GK Ocean

📢 Join us on Telegram: @current_affairs_all_exams1 for Daily Updates!
Stay updated with the latest Current Affairs in 13 Languages - Articles, MCQs and Exams

October 23, 2025 भारत सरकार की नवीनतम योजनाएं और नीतियां: वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनभोगियों, राशन लाभार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण अपडेट

भारत सरकार ने हाल ही में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों की घोषणा की है, जो विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनभोगियों, राशन लाभार्थियों और भारतीय मूल के शोधकर्ताओं को प्रभावित करेंगी। इन पहलों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्यापक लाभ, 7 राज्यों में पेंशन राशि में वृद्धि, राशन वितरण प्रणाली में डिजिटल परिवर्तन, और विदेशों में बसे भारतीय शोधकर्ताओं को वापस बुलाने की योजना शामिल है, जिनका उद्देश्य वित्तीय सुरक्षा बढ़ाना, सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना और देश में अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

पिछले 24 घंटों में, भारत सरकार ने कई नई योजनाओं और नीतियों की घोषणा की है या उनमें महत्वपूर्ण अपडेट किए हैं, जो देश के विभिन्न वर्गों को प्रभावित करेंगे। ये घोषणाएँ विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

वरिष्ठ नागरिक लाभ योजना 2025

21 अक्टूबर 2025 से, 60, 70 और 75 वर्ष की आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नई सुविधाओं और योजनाओं की घोषणा की गई है, जिससे उन्हें बड़ा फायदा मिलेगा। केंद्र सरकार ने "सीनियर सिटीजन कार्ड" नामक एक पहल शुरू की है, जो सभी लाभों को एक मंच पर लाएगा, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न योजनाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इस योजना के तहत, बुजुर्गों को आर्थिक, स्वास्थ्य, बीमा और यात्रा से जुड़ी राहतें मिलेंगी। यह प्रधानमंत्री वरिष्ठ नागरिक कल्याण योजना 2025 का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसका उद्देश्य 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को वित्तीय सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा और सामाजिक सहायता प्रदान करना है।

मुख्य लाभों में रेलवे और हवाई यात्रा पर 50% तक की छूट, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त स्वास्थ्य जांच, ₹2 लाख तक का हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज, हर पात्र बुजुर्ग के लिए पेंशन में ₹1,000 की वृद्धि, बैंक खातों पर 0.5%–1% तक अतिरिक्त ब्याज, और बिजली तथा प्रॉपर्टी टैक्स में राहत शामिल हैं। वित्तीय स्थिरता पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके तहत 60 वर्ष से ऊपर वालों को ₹3,000 मासिक पेंशन, 70 वर्ष वालों को ₹2,000 अतिरिक्त लाभ, और 75 वर्ष वालों को कुल ₹5,000 मासिक पेंशन सीधे उनके बैंक खातों में (Direct Benefit Transfer - DBT) दी जाएगी।

पेंशन के नए नियम (25 अक्टूबर 2025 से लागू)

25 अक्टूबर 2025 से, भारत के 7 राज्यों में पेंशन के नए नियम लागू होंगे, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को हर महीने ₹3500 मिलेंगे। इस कदम से बुजुर्गों, विधवाओं और विकलांगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे उन्हें अधिक मासिक पेंशन प्राप्त होगी। सरकार का लक्ष्य इन वर्गों के लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा और बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना है। नए नियमों से आवेदन और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, पुरानी कठिन प्रक्रियाओं की जगह अब डिजिटल और सरल प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस योजना का सीधा लाभ गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को मिलेगा, जिससे उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता आएगी। सरकार ने जिला स्तर पर अधिकारियों को पात्र लोगों की सूची तैयार करने और समय पर विभाग को भेजने का निर्देश दिया है, जिसमें 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों और 80% से अधिक दिव्यांगों को प्राथमिकता दी जाएगी। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन और विकलांग पेंशन मिलती है, जिसमें राज्य सरकारें अतिरिक्त सहायता जोड़ती हैं।

राशन कार्ड के नए नियम (25 अक्टूबर 2025 से लागू)

25 अक्टूबर 2025 से राशन वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव आ रहा है, जिसके तहत अब राशन कार्ड के बिना भी राशन लेने की सुविधा मिलेगी। सरकार की डिजिटल इंडिया पहल और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से यह नया नियम लागू किया जा रहा है। इस बदलाव के साथ, सरकार ने राशन वितरण की प्रक्रिया को और अधिक आसान, सुरक्षित और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का निर्णय लिया है। डिजिटल ई-केवाईसी और बैंक खाते की लिंकिंग के माध्यम से लाभार्थी आसानी से सरकारी राहत योजनाओं का लाभ उठा पाएंगे। नए नियमों के तहत, राशन पाने के लिए आधार कार्ड और बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से पहचान होगी, जिससे फर्जी राशन कार्ड बंद होंगे और सही लाभार्थियों तक मदद पहुंचेगी। इसके साथ ही, हर परिवार को सीधे उनके बैंक खाते में ₹1000 मासिक नकद लाभ भी मिलेगा। यह नई व्यवस्था पूरे भारत में समान रूप से लागू होगी।

विदेशों में भारतीय मूल के शोधार्थियों को वापस बुलाने की योजना

भारत सरकार विदेशों में बसे भारतीय मूल के शिक्षकों और शोधकर्ताओं को वापस बुलाने की योजना बना रही है। शिक्षा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों के परामर्श से एक योजना तैयार की जा रही है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्य करने वाले ऐसे भारतीय मूल के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को आकर्षित करना है, जो शोध या अध्यापन के लिए भारत में एक निश्चित अवधि बिताने के इच्छुक हैं। आईआईटी जैसे संस्थान भी प्रतिष्ठित विदेशी संकायों को आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं, जिनमें भारतीय मूल के संकाय सदस्य भी शामिल हैं जो अब विदेश में बस गए हैं।

Back to All Articles