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October 19, 2025 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम अपडेट्स: प्रमुख सम्मेलन, अंतरिक्ष मिशन और स्वदेशी नवाचार

पिछले 24 घंटों में भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिदृश्य में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। इनमें आगामी 'उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC-2025)' और 'भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) 2025' की घोषणाएं शामिल हैं, जो देश में वैज्ञानिक नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर केंद्रित हैं। इसके अतिरिक्त, नासा-इसरो निसार उपग्रह के प्रक्षेपण की तिथि की पुष्टि की गई है, भारत के जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, एक स्वदेशी एंटीबायोटिक विकसित किया गया है, और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

भारत अपने वैज्ञानिक और तकनीकी कौशल को लगातार मजबूत कर रहा है, और पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण अपडेट्स सामने आए हैं जो देश की प्रगति को दर्शाते हैं।

उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC-2025)

भारत के शीर्ष वैज्ञानिक, नवप्रवर्तक और नीति निर्माता अगले महीने (3-5 नवंबर) भारत मंडपम में 'उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC-2025)' के लिए एकत्रित होंगे। इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है। इसमें वैश्विक विशेषज्ञों और नोबेल पुरस्कार विजेताओं के संबोधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी हस्तियों, महिला उद्यमियों और 'डीप-टेक स्टार्टअप' के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ विषयगत तकनीकी चर्चाएं शामिल होंगी। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस सम्मेलन के बारे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जानकारी दी है।

भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) 2025

11वां भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) 2025 चंडीगढ़ में 6 से 9 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष का विषय "विज्ञान से समृद्धि - विज्ञान से आत्मनिर्भरता तक" है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने IISF 2025 के कर्टन-रेज़र कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसमें वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। यह महोत्सव पांच प्रमुख विषयों पर केंद्रित होगा, जिनमें उत्तर-पश्चिम हिमालयी क्षेत्र में विज्ञान और प्रौद्योगिकी, समाज के लिए विज्ञान, आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और जैव-अर्थव्यवस्था, तथा पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का एकीकरण शामिल हैं।

नासा-इसरो निसार उपग्रह का प्रक्षेपण

नासा और इसरो का संयुक्त निसार (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar) उपग्रह 30 जुलाई, 2025 को श्रीहरिकोटा से शाम 5:40 बजे IST पर प्रक्षेपित किया जाएगा। यह 1.5 बिलियन डॉलर का मिशन हर 12 दिन में पृथ्वी की भूमि और बर्फीली सतहों की निगरानी करेगा। यह उच्च-रिज़ॉल्यूशन, हर मौसम और दिन-रात का डेटा प्रदान करेगा, जिससे पृथ्वी की सतह में सूक्ष्म परिवर्तनों का पता लगाने, समुद्री बर्फ की निगरानी करने, जहाजों का पता लगाने, तूफानों को ट्रैक करने, सतही जल का मानचित्रण करने और आपदा प्रतिक्रिया में सहायता मिलेगी।

डीप टेक और ज्ञान-आधारित नवाचार

एक संपादकीय विश्लेषण ने "विकसित भारत 2047" के लक्ष्य को प्राप्त करने और वैश्विक नेता बनने के लिए डीप टेक्नोलॉजी और ज्ञान-आधारित नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला है। इसमें आर एंड डी और नवाचार अंतर को पाटने के लिए सरकारी नीतियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के निवेश और नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तीव्र वृद्धि

भारत का जैव प्रौद्योगिकी (बायोटेक) क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। 2018 में लगभग 500 बायोटेक स्टार्टअप्स से बढ़कर 2025 तक इनकी संख्या 10,000 से अधिक हो गई है, जिसे 25 राज्यों में फैले 94 इनक्यूबेटरों के नेटवर्क का समर्थन प्राप्त है। यह वृद्धि किफायती अनुसंधान एवं विकास, विविध प्रतिभा पूल और तीव्र डिजिटल एकीकरण से प्रेरित है।

स्वदेशी एंटीबायोटिक नैफिथ्रोमाइसिन

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि भारत ने अपना पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक, नैफिथ्रोमाइसिन, विकसित कर लिया है।

एचएएल में उत्पादन लाइन का विस्तार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 17 अक्टूबर, 2025 को एचएएल नासिक में हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस Mk1A के लिए तीसरी उत्पादन लाइन और हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर (HTT)-40 के लिए दूसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन किया। यह कदम घरेलू विमान उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के अनुरूप है। LCA Mk1A में 75% स्वदेशी सामग्री है (लक्ष्य 85%) और HTT-40 पूरी तरह से एचएएल द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है।

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