भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण विकासों के केंद्र में रहा है, जिसमें वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश के लचीलेपन पर प्रकाश डाला गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) दोनों ने भारत के आर्थिक दृष्टिकोण के बारे में आशावाद व्यक्त किया है।
भारतीय अर्थव्यवस्था का लचीलापन और विकास अनुमान
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के अक्टूबर बुलेटिन के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था ने वैश्विक अनिश्चितता और कमजोर बाहरी मांग के बावजूद लचीलापन दिखाया है, जो "मजबूत और टिकाऊ व्यापक आर्थिक बुनियादी बातों" द्वारा समर्थित है। बुलेटिन में शहरी मांग में पुनरुत्थान और मजबूत ग्रामीण मांग के साथ भारत की विकास गति जारी रहने पर प्रकाश डाला गया है। कृषि क्षेत्र ने सामान्य से अधिक वर्षा और खरीफ की बुवाई में वृद्धि के कारण अपनी विकास गति को बनाए रखा है।
मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय कमी आई है, सितंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति में तेज कमी दर्ज की गई, जो जून 2017 के बाद का सबसे निचला स्तर है। इससे विकास को और समर्थन देने के लिए नीतिगत गुंजाइश बन गई है। आरबीआई ने 2025-26 के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर को 30 आधार अंक बढ़ाकर 6.8% कर दिया है।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी भारत के आर्थिक प्रदर्शन पर विश्वास व्यक्त किया है। IMF ने 2025 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के विकास अनुमान को 20 आधार अंक बढ़ाकर 6.6% कर दिया है। IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने भारत को वैश्विक विकास का इंजन बताया है। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) ने भी 2025 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद के विकास अनुमान को 40 आधार अंक बढ़ाकर 6.7% कर दिया है।
व्यापार तनाव और निर्यात विविधीकरण
वैश्विक व्यापार तनाव, विशेष रूप से अमेरिकी शुल्कों के कारण, चिंता का विषय बना हुआ है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश भारतीय वस्तुओं पर शुल्क लगाए जाने के बाद अमेरिका को भारतीय निर्यात में 37.5% की तेज गिरावट आई है। हालांकि, भारत अपनी निर्यात रणनीति में विविधता लाने और विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौते करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं। IMF ने भी 17 अक्टूबर, 2025 को चेतावनी दी थी कि अमेरिकी शुल्क वैश्विक व्यापार को नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया है।
शेयर बाजार और दिवाली ट्रेडिंग
भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान देखा गया, जिसमें सोमवार, 20 अक्टूबर, 2025 को सेंसेक्स और निफ्टी लगातार चौथे सत्र में बढ़े। बेंचमार्क सूचकांकों ने संवत 2081 में 6% से अधिक का लाभ दर्ज किया। रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व और एक्सिस बैंक शीर्ष लाभ पाने वालों में से थे। कुछ प्रमुख कंपनियों ने अपनी तिमाही आय की भी घोषणा की, जिसमें डिक्सन टेक्नोलॉजीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक ने मजबूत प्रदर्शन किया।
दिवाली उत्सव के मद्देनजर, भारतीय शेयर बाजार 20 अक्टूबर को सामान्य रूप से संचालित हुआ, लेकिन 21 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा के लिए बंद रहा, जिसमें नए संवत वर्ष की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए एक विशेष 'मुहुर्त ट्रेडिंग' सत्र आयोजित किया गया। बाजार 22 अक्टूबर को दिवाली बलिप्रतिपदा के लिए भी बंद रहेगा।
अन्य महत्वपूर्ण अपडेट
- चांदी की कीमतें 20 अक्टूबर, 2025 को भारत में ₹172/ग्राम पर स्थिर रहीं।
- त्योहारों के मौसम में घरेलू मांग, सहायक मौद्रिक स्थितियां और कर परिवर्तन अक्टूबर में भारतीय बाजारों में तेजी ला सकते हैं।
- नेट एफपीआई प्रवाह अक्टूबर में सकारात्मक हो गया, जो इक्विटी बाजार में नई भागीदारी और ऋण खंड में निरंतर निवेश को दर्शाता है।