भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार परिदृश्य में पिछले 24-48 घंटों के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और रुझान सामने आए हैं, जो देश के मजबूत आर्थिक प्रक्षेपवक्र को दर्शाते हैं।
निर्यात और व्यापार में वृद्धि
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विश्वास व्यक्त किया है कि वैश्विक व्यापार व्यवधानों और अमेरिकी शुल्कों की चुनौतियों के बावजूद, भारत चालू वित्त वर्ष 2025-26 में सकारात्मक निर्यात वृद्धि दर्ज करेगा। उन्होंने बताया कि अप्रैल-सितंबर 2025-26 की अवधि के दौरान देश का कुल वस्तु और सेवा निर्यात लगभग 5 प्रतिशत बढ़कर 413.3 बिलियन डॉलर हो गया है। गोयल ने यह भी कहा कि हाल ही में माल और सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती से निवेशक भावना को बढ़ावा मिला है।
जीएसटी सुधारों से खपत में उछाल
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पुष्टि की है कि 22 सितंबर को लागू हुए जीएसटी 2.0 सुधारों ने खपत को महत्वपूर्ण बढ़ावा दिया है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रिकॉर्ड त्योहारी बिक्री हुई है। उन्होंने कहा कि दोपहिया, चारपहिया और टेलीविजन जैसे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं सहित 54 दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर जीएसटी कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया गया है। सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि खपत में यह वृद्धि वित्तीय वर्ष 2025-26 के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों में भी परिलक्षित हो सकती है। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नवरात्रि के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में 25% की वृद्धि हुई है और खाद्य कीमतों में कमी आई है।
शेयर बाजार का प्रदर्शन और निवेश
भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों ने लगातार तीसरे सप्ताह बढ़त दर्ज की, जिसमें बीएसई सेंसेक्स 1.75 प्रतिशत बढ़कर 83,952.19 पर और निफ्टी50 1.67 प्रतिशत बढ़कर 25,709.85 पर बंद हुआ। रियल्टी, पूंजी बाजार, एफएमसीजी और ऑटो जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई, जबकि मीडिया और आईटी जैसे क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सप्ताह के अंतिम तीन सत्रों में शुद्ध खरीदार रहे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार 26वें सप्ताह खरीदार बने रहे। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 72 पैसे मजबूत होकर 87.97 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
प्रमुख व्यापारिक सौदों में, यूएई के एमिरेट्स एनबीडी बैंक पीजेएससी ने आरबीएल बैंक में बहुमत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 3.05 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है, जो भारतीय बैंक में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है। इसके अतिरिक्त, टाटा कैपिटल का 155 बिलियन रुपये (1.7 बिलियन डॉलर) का प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) इस वर्ष भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन गया है। Q3 2025 में भारत का डीलमेकिंग 39.9 बिलियन डॉलर के साथ कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो विलय और अधिग्रहण (एम एंड ए) और आईपीओ में रिकॉर्ड उछाल से प्रेरित था। एम्ब्रेयर डिफेंस एंड सिक्योरिटी और महिंद्रा ग्रुप ने भारतीय वायु सेना के मध्यम परिवहन विमान कार्यक्रम के लिए रणनीतिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
आर्थिक दृष्टिकोण और नीतियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2025 में कहा कि भारत "कमजोर पांच" देशों से दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है, जो मजबूत वृद्धि, कम मुद्रास्फीति और रिकॉर्ड वैश्विक निवेश को उजागर करता है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने भारत के आर्थिक सुधारों की सराहना की और 2025 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.6% कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दर को 5.50% पर अपरिवर्तित रखा है और वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी विकास पूर्वानुमान को 6.8% तक बढ़ाया है। प्रधान मंत्री के प्रधान सचिव-2 शक्तिकांत दास ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था लचीली है और संरचनात्मक सुधारों और विवेकपूर्ण व्यापक आर्थिक नीतियों के कारण बाहरी झटकों का सामना कर सकती है। कर्नाटक में म्यूचुअल फंड परिसंपत्तियां अगस्त 2025 तक लगभग 5.67 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई हैं, जो पिछले दशक में पांच गुना वृद्धि दर्शाती हैं।
चुनौतियां
इन सकारात्मक घटनाक्रमों के बीच, भारत के दिवालियापन कानूनों की प्रभावशीलता पर चिंताएं उठाई गई हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2016 के दिवालियापन कानून, जिनका उद्देश्य व्यवसाय समाधानों में तेजी लाना था, आंशिक सफलता ही हासिल कर पाए हैं, जिसमें अधिकांश मामले 270 दिनों की कानूनी समय-सीमा को पार कर गए हैं और वसूली औसत केवल 32 प्रतिशत रहा है।