में क्षेत्रीय भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला गया है, जिससे भारत जैव प्रौद्योगिकी-संचालित नवाचार और सतत विकास का वैश्विक केंद्र बन सके।

नैनोकणों के लिए परमाणु स्टेंसिलिंग तकनीक

शोधकर्ताओं ने एक अभिनव परमाणु स्टेंसिलिंग तकनीक विकसित की है, जो माइक्रोस्कोपिक गोल्ड नैनोपार्टिकल्स पर पॉलिमर पैच को सटीक रूप से लगाने में सक्षम बनाती है। यह तकनीक पैच के आकार, आकृति और स्थान पर परमाणु-स्तर का नियंत्रण प्रदान करती है, जिससे 20 से अधिक विभिन्न प्रकार के पैटर्न वाले नैनोपार्टिकल्स का निर्माण संभव हो जाता है। इस सफलता से लक्षित दवा वितरण, अत्यधिक कुशल उत्प्रेरक, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्ट सामग्री जैसे क्षेत्रों में नए मेटामटेरियल्स के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होने की उम्मीद है।

कृषि के लिए एआई प्लेबुक

प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (OPSA) के कार्यालय ने 'भारत में भविष्य की खेती: कृषि के लिए AI प्लेबुक' नामक एक पुस्तिका जारी की है। यह पहल कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य नवाचार और स्थिरता के माध्यम से भारत की जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।

दूरसंचार (साइबर सुरक्षा) संशोधन नियम, 2025 अधिसूचित

दूरसंचार विभाग (DoT) ने दूरसंचार (साइबर सुरक्षा) संशोधन नियम, 2025 को अधिसूचित किया है। ये नियम भारत में दूरसंचार नेटवर्क की सुरक्षा और लचीलेपन को बढ़ाने के लिए नियामक ढांचे को मजबूत करते हैं।

Back to All Articles