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October 19, 2025 भारत सरकार की प्रमुख योजनाएँ और नीतियाँ: नवीनतम अपडेट

पिछले 24 घंटों में, भारत सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों में अपडेट जारी किए हैं। इनमें व्हाइट गुड्स के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना की आवेदन विंडो का विस्तार, राशन कार्ड और गैस सिलेंडर के लिए नए नियमों का कार्यान्वयन, और राज्य खनन तत्परता सूचकांक (SMRI) का अनावरण शामिल है। इसके अतिरिक्त, आधार प्रमाणीकरण को मजबूत करने और 'ओआरएस' लेबल के दुरुपयोग पर लगाम लगाने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।

भारत सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियों और योजनाओं से संबंधित नवीनतम अपडेट जारी किए हैं, जो पिछले 24 घंटों के दौरान सामने आए हैं। ये अपडेट विभिन्न क्षेत्रों में पारदर्शिता, दक्षता और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित हैं।

व्हाइट गुड्स के लिए PLI योजना की आवेदन विंडो का विस्तार

भारत सरकार ने एयर कंडीशनर और एलईडी लाइटों (व्हाइट गुड्स) के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना के चौथे दौर के लिए आवेदन विंडो को 10 नवंबर, 2025 तक बढ़ा दिया है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अनुसार, यह विस्तार उद्योग से मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया और योजना के तहत निवेश में बढ़ती रुचि को दर्शाता है। यह कदम निर्माताओं को प्रोत्साहन संरचना के साथ अपनी निवेश योजनाओं को संरेखित करने के लिए अधिक समय देने के उद्देश्य से है। अप्रैल 2021 में ₹6,238 करोड़ के वित्तीय परिव्यय के साथ शुरू की गई यह योजना, भारत की विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने, घटकों के स्थानीयकरण को बढ़ावा देने और इन क्षेत्रों में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य मूल्य संवर्धन और आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा देना भी है, जिससे विदेशी आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भरता कम हो सके।

राशन कार्ड और गैस सिलेंडर के लिए नए नियम

केंद्र सरकार ने 18 अक्टूबर, 2025 से राशन कार्ड और गैस सिलेंडरों से संबंधित नए नियम लागू किए हैं। इन परिवर्तनों का प्राथमिक लक्ष्य कल्याणकारी योजनाओं को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और लाभार्थी-केंद्रित बनाना है, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रत्येक पात्र परिवार को निष्पक्ष और कुशलता से लाभ मिले। मुख्य परिवर्तनों में शामिल हैं: प्रति परिवार केवल एक राशन कार्ड की वैधता; आधार और मोबाइल नंबर को अनिवार्य रूप से जोड़ना, जिससे प्रत्येक राशन वितरण के लिए सुरक्षित ओटीपी सत्यापन सक्षम हो सके; गैस सब्सिडी के लिए बैंक खाते को जोड़ना, यह सुनिश्चित करना कि सब्सिडी केवल गैस कनेक्शन धारक के समान नाम वाले बैंक खातों में जमा की जाए; और धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए तकनीकी निगरानी, जिसमें नकली कार्ड, गलत कनेक्शन और अनियमित सब्सिडी दावों की पहचान के लिए उन्नत प्रणालियों और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग किया जाएगा। इन परिवर्तनों से नकली लाभार्थियों को खत्म करने और खाद्य अनाज वितरण में पारदर्शिता लाने की उम्मीद है।

राज्य खनन तत्परता सूचकांक (SMRI) का अनावरण

खान मंत्रालय ने खनन क्षेत्र में राज्यों के प्रदर्शन को बेंचमार्क करने के लिए पहला राज्य खनन तत्परता सूचकांक (SMRI) और राज्य रैंकिंग (2025) जारी की है। SMRI गैर-कोयला खनिजों के विकास, निवेश-अनुकूल नीतियों, स्थायी संसाधन प्रबंधन और राज्यों के बीच सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए एक सुधार बेंचमार्किंग उपकरण के रूप में कार्य करता है। यह राज्यों का मूल्यांकन चार मानदंडों पर करता है: नीलामी प्रदर्शन, खदान संचालन, अन्वेषण प्रयास और स्थायी खनन प्रथाएं।

आधार प्रमाणीकरण के लिए SITAA योजना

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार प्रमाणीकरण सुरक्षा को बढ़ावा देने और डीपफेक, स्पूफिंग और बायोमेट्रिक धोखाधड़ी का मुकाबला करने के लिए आधार के साथ नवाचार और प्रौद्योगिकी संघ (SITAA) योजना शुरू की है। यह योजना स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और उद्योग को आधार प्रमाणीकरण के लिए उन्नत बायोमेट्रिक और एआई-आधारित समाधानों को सह-विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे पहचान सत्यापन मजबूत होता है।

'ओआरएस' लेबल के दुरुपयोग पर FSSAI का प्रतिबंध

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने यह निर्देश दिया है कि कोई भी उत्पाद 'ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट्स (ORS)' टैग का उपयोग तब तक नहीं कर सकता जब तक कि उसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा अनुमोदित न किया गया हो। यह विनियमन उपभोक्ता धोखे और संबंधित स्वास्थ्य जोखिमों को रोकने के लिए है, क्योंकि कई पेय कंपनियां ओआरएस लेबल के साथ शर्करा युक्त पेय का विपणन करती हैं।

केंद्रीय योजनाओं के धीमे कार्यान्वयन पर चिंता

विशाखापत्तनम के सांसद ने केंद्रीय सरकार की योजनाओं, विशेष रूप से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, के धीमे कार्यान्वयन पर चिंता व्यक्त की है। एक समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 9 अक्टूबर तक पंजीकृत 12,428 आवेदनों में से केवल 3,194 इंस्टॉलेशन ही पूरे हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप केवल 25% प्रगति दर रही है। सांसद ने दीपम 2.0 योजना के तहत सब्सिडी राशि जमा करने में देरी पर भी सवाल उठाया।

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