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October 20, 2025 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति: चंद्रयान-2 की नई खोज से लेकर स्वदेशी एंटीबायोटिक तक

पिछले 24 घंटों में भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। इनमें चंद्रयान-2 द्वारा चंद्रमा पर सूर्य के कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के प्रभाव का पहली बार अवलोकन, भारत की पहली स्वदेशी एंटीबायोटिक दवा 'नेफिथ्रोमाइसिन' का विकास, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति, और आंध्र प्रदेश में गूगल का 15 बिलियन डॉलर का एआई डेटा सेंटर निवेश शामिल है। इसके अतिरिक्त, 11वें भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) की घोषणा और जैव चिकित्सा अनुसंधान करियर कार्यक्रम के तीसरे चरण को मंजूरी भी मिली है।

भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिदृश्य में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण अपडेट्स देखने को मिले हैं, जो देश की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी प्रगति को रेखांकित करते हैं।

चंद्रयान-2 ने चंद्रमा पर सूर्य के विस्फोट का प्रभाव देखा

भारत के चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान ने एक महत्वपूर्ण खोज की है, जिसमें उसने पहली बार सूरज से निकलने वाले कोरोनल मास इजेक्शन (CME) का चंद्रमा पर पड़ने वाला असर देखा है। CHACE-2 उपकरण ने 10 मई 2024 को चंद्रमा के दिन वाले हिस्से में एक्सोस्फीयर के दबाव में 10 गुना वृद्धि दर्ज की। इसरो के अनुसार, इस अवलोकन से चंद्रमा के वायुमंडल, अंतरिक्ष मौसम और भविष्य में चंद्र बेस के निर्माण की योजना के लिए महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी, क्योंकि चंद्रमा के पास पृथ्वी जैसा सुरक्षात्मक चुंबकीय क्षेत्र नहीं है।

भारत की पहली स्वदेशी एंटीबायोटिक दवा 'नेफिथ्रोमाइसिन' विकसित

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि भारत ने अपनी पहली स्वदेशी एंटीबायोटिक दवा 'नेफिथ्रोमाइसिन' विकसित कर ली है। यह दवा प्रतिरोधी श्वसन संक्रमणों के इलाज में प्रभावी है और विशेष रूप से कैंसर तथा अनियंत्रित मधुमेह के रोगियों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। यह उपलब्धि देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नए संयंत्र का उद्घाटन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया है कि भारत ने रक्षा उपकरणों के घरेलू उत्पादन में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसमें अब 65% रक्षा हार्डवेयर का उत्पादन देश में ही हो रहा है। उन्होंने 100% आत्मनिर्भरता का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी क्रम में, उन्होंने लखनऊ में पीटीसी इंडस्ट्रीज के 'स्ट्रेटेजिक मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी कॉम्प्लेक्स' में एक टाइटेनियम और सुपरअलॉय मैटेरियल्स प्लांट राष्ट्र को समर्पित किया। यह संयंत्र रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों के लिए दुर्लभ सामग्री का उत्पादन करेगा, जिससे उन्नत प्रौद्योगिकियों के लिए विदेशी निर्भरता कम होगी।

आंध्र प्रदेश में गूगल का 15 अरब डॉलर का एआई निवेश

गूगल ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए पांच वर्षों (2026-2030) में 15 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की है। यह सुविधा अमेरिका के बाहर गूगल की सबसे बड़ी एआई सुविधा होगी, जिसमें गीगावाट-स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता होगी। यह निवेश भारत को वैश्विक एआई परिदृश्य में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

11वां भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF 2025) चंडीगढ़ में

11वां भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF 2025) 6 से 9 दिसंबर, 2025 तक चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष का मुख्य विषय "विज्ञान से समृद्धि: आत्मनिर्भर भारत के लिए" है, जो विज्ञान को समृद्धि और आत्मनिर्भरता के प्रमुख साधन के रूप में दर्शाता है।

जैव चिकित्सा अनुसंधान करियर कार्यक्रम (BRCP) के तीसरे चरण को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जैव चिकित्सा अनुसंधान करियर कार्यक्रम (BRCP) के तीसरे चरण को मंजूरी दे दी है। 1500 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ, यह कार्यक्रम 2025-26 से 2030-31 तक लागू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भारत में जैव चिकित्सा विज्ञान, नैदानिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान में विश्व स्तरीय अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।

इसरो में वैज्ञानिक और तकनीकी पदों पर भर्ती

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC SHAR) ने विभिन्न वैज्ञानिक, तकनीकी और सहायक पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 नवंबर, 2025 है, जो इच्छुक उम्मीदवारों के लिए देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम में योगदान करने का अवसर प्रदान करती है।

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